बीकानेर, राजस्थान। पुष्करणा समाज के उत्पत्ति दिवस कार्यक्रमों की श्रृंखला में पहली बार पांच दिवसीय आयोजन की शुरुआत पुष्करणा मेले से हुई। स्थानीय पुष्करणा स्टेडियम में लगे मेले का उद्घाटन गोकुल जोशी, डॉ सत्यप्रकाश आचार्य और अखिल भारतीय पुष्टिकर सेवा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रूप किशोर व्यास ने फीता खोलकर किया। अतिथियों ने मां उष्ट्रवाहिनी का पूजन कर मेले का अवलोकन किया और महिला उद्यमियों की ओर से तैयार वस्तुओं की खरीदारी कर उनका उत्साह बढ़ाया। पुष्करणा मेला परंपरा और महिला आत्मनिर्भरता को एक मंच पर लाने की पहल के रूप में सामने आया।
उद्घाटन के दौरान अतिथियों ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऐसे मेलों की आज के समय में जरूरत है। उनका कहना था कि नए महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद लोगों तक पहुंचाने और कारोबार को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है। उन्होंने ऐसे आयोजनों की निरंतरता बनाए रखने का आह्वान किया। श्री पुष्करणा प्रन्यास और आयोजन समिति के तत्वावधान में आयोजित इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में शाम को पारंपरिक गीतों का आयोजन भी हुआ। महिलाओं ने केसरिया बालम आयो नी पधारो म्हारे देश सहित राजस्थानी गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को रंगीन बना दिया।
आयोजन समिति के अनिल आचार्य ने बताया कि कार्यक्रम में समाज की 40 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थाओं को सम्मानित किया गया। अतिथि पूर्व शिक्षा अधिकारी विजय शंकर आचार्य, रमेश हर्ष और महेश जोशी ने संस्थाओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में समाज के लोगों की मौजूदगी रही और महिला उद्यमियों की ओर से लगाए गए उत्पादों को भी लोगों ने देखा। आयोजकों के मुताबिक पुष्करणा मेला समाज की परंपरा के साथ नए उद्यम और महिला प्रतिभा को आगे बढ़ाने का अवसर दे रहा है।
आयोजन सचिव अनिल पुरोहित ने बताया कि रविवार दोपहर रंगोली प्रतियोगिता और शाम को हास्य कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 24 अगस्त को मेहंदी मांडना प्रतियोगिता, साहित्यकार पत्रकार सम्मान समारोह और संगोष्ठी होगी। 25 अगस्त को महिलाओं के लिए पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता रखी गई है। इसी शाम दीपदान, वरिष्ठ अधिवक्ताओं का सम्मान और संगोष्ठी भी होगी। आयोजकों ने कार्यक्रमों को समाज के अलग अलग वर्गों की भागीदारी से जोड़ने की तैयारी की है।
पुष्करणा दिवस के मुख्य दिन 26 अगस्त को सुबह मां उष्ट्रवाहिनी का पूजन होगा। इसके बाद आया सावन झूम के पारंपरिक नृत्य, वेद पाठ, भजन संध्या और महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा। आयोजन में परंपरा, संस्कृति और सामाजिक सहभागिता को केंद्र में रखा गया है। पुष्करणा मेला से शुरू हुई यह श्रृंखला आने वाले दिनों में प्रतियोगिताओं, सम्मान समारोहों, संगोष्ठियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए आगे बढ़ेगी। कार्यक्रम में रासबिहारी जोशी, एडवोकेट सोमदत्त पुरोहित, भंवर पुरोहित, राजीव हर्ष सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
उद्घाटन कार्यक्रम में जयनारायण बिस्सा, बद्री दास जोशी, महेंद्र व्यास, वीरेंद्र किराडू, सुभाष जोशी, दिनेश चूरा, रवि आचार्य, राजकुमारी व्यास, आरती आचार्य, शिवराज व्यास, किशोर आचार्य, शारदा पुरोहित, ओकार हर्ष, नागू भा पुरोहित, सेनूका हर्ष, सुमन ओझा, प्रेम शंकर रंगा, नवरत्न व्यास, शशि व्यास, विजय भादाणी और विजय पुरोहित सहित कई लोग उपस्थित रहे। पुष्करणा मेला के जरिए आयोजकों ने समाज की परंपरा को नए प्रयोगों के साथ जोड़ने और महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देने का संदेश दिया।
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Author:अजय त्यागी
August 22, 2026: 10:05 PM
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