अमरावती, महाराष्ट्र। NICU में आग की घटना ने जिला महिला अस्पताल में हड़कंप मचा दिया। सोमवार तड़के करीब 3.30 बजे तीसरी मंजिल पर स्थित नवजात गहन चिकित्सा इकाई में अचानक आग फैल गई। भारी धुएं के कारण तीन नवजात शिशुओं की दम घुटने से मौत हो गई। छह अन्य प्रभावित नवजातों को स्थानीय सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक जानकारी में वेंटिलेटर में धमाके के बाद आग लगने की बात सामने आई है। [1]
NICU में आग का पता चलते ही ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों, नर्सों और अस्पताल कर्मचारियों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। कर्मचारियों ने प्रभावित वार्ड से कई नवजातों को बाहर निकाला और उन्हें सुरक्षित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। तीसरी मंजिल पर तीन नवजात गहन चिकित्सा इकाइयां हैं, जिनकी कुल क्षमता 39 बिस्तरों की है। हादसे वाली इकाई में नौ से बारह हाई रिस्क और समय से पहले जन्मे नवजातों के उपचाराधीन होने की जानकारी सामने आई है।
NICU में आग के बाद छह नवजातों को बेहतर उपचार के लिए सुपर स्पेशलिटी अस्पताल भेजा गया। अस्पताल प्रशासन प्रभावित बच्चों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। मृत नवजातों के परिवारों में शोक का माहौल है। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार वेंटिलेटर में हुए विस्फोट के बाद आग और धुआं तेजी से वार्ड में फैल गया। हालांकि विस्फोट की वजह अभी स्पष्ट नहीं है और अधिकारी घटनास्थल की जांच कर यह पता लगाने में जुटे हैं कि तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण से यह हादसा हुआ।
Watch | महाराष्ट्र के अमरावती जिला महिला अस्पताल की नवजात गहन चिकित्सा इकाई में सोमवार तड़के भीषण आग लगने से तीन नवजात बच्चों की मौत हो गई।
— यूनीवार्ता (@univartaindia1) August 24, 2026
सूत्रों के अनुसार आग सुबह करीब 3:30 बजे अस्पताल की तीसरी मंजिल पर वेंटिलेटर में अचानक विस्फोट के बाद लगी। हादसे के समय वार्ड में 39… pic.twitter.com/RGNDcxmR8Q
NICU में आग ने अस्पताल की आपातकालीन तैयारी और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल की इमारत हाल में निर्मित हुई थी और करीब एक वर्ष पहले इसका उद्घाटन हुआ था। प्रारंभिक जानकारी में स्वचालित आग बुझाने वाली प्रणाली के सक्रिय नहीं होने की बात सामने आई है। अधिकारी यह भी जांच रहे हैं कि जिस वेंटिलेटर में विस्फोट हुआ, वह पुराना था या उसके रखरखाव में कोई कमी थी। तकनीकी कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
NICU में आग के बाद दमकल विभाग की प्रतिक्रिया और अलार्म मिलने के बाद मौके पर पहुंचने के समय को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि घटना के समय जिम्मेदार कर्मचारी कहां तैनात थे और उन्होंने किस तरह प्रतिक्रिया दी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। प्रशासन ने घटना की जवाबदेही तय करने के लिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच में तकनीकी और प्रशासनिक दोनों पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।
हादसे पर जिला संरक्षक मंत्री और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृत नवजातों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया। मंत्री ने व्यापक जांच के आदेश की पुष्टि की है। जिला प्रशासन को प्रभावित नवजातों का उपचार बिना बाधा जारी रखने और परिवारों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। घटनास्थल पर आपातकालीन उपाय फिलहाल सक्रिय हैं।
NICU में आग की जांच के दौरान वेंटिलेटर विस्फोट, अग्निशमन प्रणाली, अलार्म की प्रतिक्रिया और ड्यूटी कर्मचारियों की भूमिका जैसे पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। पुलिस और प्रशासन यह भी पता लगाएंगे कि आग इतनी तेजी से कैसे फैली और बचाव व्यवस्था ने किस तरह काम किया। फिलहाल छह नवजातों का उपचार जारी है। हादसे ने नवजात चिकित्सा इकाइयों में अग्नि सुरक्षा, उपकरणों के रखरखाव और आपातकालीन तैयारियों को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। आग के वास्तविक कारण और किसी तकनीकी या प्रशासनिक चूक से संबंधित निष्कर्ष जांच पूरी होने तक अंतिम नहीं माने जाने चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
August 24, 2026: 11:35 AM
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