बेंगलुरु, कर्नाटक। ईडी की तलाशी ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग की भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच को और तेज कर दिया है। प्रवर्तन निदेशालय ने आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार के बेंगलुरु स्थित घर में करीब 9 घंटे तक तलाशी ली। अधिकारी उस समय घर पर मौजूद नहीं थे। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, जांच टीम ने घर के अलग अलग हिस्सों की गहन पड़ताल की, लेकिन वहां ज्यादा महत्वपूर्ण सामग्री नहीं मिली। मामला पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित रिश्वतखोरी से जुड़ा है। [1]
सूत्रों के मुताबिक ज्ञानेंद्र कुमार कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश चले गए थे। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने बताया था कि अधिकारी अपने पिता की तबीयत खराब होने के कारण वहां गए हैं। तलाशी के दौरान ईडी की टीम ने अलमारियों, दीवारों और फर्श के नीचे तक जांच की। छिपे दस्तावेज या दूसरी सामग्री तलाशने के लिए जांच उपकरणों का भी इस्तेमाल किया गया। ईडी की तलाशी में घर से एक डायरी और कुछ अभिलेख मिलने की बात कही गई है। अधिकारियों ने उपलब्ध बैंक विवरण और निजी कंपनियों से जुड़े कागजात भी देखे।
सूत्रों का दावा है कि अधिकारी घर से अपना लैपटॉप, मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण साथ ले गए थे। इसी वजह से जांच टीम को वहां अपेक्षाकृत कम सामग्री मिली। ज्ञानेंद्र कुमार 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और मार्च तक KPSC में परीक्षा नियंत्रक रह चुके हैं। इस दौरान वह कर्नाटक प्रशासनिक सेवा परीक्षा और पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े थे। तलाशी खत्म होने के बाद ईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए पेश होने का नोटिस भी घर पर चस्पा किया है।
पूरा मामला पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित गड़बड़ियों से जुड़ा है। आरोप है कि कुछ उम्मीदवारों से नियुक्ति दिलाने के बदले 70 लाख से 80 लाख रुपये तक मांगे गए थे। जांच एजेंसियां कथित लेनदेन, बिचौलियों की भूमिका और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दूसरे पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। इससे पहले 18 August को ईडी ने KPSC कार्यालय, पूर्व अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहुकार, एक सदस्य, कथित बिचौलियों और परीक्षा से जुड़े निजी संस्थानों समेत 21 ठिकानों पर कार्रवाई की थी।
ईडी की तलाशी के बाद अब जांच एजेंसी की नजर उन दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड पर है, जिनसे कथित धन के प्रवाह और भर्ती प्रक्रिया में शामिल लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। अधिकारी के घर से महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं मिलने की बात ने जांच को और दिलचस्प बना दिया है, लेकिन इससे किसी व्यक्ति की भूमिका या दोष अभी साबित नहीं होता। मामले में जांच जारी है और आगे पूछताछ तथा दूसरे ठिकानों पर कार्रवाई के आधार पर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। KPSC भर्ती में कथित अनियमितताओं और रिश्वत के आरोपों की जांच अभी जारी है और किसी व्यक्ति को जांच पूरी होने से पहले दोषी नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
August 24, 2026: 12:26 PM
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