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Latest News जम्मू और कश्मीर Digital Newsletter 24 Aug 2026 · 4:21 PM

कश्मीरी पंडितों को धमकी से घाटी में सुरक्षा को लेकर फिर चिंता बढ़ी

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली, दिल्ली। कश्मीरी पंडितों को धमकी से जम्मू कश्मीर में सुरक्षा को लेकर नई चिंता सामने आई है। हाल में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक पत्र में समुदाय के कुछ लोगों के नाम, पते और संपर्क विवरण होने का दावा किया गया है। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, खुफिया अधिकारियों को आशंका है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ऐसे स्थानीय मोर्चों के जरिए लोगों की जानकारी जुटाने की कोशिश कर सकती है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां सामने आए पत्रों की प्रामाणिकता और उनके पीछे के नेटवर्क की जांच कर रही हैं। [1]

धमकी पत्र ने बढ़ाई चिंता

मामले में यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल यानी ULC का नाम सामने आया है। भारतीय खुफिया सूत्रों ने इसे लश्कर ए तैयबा से जुड़ा मोर्चा बताया है। अगस्त की शुरुआत में सामने आए एक पत्र में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को निशाना बनाते हुए उनके परिवार, काम की जगह और संपर्क विवरण होने का दावा किया गया था। इसके बाद सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी और कुछ कर्मचारियों को सावधानी के तौर पर घर पर रहने या सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दिए जाने की खबरें सामने आईं। 

24 अगस्त को सामने आई एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, एक और कथित धमकी पत्र सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ है, जिसमें कुछ कर्मचारियों के नाम, पते और वाहन से जुड़े विवरण होने की बात कही गई है। हालांकि, ऑल पीएम पैकेज एम्प्लॉइज फोरम कश्मीर ने स्पष्ट किया है कि पत्र की प्रामाणिकता की पुष्टि अभी पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों ने नहीं की है। यही वजह है कि कश्मीरी पंडितों को धमकी के मामले में जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि निजी जानकारी वास्तव में कहां से मिली और पत्र किसने तैयार किया। 

आईएसआई पर क्या आशंका

खुफिया अधिकारियों का दावा है कि आईएसआई से जुड़े तत्व सामाजिक संगठनों जैसे दिखने वाले स्थानीय मोर्चों का इस्तेमाल जानकारी जुटाने के लिए कर सकते हैं। उनके अनुसार, ऐसे लोग स्थानीय निवासियों से मुलाकात कर उनके काम की जगह, घर का पता और फोन नंबर जैसी जानकारी हासिल कर उसे सीमा पार बैठे संचालकों तक पहुंचा सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियां आशंका जता रही हैं कि इस तरह की जानकारी का इस्तेमाल डर पैदा करने या लक्षित हिंसा की योजना में किया जा सकता है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

कश्मीरी पंडितों को धमकी का यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि समुदाय पहले आतंकवाद और हिंसा के दौर में बड़े पैमाने पर विस्थापन झेल चुका है। हाल की धमकियों ने घाटी में काम कर रहे कर्मचारियों और उनके परिवारों के बीच फिर सुरक्षा की चिंता बढ़ाई है। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने खतरे को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती है। कुछ संगठनों ने भी सरकार से खतरे का व्यापक आकलन करने और प्रभावित लोगों की सुरक्षा मजबूत करने की मांग की है। 

जांच में असली चुनौती

फिलहाल जांच का अहम सवाल यही है कि सामने आए धमकी पत्र वास्तविक आतंकी नेटवर्क से जुड़े हैं या डर फैलाने की किसी बड़ी कोशिश का हिस्सा हैं। सुरक्षा एजेंसियां पत्रों के स्रोत, डिजिटल गतिविधियों और निजी जानकारी के संभावित स्रोतों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों ने लोगों से संवेदनशील जानकारी अनजान व्यक्तियों या संदिग्ध संगठनों के साथ साझा नहीं करने की सावधानी बरतने को कहा है। कश्मीरी पंडितों को धमकी के बीच प्रशासन के सामने सुरक्षा भरोसा बनाए रखने और वास्तविक खतरे की पहचान करने की दोहरी चुनौती है। 

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और उपलब्ध समाचार स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। धमकी पत्रों की प्रामाणिकता, उनके पीछे के नेटवर्क और आईएसआई या किसी संगठन की प्रत्यक्ष भूमिका से जुड़े दावों की संबंधित सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं और किसी अपुष्ट दावे को अंतिम तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी August 24, 2026: 4:21 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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