भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। प्रदेश के हजारों स्कूली विद्यार्थियों के लिए 31 अगस्त खास दिन बनने जा रहा है। भारत विकास परिषद की ओर से देशभर में एक साथ होने वाली 'भारत को जानो' लिखित परीक्षा में राजस्थान से 3500 से अधिक विद्यालयों के 5 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेशभर में परीक्षा की तैयारियां पूरी होने का दावा किया गया है। परिषद के कार्यकर्ता स्कूलों से संपर्क कर रहे हैं और शिक्षा विभाग तथा स्थानीय प्रशासन का सहयोग भी आयोजन को मिल रहा है।
परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष राधेश्याम रंगा के अनुसार राजस्थान में सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों में यह 'भारत को जानो' प्रतियोगिता कराई जाएगी। परिषद की 265 शाखाओं के कार्यकर्ता परीक्षा संचालन के लिए विद्यालयों तक पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि भारत विकास परिषद 1963 से सेवा, संस्कार, समर्पण और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े कार्य कर रही है। संगठन का जोर विद्यार्थियों को देश की संस्कृति और इतिहास से जोड़ने पर है। परीक्षा के जरिए बच्चों में भारत की विरासत को समझने और उस पर गर्व करने की भावना मजबूत करने की कोशिश होगी।
क्षेत्रीय महासचिव सी ए संदीप बाल्दी ने बताया कि परिषद 2001 से स्तर पर भारत को जानो प्रतियोगिता आयोजित कर रही है। देशभर में हर वर्ष 18 लाख से अधिक विद्यार्थी इसमें शामिल होते हैं और 3 लाख से ज्यादा पुस्तकें विद्यार्थियों तक पहुंचाई जाती हैं। राजस्थान में इस बार 5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य है। सभी परीक्षा केंद्रों पर कनिष्ठ और वरिष्ठ वर्ग के प्रश्नपत्र भेजे जा चुके हैं। शाखा स्तर के कार्यकर्ता स्कूलों के साथ समन्वय कर अंतिम तैयारियों को पूरा कर रहे हैं।
प्रतियोगिता कनिष्ठ और वरिष्ठ दो वर्गों में होगी। कनिष्ठ वर्ग में कक्षा 6 से 8 और वरिष्ठ वर्ग में कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थी शामिल होंगे। अखिल भारतीय संस्कार गतिविधि सह संयोजक मुकेश लाठी के मुताबिक प्रतियोगिता शाखा स्तर से शुरू होकर प्रांत, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेगी। आगे के चरणों में प्रश्नमंच के जरिए चयन होगा। राष्ट्रीय स्तर पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक और कंप्यूटर तकनीक का इस्तेमाल करते हुए रोचक प्रश्नमंच आयोजित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों की जानकारी के साथ उनकी प्रस्तुति क्षमता भी परखी जा सके।
जेईसीआरसी विश्वविद्यालय जयपुर के कुलपति और अखिल भारतीय संस्कार गतिविधि संयोजक डॉ त्रिभुवन शर्मा ने कहा कि इस पहल का मकसद विद्यार्थियों को भारत की संस्कृति, धर्म, इतिहास, भूगोल, विज्ञान, संतों और महापुरुषों से परिचित कराना है। प्रतियोगिता से देश के प्रति प्रेम, गौरव और समर्पण की भावना मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। परिषद का मानना है कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी अपनी जड़ों को समझेगी। 31 अगस्त की परीक्षा इसी अभियान का बड़ा चरण है और यह जुड़ाव आगे भी जारी रखने की उम्मीद है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। परीक्षा में विद्यार्थियों की भागीदारी और आयोजन संबंधी आंकड़े संबंधित आयोजकों द्वारा बताए गए लक्ष्यों पर आधारित हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
August 24, 2026: 10:38 PM
© 2026 Rex TV India
Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com