सीकर, राजस्थान (शिंभू सिंह शेखावत )। बीपीएम पर आरोप लगाते हुए स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं और कैडर सदस्यों ने जिला कलेक्टर के नाम सामूहिक शिकायत प्रस्तुत की है। शिकायत पाटन ब्लॉक में कार्यरत बीपीएम प्रदीप शर्मा के कार्यव्यवहार, कार्यशैली और पद के कथित दुरुपयोग से जुड़ी है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कथित व्यवहार से महिलाओं और कैडर सदस्यों में असंतोष, मानसिक तनाव और असुरक्षा की स्थिति बनी। महिलाओं ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर शिकायत में लगाए आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में बीपीएम पर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि महिलाओं और कैडर सदस्यों से कथित तौर पर अभद्र और अपमानजनक भाषा में बात की जाती है। सार्वजनिक रूप से डांट फटकार करने और महिलाओं को अलग अलग बुलाकर बैठक करने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की कार्यशैली से उन्हें असहज महसूस होता है। इसके अलावा काम में अनावश्यक हस्तक्षेप, एक ही काम के लिए बार बार अलग प्रक्रिया करवाने और कैडर में बिना उचित कारण बदलाव किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।
शिकायतकर्ताओं ने जातिगत भेदभाव के भी आरोप लगाए हैं। इसके साथ CLF और VO की बैठकों में नियमित रूप से उपस्थित नहीं होने तथा आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध नहीं कराने की बात कही गई है। कैडर के भुगतान रोकने की कथित धमकी देकर मानसिक दबाव बनाने का आरोप भी लगाया गया है। महिलाओं का कहना है कि कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और सहयोग की कमी से कामकाज प्रभावित हो रहा है। शिकायत में बीपीएम की कथित पहुंच और प्रभाव से जुड़े बयानों का भी उल्लेख किया गया है, जिससे शिकायतकर्ताओं के बीच भय का माहौल बनने की बात कही गई है।
बीपीएम पर आरोप के साथ शिकायतकर्ताओं ने CLF, CM, CC और अध्यक्ष से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कुछ शिकायतों के समाधान में कथित रूप से प्रभाव का इस्तेमाल किया जाता है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि वरिष्ठ अधिकारी DPM IB को शिकायत दिए जाने के बावजूद अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। महिलाओं ने शिकायत पोर्टल पर दर्ज मामलों के निस्तारण की पूरी प्रक्रिया की भी जांच कराने की मांग रखी है। उनका कहना है कि शिकायतों का निष्पक्ष तरीके से समाधान होना जरूरी है।
महिलाओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच के लिए सक्षम अधिकारी या समिति नियुक्त की जाए। शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर उनके बयान दर्ज किए जाएं और संबंधित दस्तावेजों की भी जांच हो। साथ ही महिलाओं, कैडर और CLF पदाधिकारियों को बिना किसी भय के अपनी बात रखने का अवसर देने की मांग की गई है। बीपीएम पर आरोप अभी शिकायत में लगाए गए हैं और उनकी सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार प्रशासनिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट शिकायतकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत किए गए आरोपों और उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। बीपीएम पर आरोप अभी जांच के स्तर पर हैं और शिकायत में लगाए गए किसी भी आरोप को अंतिम रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। संबंधित अधिकारी या कर्मचारी का पक्ष और जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
August 25, 2026: 9:23 PM
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