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Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 26 Aug 2026 · 10:39 AM

अडानी की बड़ी जीत: 4700 करोड़ प्रोजेक्ट से 4500 MW बिजली महाराष्ट्र तक

प्रतीकात्मक फोटो

अहमदाबाद, गुजरात। अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड को महाराष्ट्र में 4700 करोड़ रुपये की बड़ी ट्रांसमिशन परियोजना मिली है। इसके जरिए कर्नाटक में पैदा होने वाली 4500 MW अक्षय ऊर्जा को महाराष्ट्र के बड़े बिजली केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था तैयार की जाएगी। अडानी की बड़ी जीत की यह खबर ऐसे समय आई है जब देश में ग्रीन एनर्जी को ग्रिड से जोड़ने के लिए बड़े ट्रांसमिशन नेटवर्क पर जोर बढ़ रहा है। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने यह परियोजना TBCB प्रक्रिया में सबसे कम बोली लगाकर हासिल की है। [1]

ग्रीन पावर का रास्ता 

यह परियोजना केवल बिजली पहुंचाने तक सीमित नहीं है। इससे Satara, Pune और Mumbai Metropolitan Region में बढ़ रहे पंप्ड स्टोरेज सिस्टम को भी सहारा मिलेगा। पंप्ड स्टोरेज ऐसी तकनीक है जो जरूरत के मुताबिक बिजली उपलब्ध कराने में मदद करती है और सौर तथा पवन ऊर्जा जैसी अस्थिर आपूर्ति को ग्रिड में बेहतर तरीके से जोड़ने में अहम भूमिका निभाती है। Reuters के मुताबिक परियोजना 4500 MW तक अक्षय और स्टोरेज आधारित बिजली के ट्रांसमिशन को सक्षम करेगी।

अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस इस परियोजना को Satara Power Transmission Ltd नाम के Special Purpose Vehicle के तहत विकसित करेगी। कंपनी को काम पूरा करने के लिए 36 महीने की समयसीमा मिली है। योजना में Satara में 765 400 kV सबस्टेशन बनाना और Kolhapur Satara 765 kV double circuit transmission line तैयार करना शामिल है। इसके अलावा Kolhapur pooling station को भी मजबूत किया जाएगा। इस पूरे ढांचे का मकसद दक्षिण और पश्चिम भारत के बीच बिजली के प्रवाह को ज्यादा मजबूत बनाना है।

562 ckm लाइन का विस्तार

अडानी की बड़ी जीत का असर कंपनी के ट्रांसमिशन नेटवर्क पर भी दिखाई देगा। परियोजना पूरी होने पर AESL के नेटवर्क में 562 circuit kilometres की ट्रांसमिशन लाइन और 9000 MVA की transformation capacity जुड़ जाएगी। इसके बाद कंपनी का कुल ट्रांसमिशन नेटवर्क 29739 ckm और transformation capacity 143425 MVA तक पहुंच जाएगी। यानी यह ठेका कंपनी के मौजूदा ट्रांसमिशन कारोबार के विस्तार के लिहाज से भी खास महत्व रखता है।

कंपनी के CEO Kandarp Patel ने कहा है कि पंप्ड स्टोरेज बड़े पैमाने पर अक्षय ऊर्जा को ग्रिड में शामिल करने के लिए जरूरी लचीलापन और भरोसेमंद व्यवस्था उपलब्ध करा सकता है। Satara परियोजना को अक्षय ऊर्जा की निकासी और ऊर्जा भंडारण के लिए जरूरी ट्रांसमिशन आधार बताया गया है। इससे दक्षिण और पश्चिम भारत के बीच बिजली के प्रवाह को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

भारत के ऊर्जा लक्ष्य

अडानी की बड़ी जीत भारत के 2030 के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। देश ने 2030 तक 500 GW गैर जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए केवल सौर और पवन बिजली की उत्पादन क्षमता बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा। उत्पादन वाले क्षेत्रों से बिजली को औद्योगिक और शहरी मांग केंद्रों तक पहुंचाने के लिए मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क भी जरूरी है। नई परियोजना इसी बड़े बदलाव का हिस्सा है और महाराष्ट्र के प्रमुख केंद्रों तक ग्रीन पावर पहुंचाने में मदद करेगी।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी 36 महीने की तय समयसीमा में सबस्टेशन ट्रांसमिशन लाइन और संबंधित ढांचे का काम कितनी तेजी से पूरा करती है। परियोजना पूरी होने के बाद कर्नाटक की अक्षय ऊर्जा को महाराष्ट्र के प्रमुख मांग केंद्रों तक पहुंचाने की क्षमता बढ़ेगी। अडानी की बड़ी जीत कंपनी के लिए कारोबारी विस्तार के साथ भारत के तेजी से बदलते ऊर्जा ढांचे में अपनी भूमिका मजबूत करने का एक और बड़ा मौका भी है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। परियोजना की लागत क्षमता समयसीमा और निर्माण से जुड़े विवरण कंपनी तथा उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित हैं और आधिकारिक अपडेट के अनुसार इनमें भविष्य में बदलाव संभव है। यह रिपोर्ट किसी कंपनी के शेयर या निवेश के संबंध में सलाह या सिफारिश नहीं है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी August 26, 2026: 10:39 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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