WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News राजस्थान Digital Newsletter 26 Aug 2026 · 11:43 AM

दाहरसेन की जयंती पर बीकानेर में श्रद्धा, इतिहास और देशभक्ति का संगम

दाहरसेन की जयंती मनाई

बीकानेर, राजस्थान। संत कंवर राम सिंधी समाज ट्रस्ट भारतीय सिन्धु सभा महानगर मातृ शक्ति सत्संग मंडली और जय झूलेलाल सिंधी युवा मंडल के संयुक्त तत्वावधान में सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन की 1357वीं जयंती श्रद्धा और देशभक्ति के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मानसिंह मामनानी ने की। पूनम टिकयानी हासानंद मंघवानी विजय ऐलानी और हेमंत गोरवानी विशिष्ट अतिथि रहे। मुख्य वक्ता शिक्षाविद पवन खत्री ने महाराजा दाहरसेन के जीवन और उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला। उपलब्ध स्थानीय संदर्भों में भी इस जयंती पर विभिन्न कार्यक्रमों का उल्लेख मिलता है।

शौर्य की कहानी

शिक्षाविद पवन खत्री ने बताया कि महाराजा दाहरसेन का शासनकाल 695 ईस्वी से 712 ईस्वी तक माना जाता है। कार्यक्रम में उन्हें सिंध के चच राजवंश से जुड़े प्रतापी शासक के रूप में याद किया गया। वक्ताओं ने उनके शासन और संघर्ष को सिंधी समाज के इतिहास से जोड़ते हुए कहा कि उनका जीवन साहस और आत्मसम्मान की मिसाल के तौर पर याद किया जाता है। दाहरसेन की जयंती का आयोजन इसी ऐतिहासिक स्मृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बना।

वक्ताओं ने बताया कि दाहरसेन के पिता राजा चच थे और उनकी राजधानी अलोर या अरौर बताई जाती है। कार्यक्रम में उनके राज्य की सीमाओं और तत्कालीन सिंध क्षेत्र के राजनीतिक परिदृश्य का भी उल्लेख हुआ। शिक्षाविद अशोक खत्री और सुरेश केशवानी ने भी महाराजा दाहरसेन के जीवन चरित्र पर अपने विचार रखे। उन्होंने इतिहास के ऐसे प्रसंगों को याद रखने की जरूरत बताई जिनसे समाज में साहस आत्मसम्मान और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की भावना मजबूत होती है।

बलिदान को किया नमन

कार्यक्रम में महाराजा दाहरसेन के बलिदान और उनके परिवार से जुड़े प्रसंगों को भी याद किया गया। वक्ताओं ने बताया कि दाहरसेन के निधन के बाद उनकी पत्नी रानी लाड़ी और अन्य महिलाओं ने आत्मसम्मान की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए। इस प्रसंग को समाज की ऐतिहासिक स्मृति और त्याग की भावना से जोड़कर देखा गया। दाहरसेन की जयंती के अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि ऐसे इतिहास से नई पीढ़ी को साहस और जिम्मेदारी का संदेश मिलता है।

कार्यक्रम के दौरान दाहरसेन के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित किया गया। देवी नवानी कविता सदारंगानी राजेश केशवानी तेज प्रकाश वलीरमाणी और कान्ता वाधवानी ने दीप प्रज्ज्वलन किया। इसके बाद भारती गुवालानी सरला पंजाबी दादी रूकमणी कविन्द्र और लाजवंती ने भजन तथा देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच पूरा माहौल श्रद्धा और उत्साह से भर गया। आयोजन में समाज के अनेक लोग मौजूद रहे और सभी ने महाराजा दाहरसेन को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इतिहास से जुड़ाव

कार्यक्रम का एक अहम संदेश यह भी रहा कि समाज की नई पीढ़ी को अपने इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानकारी दी जाए। वक्ताओं ने महाराजा दाहरसेन के जीवन प्रसंगों को केवल अतीत की कहानी मानने के बजाय उनसे साहस और आत्मसम्मान जैसे मूल्यों को समझने पर जोर दिया। दाहरसेन की जयंती इसी सोच के साथ मनाई गई कि इतिहास की जानकारी युवाओं में अपनी विरासत के प्रति जागरूकता पैदा करे और समाज के लोगों को अपनी जड़ों से जोड़े रखे।

मंच का संचालन किशन सदारंगानी ने किया। कार्यक्रम में विद्या गुवालानी दादी कलावती दिव्या नवानी मोहन सदारंगानी हरीश वलीरमाणी लता सदारंगानी कविता वाधवानी पूनम गुवालानी रजनी गुवालानी अरूण बारूपाल और रीटा गुवालानी सहित कई समाजबंधु उपस्थित रहे। आयोजन से जुड़े लोगों के मुताबिक ऐसे कार्यक्रम समाज को एक साथ लाने के साथ ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के योगदान को याद करने का अवसर भी देते हैं। इसी उद्देश्य से दाहरसेन की जयंती पर श्रद्धांजलि और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

विरासत का संदेश

बीकानेर में आयोजित यह कार्यक्रम महाराजा दाहरसेन के जीवन को याद करने के साथ सिंधी समाज की सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक चेतना से भी जुड़ा रहा। दीप प्रज्ज्वलन भजन देशभक्ति गीत और वक्ताओं के संबोधन ने आयोजन को भावनात्मक रूप दिया। दाहरसेन की जयंती के मौके पर वक्ताओं ने समाज और नई पीढ़ी से इतिहास को जानने समझने और उससे प्रेरणा लेने का संदेश दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने महाराजा दाहरसेन के साहस और बलिदान को श्रद्धा के साथ याद किया।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। महाराजा दाहरसेन के जीवन और तत्कालीन इतिहास से जुड़े कुछ विवरण ऐतिहासिक परंपराओं और उपलब्ध स्रोतों पर आधारित हैं तथा विभिन्न स्रोतों में इनके विवरण अलग हो सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी August 26, 2026: 11:43 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —