पटना, बिहार। बिहार में बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नेपाल सीमा से लगे गांवों और गंडक नदी के किनारे बसे इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद बिहार में नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। पश्चिम चंपारण प्रशासन ने अधिकारियों और कार्यपालक अभियंताओं को जरूरी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी स्थिति की लगातार निगरानी के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित किए जाने की जानकारी दी है। [1]
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि विकसित होती स्थिति की लगातार निगरानी के लिए उच्चस्तरीय टीम गठित की गई है। उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक स्थिति पर नजर रख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह तत्काल बैठक करेंगे और जरूरत पड़ने पर खुद संबंधित क्षेत्र का दौरा भी कर सकते हैं। बिहार में बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन पहले से तैयारियों को मजबूत कर रहा है। अधिकारियों को जलप्रवाह और जलस्तर में संभावित बदलाव पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने नेपाल में संभावित ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड की खबरों और बिहार से होकर बहने वाली नदियों में जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए जरूरी निर्देश जारी किए हैं। नेपाल सीमा से लगे गांवों और गंडक नदी के किनारे स्थित इलाकों में सभी आवश्यक सावधानियां बरतने को कहा गया है। जिला प्रशासन स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है। संबंधित विभागों और कार्यपालक अभियंताओं को सभी जरूरी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जलस्तर बढ़ने पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
जिला प्रशासन ने गंडक नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को बिना जरूरत नदी के पास नहीं जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। जलस्तर बढ़ने या किसी अन्य चेतावनी की स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का तत्काल पालन करने को कहा गया है। बिहार में बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में निगरानी व्यवस्था लगातार सक्रिय रखी गई है।
प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। खासतौर पर गंडक नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अनावश्यक जोखिम से बचने की सलाह दी गई है। संबंधित विभागों को संभावित जलस्तर वृद्धि की स्थिति में आवश्यक व्यवस्था पहले से तैयार रखने के निर्देश मिले हैं। अधिकारियों की ओर से हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। बिहार में बाढ़ की आशंका के बीच प्रशासन का जोर समय रहते जरूरी कदम उठाने और प्रभावित हो सकने वाले क्षेत्रों में लोगों को आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराने पर है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटे कोशी नदी में आई अचानक बाढ़ से हुई जनहानि और संपत्ति के नुकसान पर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि इस विनाशकारी बाढ़ से जान और माल का भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने इसे बेहद दुखद और चिंताजनक बताया। मुख्यमंत्री धामी ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और सभी प्रभावित लोगों की सुरक्षित स्थिति के लिए प्रार्थना की। यह प्रतिक्रिया बिहार में चल रही प्रशासनिक तैयारियों से अलग एक स्वतंत्र घटनाक्रम है।
IANS के अनुसार, भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ से नेपाल के रसुवा जिले में कम से कम सात लोगों की मौत हुई है और कई अन्य लोग लापता बताए गए हैं। इस घटनाक्रम के बाद बिहार में संभावित जलप्रवाह को लेकर प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज किए हैं। पश्चिम चंपारण में नेपाल सीमा और गंडक नदी के किनारे बसे इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से उच्चस्तरीय निगरानी समिति बनाए जाने की जानकारी भी दी गई है। प्रशासन ने लोगों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। बिहार में बाढ़ की संभावित स्थिति से संबंधित जलस्तर और प्रशासनिक निर्देश परिस्थितियों के अनुसार बदल सकते हैं। स्थानीय लोगों को किसी भी चेतावनी की स्थिति में केवल प्रशासन और संबंधित आधिकारिक एजेंसियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
August 27, 2026: 1:36 PM
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