वॉशिंगटन, अमेरिका। पाकिस्तान में 18 वर्षीय ईसाई युवती नेहा फकीर की कथित गुमशुदगी और बाद में धर्म परिवर्तन के मामले को लेकर अमेरिकी सांसदों ने चिंता जताई है। द्विदलीय सांसद समूह ने पाकिस्तान सरकार से युवती की सुरक्षा और उसके अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की है। IANS के अनुसार रिपब्लिकन सांसद क्रिस स्मिथ और कांग्रेस के 10 अन्य सदस्यों ने पाकिस्तान के कानून और न्याय मंत्री आजम नजीर तरार को 20 अगस्त को पत्र भेजा। सांसदों ने मामले का न्यायपूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के लिए उचित कार्रवाई की अपील की। [1]
सांसदों ने पाकिस्तानी अधिकारियों से न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से नेहा फकीर की शारीरिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने स्वतंत्र कानूनी सलाह लेने की गोपनीय सुविधा और परिवार से स्वतंत्र रूप से निजी बातचीत का अवसर देने की मांग भी की। सांसदों के अनुसार आगे की किसी भी न्यायिक कार्यवाही में युवती को बिना डर, दबाव या अनुचित प्रभाव के अपनी इच्छा व्यक्त करने का अवसर मिलना चाहिए। पत्र पर डेमोक्रेटिक सांसद जेम्स पी मैकगवर्न और ब्रैड शर्मन समेत कई रिपब्लिकन सांसदों ने भी हस्ताक्षर किए।
सांसदों ने पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 25 का भी उल्लेख किया। अनुच्छेद 20 धार्मिक आस्था रखने, उसका पालन करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता की गारंटी देता है। अनुच्छेद 25 कानून के समक्ष समानता से संबंधित है। क्रिस स्मिथ ने कहा कि संवैधानिक अधिकारों का महत्व तभी है जब कोई युवा महिला अपनी धार्मिक मान्यताओं और अन्य अधिकारों को सुरक्षित तथा स्वतंत्र तरीके से व्यक्त कर सके। उन्होंने इस मामले को पाकिस्तान के धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया और कथित जबरन धर्म परिवर्तन तथा विवाह पर चिंता जताई।
क्रिश्चियन सॉलिडैरिटी इंटरनेशनल ने 10 जून को नेहा फकीर के मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया। संगठन के अनुसार वह 24 मार्च को सिलाई प्रशिक्षण में शामिल होने के बाद लापता हुई थी। बाद में उसके लाहौर के एक मदरसे में मिलने की जानकारी दी गई। सीएसआई के अनुसार वहां उसका इस्लाम में धर्म परिवर्तन किया गया था। नेहा फकीर नौ जून को लाहौर हाई कोर्ट के सामने पेश हुई थी। परिवार ने उससे निजी तौर पर बातचीत करने की अनुमति मांगी थी लेकिन अनुरोध स्वीकार नहीं किया गया। इसके बाद परिवार की उसे वापस लाने की याचिका भी खारिज कर दी गई।
नेहा फकीर का मामला इसके बाद अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी चर्चा में आया। 16 जून को लंदन स्थित पैलेस ऑफ वेस्टमिंस्टर में धार्मिक अल्पसंख्यक महिलाओं के कथित दबाव में धर्म परिवर्तन और विवाह से जुड़े मामलों पर सुनवाई हुई। इस सुनवाई का प्रायोजन और अध्यक्षता लॉर्ड एल्टन ने की। अमेरिकी सांसदों की ताजा मांग इसी व्यापक संदर्भ में सामने आई है। उनका मुख्य जोर युवती की सुरक्षा, स्वतंत्र कानूनी सलाह और परिवार से निजी संपर्क सुनिश्चित करने पर है। उपलब्ध जानकारी में मामले से जुड़े आरोपों और न्यायिक प्रक्रिया को अलग अलग समझना जरूरी है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। नेहा फकीर के कथित अपहरण, धर्म परिवर्तन और परिवार से संपर्क से जुड़े विवरण संबंधित संगठनों और रिपोर्टों में बताए गए दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि और मामले की न्यायिक स्थिति को संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड के संदर्भ में ही समझा जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
August 27, 2026: 5:40 PM
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