भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। रक्षाबंधन के पर्व पर भीलवाड़ा के मंदिरों में इस बार आस्था का अलग ही रंग नजर आया। भगवान के विग्रहों पर आकर्षक राखियां अर्पित कर विशेष राखियों का श्रृंगार किया गया और मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। चारभुजानाथ बड़ा मंदिर, पंचमुखी मोक्षधाम का श्री मसानिया भैरुनाथ मंदिर, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर और सांगानेर के सिंदरी के बालाजी मंदिर में सजावट और पूजा ने माहौल भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने दर्शन कर परिवार की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
चारभुजानाथ बड़ा मंदिर में ठाकुरजी को चांदी और रत्न जड़ित विशेष पोशाक पहनाई गई। पुजारी विकास पाराशर और मनीष पाराशर के अनुसार भगवान को रक्षाबंधन पर सेठ जी का स्वरूप दिया गया। सुंदर आभूषणों और मनमोहक पोशाक से सजे ठाकुरजी की झांकी देखने के लिए भक्तों में खास उत्साह रहा। मंदिर में सुबह से लेकर दिनभर दर्शनार्थियों की आवाजाही बनी रही। श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की प्रार्थना की और विशेष दर्शन को पर्व की यादगार झलक बताया।
पंचमुखी मोक्षधाम स्थित श्री मसानिया भैरुनाथ मंदिर में भी रक्षाबंधन पर अलग नजारा दिखाई दिया। बाबा का अलग अलग रंग और डिजाइन में राखियों का श्रृंगार किया गया। पुजारी संतोष कुमार खटिक ने बताया कि विशेष श्रृंगार के लिए कोलकत्ता, जयपुर, सूरत और अहमदाबाद से राखियां मंगवाई गई थीं। रंगीन राखियों का चोला श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। मंदिर में विधि विधान से पूजा अर्चना और आरती हुई। भक्तों ने बाबा के दर्शन कर अपने परिवार की सुरक्षा, सुख और समृद्धि की कामना की।
भोपालगंज स्थित प्राचीन श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में भी भगवान का अलौकिक और भव्य स्वरूप सजाया गया। ट्रस्टी ओम प्रकाश अग्रवाल के अनुसार प्रभु को कलात्मक और मनमोहक पोशाक पहनाई गई। दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और लोगों ने भगवान के इस रूप की जमकर प्रशंसा की। वहीं सांगानेर के श्री सिंदरी के बालाजी महाराज को रंग बिरंगे वस्त्र, भव्य मुकुट और आभूषण पहनाए गए। मंदिर में फूलों की विशेष सजावट से पूरा परिसर भक्तिमय नजर आया।
रक्षाबंधन के मौके पर इन मंदिरों में राखियों का श्रृंगार केवल सजावट तक सीमित नहीं रहा बल्कि भक्तों की आस्था का हिस्सा बन गया। भगवान को राखियां अर्पित कर श्रद्धालुओं ने परिवार की खुशहाली और सुख समृद्धि की प्रार्थना की। विशेष श्रृंगार के बाद पूजा अर्चना, आरती और प्रसाद वितरण के आयोजन भी हुए। मंदिरों में गूंजते जयकारों और दर्शन के लिए पहुंचते भक्तों ने पर्व की रौनक बढ़ा दी। भीलवाड़ा में मंदिरों का यह दृश्य भाई बहन के प्रेम और भगवान के प्रति श्रद्धा के भाव को एक साथ सामने लाता नजर आया।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। धार्मिक आयोजनों और मंदिरों से जुड़ी जानकारी संबंधित पुजारियों और आयोजकों द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण पर आधारित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
August 28, 2026: 8:52 PM
© 2026 Rex TV India
Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com