WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News अंतरराष्ट्रीय Digital Newsletter 29 Aug 2026 · 10:35 AM

H1B ग्रेस पीरियड खत्म करने की तैयारी हजारों भारतीय होंगे प्रभावित

प्रतीकात्मक फोटो

वाशिंगटन अमेरिका। ट्रंप प्रशासन ने एच1बी और अन्य विदेशी पेशेवरों को नौकरी जाने के बाद मिलने वाली 60 दिन की राहत खत्म करने के प्रस्ताव की समीक्षा पूरी कर ली है। IANS के अनुसार प्रस्ताव को 6 अगस्त को व्हाइट हाउस कार्यालय में भेजा गया था। 27 अगस्त को समीक्षा पूरी होने के बाद इसे बदलाव के साथ आगे बढ़ने की स्थिति मिली है। हालांकि प्रस्ताव अभी प्रकाशित नहीं हुआ है इसलिए मौजूदा H1B ग्रेस पीरियड फिलहाल लागू है और तत्काल कोई बदलाव प्रभावी नहीं हुआ है।  [1]

प्रस्ताव पर समीक्षा पूरी

होमलैंड सिक्योरिटी विभाग का प्रस्ताव डिस्क्रेशनरी 60 डे ग्रेस पीरियड खत्म करने से संबंधित है। इसका नियामक सूचना नंबर 1615 AD22 है और इसे अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा द्वारा तैयार किया जा रहा है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार प्रस्ताव आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण श्रेणी में नहीं आता और इसके लिए कोई कानूनी समय सीमा भी निर्धारित नहीं है। समीक्षा में बदलाव के साथ मंजूरी मिलने का अर्थ यह है कि प्रस्ताव ने व्हाइट हाउस स्तर की समीक्षा प्रक्रिया पार कर ली है। 

फिलहाल मौजूदा H1B ग्रेस पीरियड व्यवस्था जारी है क्योंकि प्रस्ताव अभी फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित नहीं हुआ है। सामान्य प्रक्रिया के तहत प्रस्ताव प्रकाशित होने के बाद जनता से टिप्पणियां मांगी जाएंगी। इसके बाद होमलैंड सिक्योरिटी विभाग उन टिप्पणियों पर विचार करेगा और अंतिम नियम जारी करेगा। तभी कोई नया प्रावधान प्रभावी हो सकेगा। इसलिए फिलहाल नौकरी समाप्त होने वाले पात्र विदेशी कर्मचारियों के लिए 60 दिन तक की मौजूदा राहत बनी हुई है और प्रस्ताव को अभी अंतिम नियम नहीं माना जा सकता। 

भारतीय पेशेवरों पर बड़ा असर

मौजूदा नियम के तहत पात्र कर्मचारियों को नौकरी समाप्त होने के बाद अधिकतम 60 लगातार दिनों तक अमेरिका में रहने की अनुमति मिल सकती है। यह अवधि उनके अधिकृत प्रवास की समाप्ति तक भी सीमित हो सकती है। H1B ग्रेस पीरियड का इस्तेमाल नया नियोक्ता खोजने और उसके जरिए प्रायोजन हासिल करने के लिए किया जा सकता है। कर्मचारी इस दौरान अपनी आव्रजन स्थिति बदलने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं या अमेरिका छोड़ने की तैयारी कर सकते हैं। यह सुविधा H1B L1 O1 सहित कई अस्थायी रोजगार वीजा धारकों पर लागू होती है। 

भारतीय नागरिक H1B लाभार्थियों का सबसे बड़ा समूह हैं इसलिए प्रस्ताव आगे बढ़ने पर उन पर विशेष असर पड़ सकता है। पूर्व राष्ट्रपति सलाहकार आयोग सदस्य अजय जैन भूटोरिया ने प्रस्तावित बदलाव की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि नौकरी अचानक जाने पर 60 दिन की मौजूदा अवधि भी कम है और इसे पूरी तरह हटाना प्रभावित परिवारों के लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। उनके अनुसार अचानक रोजगार समाप्त होने की स्थिति में हजारों लोगों को अपने जीवन से जुड़े जरूरी फैसले बहुत कम समय में लेने पड़ सकते हैं। 

180 दिन की मांग फिर सामने आई

भूटोरिया ने बताया कि उन्होंने 2023 में राष्ट्रपति सलाहकार आयोग में 60 दिन की अवधि को बढ़ाकर 180 दिन करने की सिफारिश के लिए सर्वसम्मत समर्थन हासिल किया था। उनका तर्क है कि तकनीक स्वास्थ्य सेवा और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में नई नौकरी पाने की प्रक्रिया में कई चरणों के साक्षात्कार होते हैं। इसके बाद वीजा और आव्रजन संबंधी कागजी कार्रवाई में भी समय लगता है। ऐसे में H1B ग्रेस पीरियड को समाप्त करने के बजाय बढ़ाना प्रभावित पेशेवरों को अधिक व्यावहारिक समय उपलब्ध करा सकता है। 

भूटोरिया ने कहा कि 60 दिन की राहत हटाने से कुशल भारतीय पेशेवरों और उनके परिवारों के लिए अमेरिका में अचानक संकट पैदा हो सकता है। उन्होंने समुदाय संगठनों और कारोबारी नेताओं से प्रस्ताव के फेडरल रजिस्टर में आने के बाद सार्वजनिक टिप्पणियां भेजने की अपील की है। उनका कहना है कि नौकरी तलाशने साक्षात्कार पूरा करने और नए नियोक्ता के लिए आव्रजन प्रक्रिया शुरू करने में कई महीने लग सकते हैं। इसलिए पूरी राहत समाप्त करने के बजाय मौजूदा व्यवस्था में अधिक समय देने पर विचार होना चाहिए। 

आगे क्या होगा

60 दिन की व्यवस्था जनवरी 2017 में उच्च कौशल वाले आव्रजक और गैर आव्रजक कर्मचारियों से जुड़े व्यापक नियम के हिस्से के रूप में प्रभावी हुई थी। इसे प्रत्येक अधिकृत वैधता अवधि में एक बार इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि आव्रजन अधिकारी अपने विवेक से इसकी अवधि कम कर सकते हैं या इसे देने से इनकार कर सकते हैं। प्रस्तावित बदलाव इसी विवेकाधीन H1B ग्रेस पीरियड को समाप्त करने की दिशा में है लेकिन अंतिम नियम आने तक वर्तमान व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 

एच1बी कार्यक्रम के तहत अमेरिकी नियोक्ता विशेषज्ञता वाले ऐसे पदों के लिए विदेशी पेशेवरों को नियुक्त कर सकते हैं जिनमें उन्नत ज्ञान की आवश्यकता होती है। तकनीकी कंपनियां इसके प्रमुख उपयोगकर्ताओं में शामिल हैं और भारतीय नागरिक स्वीकृत एच1बी लाभार्थियों में लगातार बड़ी हिस्सेदारी रखते हैं। यदि प्रस्ताव आगे बढ़कर अंतिम नियम बनता है तो नौकरी गंवाने वाले विदेशी पेशेवरों के लिए नई नौकरी तलाशने या आव्रजन स्थिति बदलने का उपलब्ध समय प्रभावित हो सकता है। फिलहाल प्रस्ताव के अंतिम प्रावधान और प्रभाव स्पष्ट नहीं हैं। 

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। प्रस्ताव अभी अंतिम नियम नहीं है और अमेरिकी आव्रजन नीतियों में बदलाव होने पर स्थिति बदल सकती है इसलिए प्रभावित लोगों को नवीनतम आधिकारिक जानकारी और योग्य आव्रजन विशेषज्ञ की सलाह को प्राथमिकता देनी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे। 

Rex TV India Author:अजय त्यागी August 29, 2026: 10:35 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —