नीमकाथाना, राजस्थान (शिंभू सिंह शेखावत)। पाटन थाना क्षेत्र के रायपुर गांव में शराब ठेके के सामने शाम करीब 7 बजे ट्रेलर की टक्कर से बाइक सवार मामा भांजा घायल हो गए। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने रास्ता जाम कर ट्रेलर में आग लगा दी। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध खनन ट्रेलर लगातार तेज रफ्तार और ओवरलोड होकर गांव के रास्ते से गुजरते हैं। हादसे में पिलानी निवासी 30 वर्षीय सुनील और उसका भांजा घायल हुए। दोनों को नीमकाथाना के सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर किया गया।
जानकारी के अनुसार सुनील रक्षाबंधन पर अपनी बहन से राखी बंधवाने के लिए 2 दिन पहले काला मेड़ा गांव आया था। शनिवार को वह किसी काम से रायपुर गया था और वापस लौटते समय पीछे से आए ट्रेलर ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया। घटना से नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते ट्रेलर को आग के हवाले कर दिया गया और वह धूं धूं कर जलने लगा। मौके पर तनाव का माहौल बन गया और ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग उठाई।
ग्रामीणों का आरोप है कि रायपुर गांव में भारी वाहनों की आवाजाही लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है। उनका कहना है कि मुख्य सड़क के बजाय गांव से होकर निकलने वाला रास्ता खनन से जुड़े भारी वाहनों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार ओवरलोड वाहनों की तेज रफ्तार से हादसे का खतरा लगातार बना रहता है। उन्होंने दावा किया कि पिछले दिनों मवेशियों की चपेट में आने और दूसरे वाहनों से टक्कर जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। अब मामा भांजा घायल होने की घटना ने लोगों का गुस्सा और बढ़ा दिया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खनन क्षेत्र से निकलने वाले वाहनों के लिए रायपुर गांव का रास्ता इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका दावा है कि 24 घंटे भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की सड़क पर लगातार ओवरलोड ट्रेलर चलने से बच्चों बुजुर्गों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। अवैध खनन ट्रेलर को लेकर लगाए गए इन आरोपों की प्रशासनिक जांच जरूरी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वाहनों की आवाजाही किन नियमों और अनुमति के तहत हो रही है।
ग्रामीणों ने नीमकाथाना के उच्च प्रशासनिक अधिकारियों के साथ खनन विभाग और पुलिस विभाग से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि ओवरलोड और तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए और गांव से भारी वाहनों की आवाजाही की जांच की जानी चाहिए। राजस्थान परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में ओवरलोडिंग रोकने के लिए कार्रवाई संबंधी निर्देश पहले से मौजूद हैं। ऐसे में ग्रामीण चाहते हैं कि नियमों की मौके पर जांच हो और यदि कोई उल्लंघन सामने आए तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।
हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी रोष है और उन्होंने प्रशासन को जल्द कार्रवाई की चेतावनी दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही पर रोक नहीं लगी तो आने वाले दिनों में आंदोलन तेज किया जा सकता है। फिलहाल घायल मामा भांजा जयपुर रेफर किए जा चुके हैं जबकि ट्रेलर जलाने की घटना के बाद प्रशासन के सामने कानून व्यवस्था और यातायात से जुड़ी चुनौती भी है। अवैध खनन ट्रेलर को लेकर ग्रामीणों के आरोपों पर अब प्रशासनिक जांच और कार्रवाई से ही स्थिति की वास्तविक तस्वीर साफ होगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। रायपुर गांव में खनन वाहनों की आवाजाही और प्रशासनिक मिलीभगत से जुड़े आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है। ट्रेलर की वैधता ओवरलोडिंग और कथित अवैध खनन से जुड़े तथ्यों का अंतिम निर्धारण संबंधित प्रशासनिक या जांच एजेंसियों की जांच के बाद ही माना जाएगा। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
August 29, 2026: 10:48 PM
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