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Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 30 Aug 2026 · 8:59 AM

महाकाल की भस्म आरती में दिखा दिव्य श्रृंगार, भांग और चंदन से सजे बाबा

बाबा का दिव्य श्रृंगार

उज्जैन, मध्य प्रदेश। महाकाल की भस्म आरती रविवार को भाद्रपद माह के दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर में परंपरागत विधि विधान से हुई। जलाभिषेक और पंचामृत पूजन के बाद भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। इस दौरान बाबा को चंदन, भांग, गुलाल और सूखे मेवों से सजाया गया। भोर में हुए इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल नजर आया। मंदिर की आधिकारिक सेवा सूची में भी 30 अगस्त 2026 की भस्म आरती दर्ज है। [विडियो]

दिव्य हुआ श्रृंगार

पूजन की शुरुआत जलाभिषेक से हुई और इसके बाद पंचामृत से भगवान महाकाल का अभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत से होने वाला अभिषेक महाकाल मंदिर की नियमित पूजा परंपरा का अहम हिस्सा है। इसके बाद भगवान के स्वरूप को आकर्षक बनाने के लिए अलग अलग सामग्री से श्रृंगार किया गया। हाल की भस्म आरतियों में भी पंचामृत अभिषेक के बाद भांग और चंदन से विशेष श्रृंगार किए जाने की जानकारी सामने आई है।

भक्ति में डूबा मंदिर

महाकाल की भस्म आरती के दौरान भगवान को भस्म अर्पित करने की परंपरा भी निभाई जाती है। मंदिर में होने वाली इस आरती को देखने के लिए श्रद्धालु तड़के ही पहुंचते हैं और बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन करते हैं। पिछले दिनों की भस्म आरतियों में भी श्रद्धालुओं की मौजूदगी और जय श्री महाकाल के जयकारों से मंदिर परिसर के गूंजने की तस्वीर सामने आई थी। भाद्रपद माह में भी धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह बना हुआ है।

महाकाल के दिव्य दर्शन

रविवार की पूजा में चंदन, भांग, गुलाल और सूखे मेवों से किया गया श्रृंगार भगवान महाकाल के स्वरूप को अलग आकर्षण दे रहा था। धार्मिक परंपराओं के अनुसार भस्म अर्पण के बाद बाबा महाकाल के साकार स्वरूप के दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है। महाकाल की भस्म आरती हर दिन होने वाली प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है और इसके लिए मंदिर प्रबंधन की ओर से ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। धार्मिक मान्यताओं और पूजा परंपराओं से जुड़ी बातें संबंधित परंपराओं और उपलब्ध स्रोतों के आधार पर प्रस्तुत की गई हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी August 30, 2026: 8:59 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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