शिकागो, अमेरिका। अमेरिका में भारत की ताकत को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय समुदाय और कारोबार जगत के सामने देश की संभावनाएं रखीं। उन्होंने कहा कि भारत सिर्फ बड़ा बाजार नहीं बल्कि ऑटोनॉमस डिफेंस सिस्टम के विकास, परीक्षण और निर्माण का वैश्विक केंद्र भी बन सकता है। भारतीय डायस्पोरा को भारत की सॉफ्ट पावर, वैश्विक स्थिति और द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने वाली ताकत बताते हुए उन्होंने देश की तकनीकी क्षमता और कुशल कार्यबल पर जोर दिया। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, शिकागो में उनकी कई अहम कारोबारी बैठकें भी हुईं। [1]
अमेरिका में भारत की ताकत का एक अहम पहलू रक्षा तकनीक भी रहा। सीतारमण ने Shield AI के सह संस्थापक और अध्यक्ष ब्रैंडन सेंग से मुलाकात में AI आधारित स्वायत्त प्रणालियों, मानवरहित तकनीक और अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीक पर चर्चा की। बातचीत में अनुसंधान, तकनीकी विकास, सह विकास और सह उत्पादन की संभावनाएं सामने आईं। वित्त मंत्री ने भारत के तेजी से बढ़ते रक्षा तकनीकी तंत्र, मजबूत इंजीनियरिंग और AI प्रतिभा तथा उन्नत विनिर्माण क्षमता को रेखांकित किया। उन्होंने भारत में Shield AI की रुचि का स्वागत भी किया।
Hyatt के अध्यक्ष और CEO मार्क एस हॉपलामाजियन के साथ बैठक में भारत के पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र पर खास चर्चा हुई। सीतारमण ने बेहतर कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे का जिक्र करते हुए कहा कि Tier II और Tier III शहर अब आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्र बन रहे हैं। उन्होंने आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, वेलनेस, मेडिकल, प्रकृति और अनुभव आधारित पर्यटन में बढ़ते अवसरों को सामने रखा। वित्त मंत्री ने Hyatt से भारतीय डेवलपर्स और निवेशकों के साथ साझेदारी बढ़ाने तथा National Institute of Hospitality और GIFT City के जरिए प्रतिभा और वित्तीय अवसर तलाशने को कहा।
ADM के कार्यकारी उपाध्यक्ष और CFO मोनिश पटोलावाला के साथ बैठक में कृषि, खाद्य, पोषण, तकनीक और टिकाऊ मूल्य श्रृंखलाओं पर चर्चा हुई। सीतारमण ने भारत में ADM के निवेश और किसानों के साथ बढ़ती साझेदारी का स्वागत किया। उन्होंने FPOs के साथ कंपनी के काम और बेंगलुरु में वैश्विक तकनीकी तथा AI क्षमताओं के विकास का भी उल्लेख किया। वित्त मंत्री ने भारतीय किसानों के साथ संबंध और मजबूत करने, पुनर्योजी तथा टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने और खाद्य प्रसंस्करण तथा उभरती तकनीकों में भारत की क्षमता का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर दिया।
शिकागो में भारतीय समुदाय से बातचीत के दौरान सीतारमण ने विदेशों में बसे भारतीयों को देश की वैश्विक पहचान मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण ताकत बताया। उनकी अमेरिकी यात्रा के दौरान निवेशकों और निजी क्षेत्र के प्रमुखों के साथ भी कई संवाद निर्धारित हैं। आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक, यात्रा का व्यापक उद्देश्य निवेश संबंधों को मजबूत करना और भारत अमेरिका आर्थिक साझेदारी में नए अवसर तलाशना है। अमेरिका में भारत की ताकत अब रक्षा तकनीक से लेकर पर्यटन और कृषि तक कई क्षेत्रों में दिखाई दे रही है और सरकार इन्हें वैश्विक साझेदारियों से जोड़ने पर जोर दे रही है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। विभिन्न कंपनियों और क्षेत्रों से जुड़े अवसरों को संबंधित बैठकों में चर्चा और संभावित सहयोग के रूप में प्रस्तुत किया गया है, इन्हें अंतिम निवेश या समझौता नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
August 30, 2026: 10:57 AM
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