WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 31 Aug 2026 · 5:17 PM

बिलपावर लोन फ्रॉड केस में ED का बड़ा एक्शन, करोड़ों की जब्ती

बिलपावर लोन फ्रॉड केस में जब्त गहने

वडोदरा, गुजरात। बिलपावर लिमिटेड से जुड़े 160.55 करोड़ रुपये के कथित लोन फ्रॉड केस में प्रवर्तन निदेशालय ने वडोदरा और मुंबई में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने सात रिहायशी और कमर्शियल परिसरों तथा तीन बैंक लॉकरों की तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान करीब 43.90 लाख रुपये नकद और 12.20 करोड़ रुपये कीमत के गहने जब्त किए गए हैं। साथ ही पीएमएलए के तहत दो बैंक खातों में मौजूद करीब 27 लाख रुपये फ्रीज किए गए। तलाशी में संपत्ति और मशीनरी से जुड़े दस्तावेज सहित डिजिटल उपकरण भी मिले हैं। [1]

लोन और LC के इस्तेमाल पर जांच

बिलपावर लोन फ्रॉड केस में लेटर ऑफ क्रेडिट और बैंक से मिली अन्य वित्तीय सुविधाएं जांच के केंद्र में हैं। कंपनी ने भारतीय स्टेट बैंक से कैश क्रेडिट वर्किंग कैपिटल टर्म लोन फंडेड इंटरेस्ट टर्म लोन और कॉर्पोरेट लोन जैसी सुविधाएं ली थीं। इसके अलावा बैंक गारंटी और लेटर ऑफ क्रेडिट जैसी नॉन फंड आधारित सुविधाएं भी ली गई थीं। एसबीआई की शिकायत पर सीबीआई ने मामला दर्ज किया था जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच शुरू की।

ईडी के अनुसार आरोप है कि कुछ शेल और कथित फर्जी कंपनियों के पक्ष में लेटर ऑफ क्रेडिट डिवॉल्व हुई थीं। जांच एजेंसी का आरोप है कि इन लेनदेन में कथित तौर पर जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद बैंक की रकम को विभिन्न संस्थाओं के जरिए दूसरी जगह भेजे जाने की जांच की जा रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर बैंक से निकला पैसा किन कंपनियों तक पहुंचा और आगे उसका इस्तेमाल कैसे हुआ। इस नेटवर्क में चौधरी परिवार के सदस्यों और उनके सहयोगियों से जुड़ी संस्थाओं की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

तलाशी में मिले कैश और अहम दस्तावेज

बिलपावर लोन फ्रॉड केस की जांच में ईडी ने कंपनी के वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल सबूत जुटाए हैं। तलाशी के दौरान अकाउंट बुक लेजर और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए। जमीन और अचल संपत्ति से संबंधित कागजात तथा मशीनरी से जुड़े दस्तावेज भी जांच एजेंसी के हाथ लगे हैं। ईडी के अनुसार इन सामग्रियों की जांच से कथित वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को समझने में मदद मिल सकती है। एजेंसी अब बैंक से रकम के बाहर जाने और संबंधित संस्थाओं के बीच हुए लेनदेन की पड़ताल कर रही है।

जांच के मुताबिक बिलपावर लिमिटेड ट्रांसफॉर्मर लैमिनेशन और कोर बनाने का कारोबार करती है। कंपनी का प्रबंधन राजेंद्र कुमार चौधरी सुरेश कुमार चौधरी और नरेश कुमार चौधरी करते हैं। कंपनी का एसबीआई के साथ लंबे समय से बैंकिंग संबंध था और लोन खाता एनपीए होने के बाद बड़ी रकम बकाया रह गई थी। अब ईडी कथित लोन धोखाधड़ी मनी लॉन्ड्रिंग शेल कंपनियों और लेटर ऑफ क्रेडिट से जुड़े लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही है। जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। रिपोर्ट में उल्लिखित आरोप प्रवर्तन निदेशालय की जांच से संबंधित हैं और इन्हें अंतिम रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। मामले की जांच जारी है और संबंधित पक्षों की कानूनी स्थिति सक्षम न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।बिलपावर लोन फ्रॉड

Rex TV India Author:अजय त्यागी August 31, 2026: 5:17 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —