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Rex TV India
Latest News दिल्ली Digital Newsletter 31 Aug 2026 · 5:23 PM

सीआरपीएफ पेलेट फायरिंग मामले में आरटीआई जवाब पर विवाद बढ़ा

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली, भारत। सीआरपीएफ पेलेट फायरिंग को लेकर जंतर मंतर पर 20 जुलाई को हुए प्रदर्शनों से जुड़ी आरटीआई जानकारी देने से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने इनकार कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद साकेत गोखले ने रैपिड एक्शन फोर्स से प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल किए गए गोला बारूद की जानकारी मांगी थी। सीआरपीएफ ने इसे ऑपरेशनल और सुरक्षा से जुड़ा मामला बताया है। बल के अनुसार आरटीआई कानून की धारा 24 के तहत मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़ा अपवाद इस मामले में लागू नहीं होता। गोखले की पहली अपील भी खारिज हो चुकी है। [1]

आरटीआई में क्या 

साकेत गोखले ने जंतर मंतर पार्लियामेंट स्ट्रीट और कनॉट प्लेस में तैनात आरएएफ टुकड़ियों से जुड़े गोला बारूद लॉग और जारी करने तथा खर्च के रजिस्टर की प्रमाणित प्रतियां मांगी थीं। आवेदन में जारी और इस्तेमाल किए गए गोला बारूद की मात्रा और प्रकार की जानकारी भी मांगी गई थी। इसमें पेलेट या प्लास्टिक पेलेट कारतूस तथा आंसू गैस के गोले से संबंधित विवरण शामिल था। आरएएफ ने जवाब में कहा कि सुरक्षा संगठनों को आरटीआई कानून की धारा 24 के तहत सामान्य तौर पर जानकारी देने से छूट मिली हुई है।

कानून में इस छूट के साथ भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों से जुड़ी जानकारी के लिए अपवाद भी मौजूद हैं। हालांकि आरएएफ ने कहा कि मांगी गई जानकारी उसके ऑपरेशनल और सुरक्षा मामलों से संबंधित है। उसने यह भी कहा कि आवेदन में लगाए गए आरोप मानवाधिकार अपवाद के दायरे में नहीं आते। इसके बाद गोखले ने जानकारी नहीं दिए जाने को चुनौती देते हुए पहली अपील दायर की। 21 अगस्त को अपीलीय प्राधिकारी ने भी उनकी अपील खारिज कर दी और माना कि मांगी गई जानकारी सुरक्षा तथा ऑपरेशनल मामलों से जुड़ी है।

अपवाद पर उठे सवाल

सीआरपीएफ पेलेट फायरिंग को लेकर जानकारी नहीं मिलने के बाद साकेत गोखले ने फैसले की कड़ी आलोचना की। उनका कहना है कि निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर कथित पेलेट इस्तेमाल से गंभीर चोटों और आंखों को नुकसान पहुंचने के आरोप हैं। गोखले के अनुसार ऐसे आरोप मानवाधिकार से जुड़े अपवाद के तहत देखे जाने चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने शुरुआत में पेलेट के इस्तेमाल से इनकार किया और बाद में प्रभावित लोगों की संख्या से संबंधित जानकारी देने से भी मना किया। हालांकि इन आरोपों पर सीआरपीएफ ने आगे कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है।

गोखले ने कहा है कि वह आरटीआई से जुड़े दस्तावेज और सीआरपीएफ के जवाब सुप्रीम कोर्ट के सामने रखेंगे। वह अदालत से यह स्पष्ट करने की मांग करना चाहते हैं कि प्रदर्शनकारियों पर कथित पेलेट इस्तेमाल से जुड़े आरोप आरटीआई कानून की धारा 24 के मानवाधिकार अपवाद के तहत आते हैं या नहीं। दूसरी ओर सीआरपीएफ ने मांगी गई जानकारी को सुरक्षा और ऑपरेशनल मामलों से जुड़ा बताते हुए उसे सार्वजनिक करने से इनकार किया है। फिलहाल मामला आरोपों और आरटीआई प्रक्रिया से जुड़े विवाद के बीच है तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। पेलेट इस्तेमाल और मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े सभी आरोप संबंधित पक्षों के दावों पर आधारित हैं और इन्हें अंतिम रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और संबंधित पक्षों के आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण होंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी August 31, 2026: 5:23 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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