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Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 01 Sep 2026 · 2:38 PM

16 ग्लेशियल झीलें हाईरिस्क पर, सेंसर और अलर्ट सिस्टम से रखी जा रही नजर

ग्लेशियल झीलों की मोनिटरिंग

गंगटोक, सिक्किम। 16 ग्लेशियल झीलें राज्य में अत्यधिक संवेदनशील मानी गई हैं और इन पर लगातार नजर रखी जा रही है। राज्य राहत आयुक्त रिनजिंग चेवांग ने बताया कि सिक्किम में 400 से ज्यादा छोटी बड़ी ग्लेशियल झीलें हैं। इनमें 13 उत्तर सिक्किम और 3 पश्चिम सिक्किम में हैं। इन 16 ग्लेशियल झीलों पर पानी का स्तर और मात्रा बदलने की निगरानी के लिए सेंसर लगाए गए हैं। उत्तर सिक्किम में ऑटोमेटेड वेदर स्टेशन और अर्ली वार्निंग सिस्टम भी लगाए गए हैं ताकि खतरे का संकेत समय पर मिल सके।  [1]

खतरे पर सीधी नजर

राज्य प्रशासन का ध्यान सिर्फ झीलों की पहचान तक सीमित नहीं है बल्कि उनके पानी में होने वाले परिवर्तन की लगातार निगरानी पर है। अधिकारियों के मुताबिक संवेदनशील स्थानों पर लगाए गए सेंसर पानी की मात्रा और स्तर में बदलाव की जानकारी देते हैं। इससे संभावित ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी GLOF का खतरा समझने में मदद मिलती है। 2023 में साउथ ल्होनाक झील से आई विनाशकारी बाढ़ के बाद सिक्किम ने इस तरह की आपदाओं को लेकर अपनी तैयारी तेज की है। अब वैज्ञानिक निगरानी और शुरुआती चेतावनी व्यवस्था को साथ लेकर काम किया जा रहा है।

नेपाल में हाल की ग्लेशियर आपदा के बाद सिक्किम की यह तैयारी और अहम हो गई है। राज्य राहत आयुक्त ने नेपाल की घटना की तुलना 2023 के साउथ ल्होनाक हादसे से की है। साउथ ल्होनाक में ग्लेशियर का हिस्सा झील में गिरा था और पानी का बड़ा हिस्सा विस्थापित होने से नीचे की ओर भीषण बाढ़ आई थी। सिक्किम का कहना है कि उस आपदा ने राज्य को GLOF जोखिम को गहराई से समझने और उससे निपटने की क्षमता बढ़ाने का मौका दिया। अब यही अनुभव नेपाल के साथ साझा करने की पेशकश की गई है।

नेपाल के लिए मदद का हाथ

सिक्किम सिर्फ तकनीकी अनुभव साझा करने तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए राहत सामग्री लेकर एक टीम रवाना की है। इसमें डॉक्टर और बचाव कार्यों में अनुभवी स्वयंसेवक शामिल हैं। सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के 3 अधिकारी भी मिशन का हिस्सा हैं जिनमें 2 डिप्टी डायरेक्टर शामिल हैं। टीम प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के साथ राहत पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर स्थानीय प्रशासन की खोज और बचाव गतिविधियों में मदद करेगी।

सिक्किम सरकार अब संवेदनशील और निचले इलाकों पर भी विशेष ध्यान दे रही है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की योजना पर काम चल रहा है। राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग तथा केंद्र की एजेंसियों के साथ मिलकर आपदा रोकथाम और तैयारी को आगे बढ़ा रहा है। नेपाल को राहत देने के साथ सिक्किम अपने 2023 के अनुभव से सीखी बातें भी साझा करना चाहता है। 16 ग्लेशियल झीलें अब राज्य की लगातार निगरानी वाली सूची में हैं और सेंसर, मौसम स्टेशन तथा चेतावनी तंत्र इस तैयारी की अहम कड़ी बन चुके हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। ग्लेशियल झीलों से जुड़े जोखिम मौसम, भूगर्भीय परिस्थितियों और जलस्तर में बदलाव के कारण समय के साथ बदल सकते हैं और किसी भी चेतावनी प्रणाली को पूर्ण सुरक्षा की गारंटी नहीं माना जा सकता। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 1, 2026: 2:38 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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