कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। नेत्रदान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और युवाओं को इस मानवीय अभियान से जोड़ने के लिए कोटा विश्वविद्यालय और आई बैंक सोसाइटी ऑफ राजस्थान, कोटा चैप्टर के बीच 5 वर्षीय समझौता हुआ है। नेत्रदान पखवाड़े के अवसर पर हुए इस एमओयू के तहत दोनों संस्थाएं मिलकर जागरूकता कार्यक्रम, संगोष्ठी, कार्यशाला और जनसंपर्क गतिविधियां आयोजित करेंगी। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत ने कहा कि नेत्रदान मानवता की बड़ी सेवाओं में से एक है और विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना व मानवीय मूल्यों का विकास भी शिक्षा का अहम हिस्सा है।
आई बैंक सोसाइटी ऑफ राजस्थान, कोटा चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. कृष्ण कुमार कंजोलिया ने बताया कि समझौते के तहत विश्वविद्यालय परिसर में नेत्रदान जागरूकता व्याख्यान, सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही नेत्रदान संकल्प अभियान चलाए जाएंगे। विद्यार्थियों को जागरूकता के संदेशवाहक के रूप में तैयार करने के लिए स्टूडेंट आई डोनेशन एम्बेसडर प्रोग्राम भी संचालित किया जाएगा। विश्वविद्यालय परिसर में नेत्रदान से संबंधित जागरूकता सामग्री नियमित रूप से प्रदर्शित की जाएगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के जरिए सही जानकारी को परिवारों और समाज तक पहुंचाना है।
कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत ने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से नेत्रदान जागरूकता अभियान को व्यापक समर्थन मिल सकता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अगर वैज्ञानिक और सही जानकारी समाज तक पहुंचाएं तो नेत्रदान को लेकर बनी भ्रांतियों और संकोच को दूर करने में मदद मिलेगी। एमओयू के तहत विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच नियमित जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित होंगी। प्रो. रीना दाधीच और डॉ. अंकित शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय स्तर पर इस अभियान को लगातार आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है।
आई बैंक सोसाइटी के सचिव सुरेश सेडवाल ने बताया कि समझौते के तहत प्रत्येक 6 महीने में कम से कम एक विशेष संयुक्त नेत्रदान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। विश्व नेत्रदान दिवस सहित अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर भी वार्षिक गतिविधियां होंगी। नेत्रदाताओं के परिवारों के सम्मान और अभिनंदन के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का प्रावधान भी रखा गया है। समाजसेवी जीडी पटेल और वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. सुरेश पाण्डेय ने कहा कि नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार और संगठित प्रयास जरूरी हैं।
डॉ. सुरेश पाण्डेय ने कहा कि नेत्रदान को लेकर सही जानकारी का प्रसार बेहद जरूरी है और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अभियान से जोड़कर इस संदेश को बड़े स्तर पर समाज तक पहुंचाया जा सकता है। कार्यक्रम में कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत, डॉ. कृष्ण कुमार कंजोलिया, डॉ. सुरेश पाण्डेय, डॉ. अमित सिंह राठौड़, सुरेश सेडवाल, जीडी पटेल, टिंकू ओझा, प्रो. रीना दाधीच, प्रो. घनश्याम शर्मा, डॉ. अंकित शर्मा सहित अन्य गणमान्यजन मौजूद रहे। 5 वर्षीय समझौते के जरिए दोनों संस्थाओं ने नेत्रदान जागरूकता को लगातार आगे बढ़ाने और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। नेत्रदान से संबंधित जागरूकता गतिविधियों और कार्यक्रमों का विवरण संबंधित संस्थाओं द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। नेत्रदान से जुड़े किसी भी निर्णय के लिए संबंधित व्यक्ति को अधिकृत चिकित्सकीय और संस्थागत मार्गदर्शन लेना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
September 1, 2026: 8:24 PM
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