WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News बाज़ार और निवेश Digital Newsletter 04 Sep 2026 · 10:58 AM

रुपया मजबूत हुआ, RBI की स्कीम से आया 136 अरब डॉलर का सहारा

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली, दिल्ली। रुपया मजबूत हुआ और गुरुवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.27 तक पहुंच गया। यह 29 जून के बाद उसका सबसे मजबूत स्तर रहा। बुधवार को रुपया 94.98 पर बंद हुआ था। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को डॉलर के मुकाबले रुपये में करीब 0.74 प्रतिशत की तेजी आई। बाद में बढ़त कुछ कम हुई और मजबूती करीब 0.5 प्रतिशत रह गई। बाजार के लिए 94 का स्तर अब बेहद अहम माना जा रहा है।  [1]

डॉलर की बड़ी आमद

रुपये को सबसे बड़ा सहारा RBI की डॉलर बिक्री और विदेशी मुद्रा की बड़ी आमद से मिला है। RBI की FCNR B योजना के जरिए 31 अगस्त तक कुल 136.37 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा जुटाई गई। इसमें FCNR B जमा से 127.2 अरब डॉलर आए। इसके अलावा विदेश से ली गई विदेशी मुद्रा उधारी से 5.26 अरब डॉलर और ECB से 3.89 अरब डॉलर मिले। शुरुआत में इस योजना से केवल 50 से 60 अरब डॉलर जुटने का अनुमान था, लेकिन वास्तविक रकम उससे काफी ज्यादा निकली। 

RBI की खास रणनीति

यह योजना ऐसे समय लाई गई थी जब रुपये पर पश्चिम एशिया का तनाव, महंगा कच्चा तेल और विदेशी मुद्रा भंडार में कमी का दबाव था। RBI ने 8 जून को विदेशी मुद्रा जुटाने की यह सुविधा शुरू की थी। FCNR B खाते में NRI अपनी विदेशी कमाई विदेशी मुद्रा में जमा कर सकते हैं और उन्हें पहले रुपये में बदलने की जरूरत नहीं होती। इस व्यवस्था से RBI को डॉलर की उपलब्धता बढ़ाने और घरेलू मुद्रा को सहारा देने की क्षमता मिली। यही वजह है कि रुपया मजबूत और अब इस पर बाजार की नजर बनी हुई है। 

GDP ने भी दिया साथ

रुपये की मजबूती केवल विदेशी मुद्रा आमद तक सीमित नहीं है। कोटक सिक्योरिटीज के FX एनालिस्ट अनिंद्य बनर्जी के मुताबिक, मजबूत GDP आंकड़ों ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर भरोसा बढ़ाया है। बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त पैसा होने से आर्थिक गतिविधियों को सहारा मिल रहा है। उनका अनुमान है कि RBI की योजना से कुल विदेशी मुद्रा आमद करीब 145 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। हालांकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और वैश्विक बॉन्ड यील्ड रुपये के लिए आगे भी जोखिम बने रह सकते हैं। 

अब आगे क्या होगा

FCNR B में नए जमा लेने की सुविधा 31 अगस्त को तय समय से करीब एक महीने पहले बंद कर दी गई। हालांकि RBI के साथ विदेशी मुद्रा स्वैप की सुविधा 11 सितंबर तक जारी रहेगी और ECB तथा OFCB से जुड़ी सुविधा 31 दिसंबर तक खुली रहेगी। अगर डॉलर रुपये की दर 94 से नीचे टिकती है तो निर्यातक हेजिंग बढ़ा सकते हैं और रुपये में आगे भी मजबूती की संभावना बन सकती है। लेकिन महंगा तेल इस तेजी पर ब्रेक लगा सकता है। फिलहाल रुपया मजबूत हुआ है और बाजार अगली दिशा के लिए 94 के स्तर को देख रहा है। 

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मुद्रा बाजार में उतार चढ़ाव कई घरेलू और वैश्विक कारकों से प्रभावित होता है इसलिए रुपये की भविष्य की दिशा को निश्चित नहीं माना जा सकता। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 4, 2026: 10:58 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —