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Rex TV India
Latest News अंतरराष्ट्रीय Digital Newsletter 04 Sep 2026 · 2:30 PM

1200 मौत, 5000 लापता, अब DNA जांच से अपनों तक पहुंचेगी पहचान की कड़ी

नेपाल में बाढ़ का कहर

काठमांडू, नेपाल। 26 अगस्त की विनाशकारी बाढ़ में 1,259 लोगों की मौत और करीब 5,000 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में नेपाल में DNA जांच उन परिवारों के लिए उम्मीद की वैज्ञानिक खिड़की बनकर आई है जो अब तक फोन, फोटो और सरकारी सूचियों में अपनों को ढूंढ रहे थे। भारत में करीबी रिश्तेदारों के जैविक नमूने लेकर प्रोफाइल बनाई जाएगी और नेपाल में मिले अज्ञात शवों से उसका मिलान किया जाएगा। यानी तबाही ने सवाल बहुत छोड़े, अब जवाब शरीर के डीएनए में खोजा जाएगा।  [1]

पहचान की राह

भारत में लापता लोगों के फर्स्ट डिग्री जैविक रिश्तेदारों यानी माता, पिता, बेटे और बेटी के नमूने लिए जा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर भाई या बहन के नमूने भी काम आ सकते हैं। केंद्रीय और राज्य फोरेंसिक प्रयोगशालाओं के साथ राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय और मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं की मदद ली जा सकती है। सुनने में व्यवस्था काफी सीधी है, लेकिन जिस परिवार ने अपना आदमी खोया हो उसके लिए हर फॉर्म और हर नमूना दर्द की एक और परीक्षा ही है। 

नेपाल पुलिस ने विदेश में रह रहे परिजनों के लिए भी DNA जांच के लिए प्रोफाइल भेजने का रास्ता बताया है। वहां से प्रोफाइल नेपाल पुलिस को भेजी जा सकती है ताकि बरामद शवों और मानव अवशेषों से तुलना हो सके। नेपाल पुलिस के मुताबिक अज्ञात शवों के फोटो, पहचान संबंधी निशान और DNA जांच के नमूने सुरक्षित किए जा रहे हैं। मतलब पहले बाढ़ ने पहचान बहाई और अब सिस्टम वैज्ञानिक तरीके से उसे वापस जोड़ने में जुटा है। फर्क बस इतना है कि इस बार कागज के साथ विज्ञान भी मैदान में है। 

डीएनए का सहारा

बाढ़ और मलबे ने शवों की पहचान को बेहद मुश्किल बना दिया है। कई अवशेष ऐसी स्थिति में मिले हैं जहां सामान्य पहचान या सिर्फ तस्वीर से पुष्टि करना आसान नहीं है। इसी वजह से फोरेंसिक विशेषज्ञ DNA और दूसरे वैज्ञानिक तरीकों पर जोर दे रहे हैं। भारत की विशेषज्ञ टीम भी नेपाल में DNA विश्लेषण में मदद कर रही है। राहत अभियान में जहां मशीनें मलबा हटा रही हैं वहीं प्रयोगशालाएं उन रिश्तों को खोज रही हैं जिन्हें पानी और मिट्टी ने छिपा दिया। 

इस पूरी कवायद की असली अहमियत आंकड़ों से ज्यादा उन घरों में है जहां अब भी किसी फोन की घंटी का इंतजार है। नेपाल पुलिस ने बताया है कि परिवारों से नमूने लेकर उन्हें बरामद अवशेषों के DNA से मिलाया जा सकता है। इसी बीच बचाव अभियान भी जारी है और 4 सितंबर को एक सुरंग से 9 दिन बाद 2 मजदूरों को जिंदा निकाला गया। यानी इस त्रासदी में मौत का आंकड़ा डराता है लेकिन तलाश अब भी खत्म नहीं हुई है। 

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मृतकों और लापता लोगों की पहचान से जुड़ी प्रक्रिया संबंधित सरकारी और फोरेंसिक प्रोटोकॉल के अधीन है और उपलब्ध आंकड़े समय के साथ बदल सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 4, 2026: 2:30 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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