WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News अजब - गजब Digital Newsletter 06 Sep 2026 · 4:25 PM

SIR सत्यापन में 35 साल बाद मिले भाई, मिलते ही छलक पड़े दोनों के आंसू

35 साल बाद मिले भाई

जींद, हरियाणा। 35 साल बाद मिले दो बिछड़े भाइयों की कहानी ने एक सामान्य सरकारी प्रक्रिया को भावुक याद में बदल दिया। मामला मनोहरपुर गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का है। सीता राम अपने पुराने स्कूल से स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट लेने पहुंचे थे। SIR के लिए चल रहे रिकॉर्ड सत्यापन के दौरान बूथ लेवल अधिकारी ने उनसे गांव, पिता और परिवार की जानकारी पूछी। बातचीत में भाई का नाम सामने आया तो अधिकारी ने फोन कर संपर्क किया और यहीं से 35 साल बाद मिले भाइयों की कहानी फिर जुड़ गई।  [1]

सत्यापन में खुला राज

सीता राम करीब 35 साल पहले घर से निकलकर पंजाब चले गए थे। इतने लंबे समय में उन्होंने वहां अलग अलग जगह काम किया और बाद में सरकारी नौकरी भी हासिल की। स्कूल में रिकॉर्ड की जांच के दौरान जब उन्होंने अपने भाई का नाम बताया तो बूथ लेवल अधिकारी ने जानकारी की पुष्टि करने के लिए फोन किया। दूसरी तरफ भाई ने आवाज और नाम से पहचान कर ली। उसने बताया कि वह इतने वर्षों से अपने बिछड़े भाई को तलाश रहा था। इसके बाद वह तुरंत स्कूल की ओर निकल पड़ा।

स्कूल में जब दोनों आमने सामने आए तो माहौल पूरी तरह बदल गया। 35 साल बाद मिले भाइयों ने एक दूसरे को गले लगाया और दोनों की आंखों से आंसू निकल पड़े। इतने लंबे समय का इंतजार कुछ पलों में भावनाओं में बदल गया। मौके पर मौजूद स्कूल कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए भी यह असाधारण अनुभव था। बताया गया कि सीता राम अपने भाई से मिलने के बाद उसके साथ घर के लिए रवाना हुए। एक सामान्य दस्तावेजी सत्यापन ने परिवार को वह खुशी दे दी जिसकी उम्मीद शायद किसी को नहीं थी।

एक फोन ने जोड़ा रिश्ता

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम भूमिका उस छोटे से फोन कॉल की रही जो सत्यापन के दौरान किया गया। बूथ लेवल अधिकारी ने परिवार की जानकारी को केवल कागजी रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रखा और भाई के नाम की पुष्टि करने के लिए संपर्क किया। फोन पर पहचान होते ही दशकों पुराना रिश्ता सामने आ गया। अधिकारियों के मुताबिक यह घटना बताती है कि प्रशासनिक प्रक्रिया कभी कभी लोगों की जिंदगी में अप्रत्याशित बदलाव भी ला सकती है। इस मामले में रिकॉर्ड सत्यापन एक परिवार के लिए यादगार बन गया।

एडिशनल एईआरओ डॉ. रमेश कुमार ने इस पुनर्मिलन को बेहद यादगार बताया। उनके मुताबिक SIR की प्रक्रिया के दौरान सामने आई यह घटना सिर्फ मतदाता रिकॉर्ड की जांच तक सीमित नहीं रही बल्कि मानवीय रिश्ते को जोड़ने का माध्यम बन गई। सीता राम और उनके भाई के लिए 35 साल बाद मिले पल किसी सरकारी प्रक्रिया से कहीं ज्यादा मायने रखते हैं। वर्षों की दूरी के बाद दोनों का एक साथ घर लौटना इस कहानी का सबसे भावुक हिस्सा रहा। एक सवाल, एक फोन और एक पहचान ने पुराना रिश्ता फिर जीवित कर दिया।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। घटना से जुड़े व्यक्तिगत विवरण उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं और प्रशासनिक प्रक्रिया या संबंधित पक्षों की ओर से बाद में कोई संशोधन होने पर तथ्यों में बदलाव संभव है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 6, 2026: 4:25 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —