WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News बाज़ार और निवेश Digital Newsletter 08 Sep 2026 · 11:33 AM

रुपया दबाव में, महंगे तेल और डॉलर के बीच RBI के सामने नई चुनौती

प्रतीकात्मक फोटो

मुंबई, महाराष्ट्र। रुपया दबाव में है और इसकी चाल पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर साफ दिख रहा है। Reuters की एक रिपोर्ट के अनुसार, हाल में रुपया 95.70 से सुधरकर करीब 94.50 प्रति डॉलर तक आया था लेकिन अब उसकी तेजी थम गई है। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 94.68 प्रति डॉलर तक कमजोर हुआ। कारोबारियों का कहना है कि RBI लगातार बाजार में मौजूद है और डॉलर की बिक्री के जरिए रुपये को संभालने की कोशिश कर रहा है।  [1]

तेल ने बढ़ाई चिंता

रुपया दबाव में रहने की बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है। Brent crude करीब 97 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है और मिडिल ईस्ट तनाव बढ़ने से आगे भी कीमतों में तेजी का खतरा बना हुआ है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है इसलिए तेल महंगा होने पर डॉलर की मांग बढ़ती है। इससे रुपये पर दबाव आता है। साथ ही आयातक हाल की मजबूती का फायदा उठाकर ज्यादा हेजिंग कर रहे हैं जिससे रुपये की तेजी सीमित हो रही है।

RBI की रणनीति बदली

रुपया दबाव में होने के बावजूद RBI फिलहाल मुद्रा को किसी एक स्तर तक पहुंचाने के बजाय बाजार में ज्यादा उतार चढ़ाव रोकने पर ध्यान देता दिख रहा है। Reuters के मुताबिक केंद्रीय बैंक पहले लगातार डॉलर बेचकर रुपये को मजबूती देने में सक्रिय था लेकिन अब महंगे तेल और ऊंची अमेरिकी Treasury yields से पैदा दबाव को संभालना ज्यादा अहम हो गया है। कारोबारियों की नजर 94.50 के आसपास RBI की मौजूदगी पर है। इसका मतलब है कि केंद्रीय बैंक रुपये की कमजोरी को पूरी तरह खुला छोड़ने के मूड में नहीं है।

डॉलर पर भी नजर

रुपया दबाव में रहने के बीच अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर की वैश्विक चाल भी महत्वपूर्ण हो गई है। अगर अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर सख्ती की उम्मीद बढ़ती है तो उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बढ़ सकता है। दूसरी ओर भारत में हाल में बड़े विदेशी मुद्रा प्रवाह ने RBI के पास रुपये को संभालने की क्षमता मजबूत की है। सितंबर की शुरुआत में भारत को 136.38 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा प्रवाह की जानकारी मिली थी। इससे बाजार को तत्काल सहारा मिला है लेकिन तेल का झटका अभी बड़ी चुनौती बना हुआ है।

आगे कैसी रहेगी चाल

रुपया दबाव में रहने की स्थिति आगे भी बनी रह सकती है क्योंकि तेल, मिडिल ईस्ट तनाव और अमेरिकी ब्याज दरों से जुड़े संकेत एक साथ बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। Goldman Sachs ने दिसंबर 2026 के Brent अनुमान को 5 डॉलर बढ़ाकर 85 डॉलर किया है और लंबे समय तक शिपिंग बाधित रहने की स्थिति में कीमत 120 डॉलर तक जाने की संभावना भी जताई है। ऐसे माहौल में RBI के हस्तक्षेप से रुपये की चाल नियंत्रित रह सकती है लेकिन तेज मजबूती हासिल करना आसान नहीं होगा।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मुद्रा विनिमय दरें कच्चे तेल की कीमतों वैश्विक घटनाओं और केंद्रीय बैंक की नीतियों के कारण तेजी से बदल सकती हैं और यहां दिए गए अनुमान भविष्य की निश्चित दिशा नहीं बताते। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 8, 2026: 11:33 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —