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Rex TV India
Latest News नियम और कानून Digital Newsletter 08 Sep 2026 · 1:53 PM

एसपी को नहीं अधिकार, सरकार की अधिसूचना को हाईकोर्ट ने किया खारिज

प्रतीकात्मक फोटो

धारवाड़, कर्नाटक। एसपी को अधिकार देने के मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट की धारवाड़ पीठ ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने साफ कहा कि राज्य सरकार की अधिसूचना के जरिए पुलिस अधीक्षकों यानी एसपी को कर्नाटक पुलिस अधिनियम की धारा 55 और 56 के तहत किसी व्यक्ति को क्षेत्र से बाहर करने की शक्ति नहीं दी जा सकती। जस्टिस सचिन शंकर मगदूम ने बेलगावी एसपी की ओर से जारी बेदखली आदेश को रद्द करते हुए कहा कि कार्यपालिका ऐसा अधिकार किसी ऐसे अधिकारी को नहीं दे सकती जिसे मूल कानून ने यह शक्ति नहीं दी है।   [1]

अधिकार देने पर सवाल

अदालत के सामने नवंबर 2025 की उस सरकार की अधिसूचना का मामला था जिसमें एसपी को बेदखली की कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया था। हाईकोर्ट ने पाया कि यह अधिसूचना आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित भी नहीं हुई थी जबकि धारा 55 के तहत इसकी जरूरत थी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित हो भी जाती तो इससे कानूनी कमी दूर नहीं होती। क्योंकि मूल कानून में यह शक्ति पुलिस आयुक्तों और कुछ इलाकों में जिला या उप मंडल मजिस्ट्रेट को दी गई है। 

मामले में बेलगावी के पुलिस अधीक्षक ने 28 अप्रैल 2026 को एक व्यक्ति के खिलाफ बेदखली का आदेश जारी किया था। हाईकोर्ट ने इस आदेश को भी रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि सरकारी आदेश या प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए उस अधिकार का विस्तार नहीं किया जा सकता जो कानून ने तय नहीं किया है। यानी पुलिस प्रशासन के पास किसी व्यक्ति को इलाके से बाहर करने की शक्ति तभी होगी जब संबंधित कानून उसे स्पष्ट रूप से यह अधिकार देता हो। 

कानून की सीमा साफ

हाईकोर्ट के फैसले का सबसे अहम संदेश यही है कि कार्यपालिका कानून की तय सीमा को पार नहीं कर सकती। अदालत ने सरकार की अधिसूचना को गैर मौजूद कानूनी आधार वाला माना और उसे अमान्य कर दिया। इसके साथ ही बेलगावी एसपी का आदेश भी खत्म हो गया। फैसले से पुलिस अधिकारियों को मिले प्रशासनिक अधिकारों और उनके इस्तेमाल की कानूनी सीमा को लेकर स्थिति और स्पष्ट हुई है। 

इसी खबर में कर्नाटक हाईकोर्ट ने निलंबित KPSC चेयरमैन साहुकार एस शिवशंकरप्पा की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज की है। मामला 400 पशु चिकित्सा अधिकारी पदों की भर्ती में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है। शिकायत में प्रश्नपत्र पहले उपलब्ध कराने और OMR शीट में कथित छेड़छाड़ के आरोप हैं। बिचौलियों पर 70 लाख से 80 लाख रुपये में नौकरी दिलाने की पेशकश का भी आरोप है। इन मामलों के बीच एसपी को नहीं अधिकार वाला फैसला पुलिस शक्तियों की कानूनी सीमा को लेकर अहम माना जा रहा है। 

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। रिपोर्ट में न्यायालय के आदेश और उपलब्ध कानूनी रिकॉर्ड को उसी संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है और संबंधित मामलों में अंतिम न्यायिक स्थिति अलग हो सकती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 8, 2026: 1:53 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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