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Rex TV India
Latest News उत्तर प्रदेश Digital Newsletter 08 Sep 2026 · 5:02 PM

दंगे के पोस्टर से हड़कंप, सांसद के बच निकलने पर 14 पुलिसकर्मी सस्पेंड

सपा सांसद हरेंद्र मलिक

मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश। दंगे के पोस्टर और सपा सांसद हरेंद्र मलिक के हाउस अरेस्ट से निकलकर सहारनपुर पहुंचने के मामले में पुलिस पर बड़ी कार्रवाई हुई है। SSP संजय कुमार वर्मा ने ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में 14 पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिए। इनमें 5 दारोगा और 9 कांस्टेबल शामिल हैं। कार्रवाई के पीछे 2 अलग घटनाएं बताई गई हैं। एक तरफ 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर शहर में पोस्टर लगाए गए और दूसरी तरफ हाउस अरेस्ट किए गए सांसद पुलिस सुरक्षा को चकमा देकर सहारनपुर पहुंच गए।   [1]

पोस्टरों से मचा हड़कंप

मुजफ्फरनगर दंगे की 13वीं बरसी पर शहर और आसपास के इलाकों में अखिलेश यादव की तस्वीर वाले पोस्टर लगाए गए। पोस्टरों पर दंगों को लेकर न भूले थे न भूले हैं न भूलेंगे लिखा था। रोडवेज बस स्टैंड समेत कई प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर दिखाई देने के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। पुलिस ने पोस्टर हटवाए और सीसीटीवी फुटेज की मदद से जांच शुरू की। जानकारी के मुताबिक कुछ युवक बस से शहर पहुंचे थे और पोस्टर लगाने के बाद वहां से निकल गए। 

पोस्टर मामले में पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे। SSP ने जांच SP सिटी अमृत जैन को सौंप दी। इसके बाद सिविल लाइन थाने के दारोगा पंकज कुमार और मुकुल कुशवाहा समेत LIU के उपनिरीक्षक राजकुमार और 5 अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। पुलिस अब पोस्टर लगाने वालों की पहचान के लिए सीसीटीवी और दूसरे साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों ने सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति पोस्टर लगाने को गंभीरता से लिया, 14 पुलिसकर्मी सस्पेंड हुए और मामले में आगे कार्रवाई की बात कही है। 

सांसद को रोकने में चूक

दूसरी कार्रवाई सपा सांसद हरेंद्र मलिक के मामले में हुई। दंगे की बरसी और सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद बने माहौल को देखते हुए पुलिस ने सांसद के मुजफ्फरनगर स्थित आवास पर फोर्स तैनात कर उन्हें हाउस अरेस्ट किया था। इसके बावजूद हरेंद्र मलिक सोमवार को पुलिस सुरक्षा को चकमा देकर सहारनपुर पहुंच गए। वहां उन्होंने ध्वस्त मस्जिद स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से मुलाकात भी की। सांसद के इस तरह निकल जाने के बाद पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे। 

मामले को गंभीर मानते हुए शहर कोतवाली के दारोगा नितिन कुमार और यशपाल सिंह समेत 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। इनके साथ 4 कांस्टेबल भी कार्रवाई की चपेट में आए। इस तरह पोस्टर प्रकरण और सांसद के हाउस अरेस्ट से निकलने के मामलों में कुल 14 पुलिसकर्मी सस्पेंड हुए। पुलिस प्रशासन की ओर से इसे ड्यूटी में लापरवाही से जुड़ा मामला बताया गया है। फिलहाल दोनों घटनाओं की विभागीय जांच के साथ पोस्टर लगाने वालों और पूरे घटनाक्रम से जुड़े दूसरे पहलुओं की पड़ताल भी जारी है। 

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इसमें शामिल राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम से जुड़े दावे उपलब्ध रिपोर्टों और अधिकारियों की कार्रवाई पर आधारित हैं और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोप को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 8, 2026: 5:02 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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