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Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 09 Sep 2026 · 8:29 PM

महावीर का पुरुषार्थ: स्वाध्याय ने समझाया आत्मविकास का सीधा रास्ता

स्वाध्याय दिवस पर विशेष आराधना

चेम्बूर, महाराष्ट्र। स्वाध्याय दिवस पर विशेष आराधना में विशाल जनमेदिनी के बीच विदुषी साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी ने महावीर का पुरुषार्थ का संदेश सामने रखते हुए कहा कि भगवान महावीर ने पराक्रम और पुरुषार्थ को सर्वाधिक महत्व दिया। उन्होंने पुरिसा! परक्कमेज्जा का उल्लेख करते हुए समझाया कि हे पुरुष तुम पराक्रम करो। साध्वीश्री ने कहा कि जीवन में होने वाली घटनाओं को समझने के लिए काल, स्वभाव, नियति, कर्म और पुरुषार्थ जैसे पांच समवायों को देखना जरूरी है। ये पांचों तत्त्व संसारी प्राणी के जीवन से जुड़े हैं और इनके बारे में सही समझ शास्त्र अध्ययन तथा प्रवचन श्रवण से विकसित होती है। स्वाध्याय दिवस का यही संदेश व्यक्ति को परिस्थितियों के बीच जागरूक होकर अपने पुरुषार्थ को पहचानने की प्रेरणा देता है।

आत्मचिंतन की राह

साध्वीश्री योगक्षेमप्रज्ञाजी ने अपने वक्तव्य में पर्युषण महापर्व को अध्यात्म की ऊंचाइयों को छूने वाला पर्व बताया। उन्होंने कहा कि तीर्थंकरों का चरित्र वह प्रेरणा प्रदीप है जो सघन अंधकार में भी नया प्रकाश और नया उल्लास पैदा करता है। भगवान ऋषभ की तरह भवों की यात्रा को उन्होंने आत्म विकास की विलक्षण यात्रा बताया और कहा कि इसका श्रवण करने से हम भी ऊर्ध्वारोहण कर सकते हैं। पर्युषण में स्वाध्याय, ध्यान, तप, संयम और आत्मनिरीक्षण को विशेष महत्व दिया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार स्वाध्याय दिवस का उद्देश्य केवल धार्मिक ग्रंथ पढ़ना नहीं बल्कि ज्ञान को जीवन से जोड़ना और आत्मचिंतन की आदत को मजबूत करना भी है। इसी सोच के बीच महावीर का पुरुषार्थ लोगों के लिए अपने भीतर की क्षमता पहचानने का प्रेरक संदेश बनकर उभरा।

साध्वी कुंदनयशाजी ने स्वाध्याय की महत्ता को विस्तार से सामने रखते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को स्वाध्याय की प्रेरणा दी। जैन परंपरा में स्वाध्याय को ज्ञान प्राप्ति के साथ आत्मशुद्धि, विवेक जागृति और व्यवहार में बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम माना गया है। पर्युषण के दौरान धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन, प्रवचन श्रवण और आत्मचिंतन व्यक्ति को अपने विचारों और आचरण को देखने का अवसर देते हैं। तेरापंथ परंपरा में भी स्वाध्याय को ज्ञान संपदा के संरक्षण और ज्ञान के विकास से जोड़ा गया है। वर्ष 2026 को योगक्षेम वर्ष के रूप में मनाए जाने की जानकारी के बीच इस आयोजन का संदेश और भी महत्वपूर्ण नजर आया। महावीर का पुरुषार्थ यहां केवल पराक्रम की बात नहीं बल्कि जिम्मेदारी के साथ जीवन जीने की प्रेरणा बन गया।

भक्ति में ज्ञान का रंग

कार्यक्रम की शुरुआत नमस्कार महामंत्र के सामूहिक जप से हुई। इसके बाद साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी ने ध्यान का प्रयोग करवाया और उपस्थित लोगों को भीतर की ओर देखने की प्रेरणा दी। साध्वी मुदितप्रज्ञाजी ने श्रुत सागर लहराए गीत की मधुर संगीतमय प्रस्तुति दी जिसने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंगलाचरण घाटकोपर तेरापंथ महिला मंडल की बहनों ने किया। इस तरह आयोजन में जप, ध्यान, प्रवचन, स्वाध्याय की प्रेरणा और संगीत सभी का सुंदर मेल दिखाई दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल धार्मिक भाव पैदा करना नहीं रहा बल्कि ज्ञान और साधना को जीवन के व्यवहार से जोड़ने का संदेश भी सामने आया। महावीर का पुरुषार्थ इसी व्यापक आध्यात्मिक दृष्टि में लोगों को सक्रिय और जागरूक जीवन की राह दिखाता नजर आया।

मंच संचालन श्रीमती रीना धाकड़ ने किया और पूरे कार्यक्रम का क्रम श्रद्धा तथा अनुशासन के साथ आगे बढ़ा। स्वाध्याय दिवस के अवसर पर दिए गए संदेशों में बार बार यह बात सामने आई कि ज्ञान तभी सार्थक है जब वह सोच और व्यवहार में बदलाव लाए। जैन परंपरा में पर्युषण को आत्मशुद्धि, संयम, तप, स्वाध्याय और क्षमा की साधना से जोड़ा जाता है। ऐसे में चेम्बूर की विशेष आराधना ने शास्त्रीय विचारों को सरल जीवन संदेश से जोड़ दिया। पांच समवायों की चर्चा ने लोगों को घटनाओं को व्यापक नजरिए से समझने की सीख दी और महावीर का पुरुषार्थ हमें यह याद दिलाता है कि परिस्थितियां जैसी भी हों, व्यक्ति अपने प्रयास और जागरूकता की भूमिका को नजरअंदाज नहीं कर सकता।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इसमें व्यक्त धार्मिक विचार संबंधित साध्वीश्री और जैन परंपरा के आध्यात्मिक संदर्भ में प्रस्तुत किए गए हैं, इन्हें व्यक्तिगत धार्मिक या जीवन संबंधी निर्णय का एकमात्र आधार नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 9, 2026: 8:29 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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