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Rex TV India
Latest News राजस्थान Digital Newsletter 10 Sep 2026 · 10:22 PM

स्मार्ट बैंकिंग की नई तस्वीर, गांवों तक पहुंचेंगी बैंकिंग की कई सेवाएं

प्रतीकात्मक फोटो

भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। बैंकिंग को शाखाओं की चारदीवारी से बाहर निकालकर सीधे आमजन तक पहुंचाने की दिशा में सरकार ने स्मार्ट बैंकिंग की नई पहल सामने रखी है। ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में वित्तीय सेवा विभाग के सचिव संजय लोहिया ने ऐसी व्यवस्थाओं का शुभारंभ किया जिनसे एटीएम सिर्फ नकदी निकालने की मशीन नहीं रहेगा। अब ओपन सोर्स एंड्रॉयड आधारित एटीएम से रुपे डेबिट क्रेडिट और एनसीएमसी कार्ड तुरंत मिल सकेंगे। व्यापारियों के लिए यूपीआई क्यूआर भी जारी होगा। यही नहीं चेक जमा करने खाता खोलने और ऋण आवेदन जैसी सेवाओं की राह भी खुल रही है। 

एटीएम बदलेगा रूप

नई व्यवस्था में ग्राहक सेल्फ सर्विस प्रक्रिया के जरिए एटीएम से अपना व्यक्तिगत रुपे डेबिट क्रेडिट या एनसीएमसी कार्ड हासिल कर सकेगा। यानी कार्ड के लिए कूरियर का इंतजार या शाखा का चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है। मशीन से व्यापारियों को यूपीआई क्यूआर कोड भी जारी किया जा सकेगा। इसके अलावा चेक जमा करने खाता खोलने और ऋण के लिए आवेदन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की तैयारी है। बैंकों की ओर से इन मशीनों को डिजिटल बैंकिंग (स्मार्ट बैंकिंग) यूनिट के रूप में इस्तेमाल करने की संभावनाएं भी देखी जा रही हैं। इससे एटीएम का काम नकदी लेनदेन से आगे बढ़कर स्मार्ट बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच सकता है। 

इन मशीनों को उन जगहों पर भी लगाया जा सकता है जहां लोगों की आवाजाही ज्यादा रहती है। मेट्रो स्टेशन ट्रांजिट हब एयरपोर्ट शैक्षणिक परिसरों और कॉर्पोरेट पार्कों में इनका इस्तेमाल संभव है। इससे यात्रियों विद्यार्थियों और कर्मचारियों को मौके पर ही कार्ड जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। अर्धशहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी इन्हें डिजिटल बैंकिंग यूनिट के तौर पर इस्तेमाल करने की संभावना है जहां पारंपरिक शाखाओं का नेटवर्क सीमित है। फिलहाल भारतीय स्टेट बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पंजाब नेशनल बैंक बैंक ऑफ इंडिया सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया यूको बैंक स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक और एयरटेल पेमेंट्स बैंक समेत 9 बैंक इस समाधान की संभावनाएं तलाश रहे हैं। 

यूपीआई से मिलेगा कर्ज

वित्तीय समावेशन की दूसरी अहम पहल किसान क्रेडिट कार्ड और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के पात्र लाभार्थियों से जुड़ी है। अब स्वीकृत क्रेडिट सीमा का इस्तेमाल यूपीआई के जरिए व्यापारियों को भुगतान करने में किया जा सकेगा। इसका सीधा फायदा किसानों और छोटे कारोबारियों को मिल सकता है क्योंकि औपचारिक कर्ज को डिजिटल भुगतान व्यवस्था से जोड़ने का रास्ता खुल रहा है। आरबीआई ने सितंबर 2023 में यूपीआई पर क्रेडिट लाइन की सुविधा के लिए रास्ता साफ किया था। अब इसे प्रमुख सरकारी ऋण योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अधिक बैंक आने वाले समय में इन सुविधाओं को यूपीआई से जोड़ सकते हैं। 

केसीसी के 7.7 करोड़ से अधिक सक्रिय खातों में 10 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की स्वीकृत ऋण सीमा बताई गई है। वहीं मुद्रा योजना के तहत 57 करोड़ से अधिक ऋणों की कुल राशि 40 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा बताई गई है। ऐसे बड़े आधार को यूपीआई से जोड़ने का मतलब है कि किसानों और छोटे कारोबारियों के लिए स्वीकृत कर्ज का डिजिटल इस्तेमाल आसान हो सकता है। यहां अहम बदलाव यह है कि ऋण की उपलब्ध सीमा को भुगतान के रोजमर्रा के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। इससे छोटे कारोबार में भुगतान प्रक्रिया सरल होने और औपचारिक क्रेडिट के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

आधार से नकद जमा

तीसरी पहल आधार सक्षम भुगतान प्रणाली के तहत थ्री पार्टी कैश डिपॉजिट की है। इसमें आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से पंजीकृत जमाकर्ता किसी परिवार सदस्य या दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते में सीधे नकद जमा कर सकेगा। यह काम सहभागी एईपीएस टचपॉइंट ऑपरेटर के जरिए होगा। लेनदेन पूरा होने से पहले लाभार्थी के नाम की पुष्टि एसएमएस से की जाएगी। इसके बाद राशि इच्छित खाते में जमा होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इस व्यवस्था का मकसद बैंक शाखा या बैंक की अपनी नकद जमा मशीन पर निर्भरता कम करना है। खासकर ग्रामीण अर्धशहरी और कम सेवा वाले इलाकों में यह सुविधा उपयोगी हो सकती है। 

इस सेवा के लिए एयरटेल पेमेंट्स बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा केनरा बैंक फिनो बैंक आईडीएफसी फर्स्ट बैंक इंडियन बैंक इंडियन ओवरसीज बैंक इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक करूर वैश्य बैंक पंजाब नेशनल बैंक भारतीय स्टेट बैंक तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और यस बैंक सहित कई बैंक सक्षम किए गए हैं। कुल मिलाकर इन पहलों का फोकस बैंकिंग को शाखा और नकदी तक सीमित रखने के बजाय कार्ड यूपीआई आधार और डिजिटल तकनीक के जरिए लोगों के करीब लाना है। स्मार्ट बैंकिंग की यह दिशा गांव कस्बे दुकान स्कूल परिसर और यात्रा केंद्रों तक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की कोशिश के रूप में सामने आई है। 

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं की वास्तविक उपलब्धता संबंधित बैंक और सेवा प्रदाता द्वारा लागू किए गए नियमों तथा तकनीकी व्यवस्था पर निर्भर करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 10, 2026: 10:22 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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