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Rex TV India
Latest News उत्तर प्रदेश Digital Newsletter 11 Sep 2026 · 12:46 PM

टोंस का जलस्तर बढ़ा, गंगा यमुना घटने के बावजूद बाढ़ का डर कायम

प्रतीकात्मक फोटो

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश। टोंस का जलस्तर बढ़ने की मजबूत संभावना ने प्रयागराज में बाढ़ के खतरे को फिर चर्चा में ला दिया है। गंगा और यमुना ने गुरुवार को छतनाग और नैनी निगरानी केंद्रों पर मामूली गिरावट दर्ज कराई जिससे प्रशासन और निचले इलाकों के लोगों को कुछ राहत मिली। हालांकि फाफामऊ में गंगा का पानी बढ़ता रहा। पिछले 15 दिनों से नदियों में लगातार बढ़त और गिरावट का दौर चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस साल नदियां खतरे के निशान को पार नहीं कर पाई हैं लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी है।  [1]

गंगा से मिली राहत

गुरुवार को दोपहर के बाद गंगा और यमुना के पानी में मामूली गिरावट दर्ज हुई। शाम 4 बजे फाफामऊ में गंगा का स्तर 81.94 मीटर और छतनाग में 81.11 मीटर रहा। नैनी में यमुना का जलस्तर 81.56 मीटर दर्ज किया गया। अधिकारियों के मुताबिक सुबह दोनों नदियां बढ़ रही थीं लेकिन दोपहर के बाद इनमें गिरावट शुरू हुई। यह बदलाव निचले इलाकों के लिए फिलहाल राहत लेकर आया है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों की चिंता खत्म नहीं हुई है क्योंकि मानसून के दौरान पानी का स्तर बार बार बदल रहा है और अचानक बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

बेलन ने बढ़ाई चिंता

बेलन नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बुधवार रात हुई बारिश ने स्थिति को फिर संवेदनशील बना दिया। नदौरा गेज स्टेशन पर पानी का स्तर शुरुआत में 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा। गुरुवार सुबह बेलन बरौधा पिकअप वीयर से 24,240 क्यूसेक पानी गुजरा। सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच नदौरा स्टेशन पर पानी 14.67 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा। दोपहर 12 बजे बरौधा पिकअप वीयर से 56,960 क्यूसेक पानी गुजरा। यह सुबह 8 बजे दर्ज प्रवाह से 32,720 क्यूसेक ज्यादा था। अब बेलन में 12 सेंटीमीटर प्रति घंटे की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

टोंस पर नजर जरूरी

अधिकारियों के मुताबिक बेलन में बढ़े पानी के कारण टोंस नदी का जलस्तर भी बढ़ सकता है। मौजूदा प्रवाह को देखते हुए बेलन के पानी में करीब 2 मीटर की बढ़ोतरी का अनुमान है। इसका असर आगे टोंस पर पड़ने की आशंका जताई गई है। ग्रामीण इलाकों में नदी किनारे बसे निचले हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने ऐसे इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। टोंस का जलस्तर बढ़ने की आशंका इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि गंगा और यमुना में मिली राहत के बीच अचानक नया दबाव पैदा हो सकता है।

राहत के बीच खतरा

टोंस का जलस्तर बढ़ने की आशंका ने साफ कर दिया है कि प्रयागराज में बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। गंगा और यमुना के कुछ केंद्रों पर पानी घटने से तत्काल राहत जरूर मिली है लेकिन बेलन और टोंस की स्थिति ने प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी है। निचले ग्रामीण इलाकों में रहने वाले परिवारों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। नदी का पानी बढ़ने पर जलभराव तेजी से फैल सकता है। फिलहाल प्रशासन बदलते जलस्तर पर नजर रख रहा है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। नदियों का जलस्तर बारिश और जल प्रवाह के कारण तेजी से बदल सकता है इसलिए प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को प्रशासन की ताजा चेतावनियों और सुरक्षित स्थानों से जुड़ी सलाह का पालन करना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 11, 2026: 12:46 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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