देहरादून, उत्तराखंड। सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत 17 सितंबर से होने जा रही है और यह 17 अक्टूबर तक चलेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि महीनेभर की इस मुहिम में सेवा, जनभागीदारी, संवाद और नवाचार को केंद्र में रखा जाएगा। 11 बड़े कार्यक्रमों के जरिए छात्रों, युवाओं, महिलाओं, लाभार्थियों, अभिभावकों, निर्वाचित प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों को जोड़ने की तैयारी है। TOI की एक रिपोर्ट के अनुसार, अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर होगी और इसका मकसद लोगों को विकसित भारत 2047 के संकल्प से जोड़ना है। [1]
मुख्यमंत्री के मुताबिक सेवा संकल्प अभियान की योजना कैबिनेट बैठक में तैयार की गई है। इसके तहत अलग अलग विभागों और स्थानों पर सेवा आधारित गतिविधियां आयोजित होंगी। सभी जिलों को अभियान से जोड़ने की तैयारी है और जिला प्रभारी मंत्री भी कार्यक्रमों में शामिल होंगे। सरकार का जोर ऐसे आयोजनों पर है जिनमें नागरिकों की सीधी भागीदारी हो। छात्रों और युवाओं के साथ महिलाओं, लाभार्थियों और अभिभावकों को भी जोड़ा जाएगा। निर्वाचित प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी से स्थानीय स्तर पर संवाद बढ़ाने की कोशिश होगी। सेवा के साथ नवाचार को जगह देकर अभियान को व्यापक स्वरूप देने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री धामी ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका को अहम बताया है। उनका कहना है कि देश को विकसित बनाने के संकल्प में युवा शक्ति की भागीदारी जरूरी है। इसी वजह से सेवा संकल्प अभियान में युवाओं को सक्रिय रूप से जोड़ने पर खास जोर रहेगा। छात्रों और युवाओं के अलावा महिलाओं तथा समाज के दूसरे वर्गों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड से विशेष लगाव का जिक्र करते हुए धामी ने उस कथन को भी याद किया जिसमें 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया गया था। सरकार इसी सोच को सेवा और विकास से जोड़कर आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
सेवा संकल्प अभियान के दौरान सभी जिलों में कार्यक्रम होंगे और जिला प्रभारी मंत्री इनमें हिस्सा लेंगे। सरकार की कोशिश है कि अभियान का असर केवल सरकारी कार्यालयों या बड़े आयोजनों तक सीमित न रहे बल्कि स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी भी दिखाई दे। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाली इस मुहिम में अलग अलग विभाग सेवा से जुड़े कार्यक्रम करेंगे। संवाद और नवाचार को भी इसका हिस्सा बनाया गया है। इसके जरिए सरकार नागरिकों को विकसित भारत 2047 की सोच से जोड़ना चाहती है। 11 कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाने की तैयारी है।
सेवा संकल्प अभियान को लेकर सरकार ने एक महीने का कार्यक्रम सामने रखा है जिसमें जनभागीदारी को अहम आधार बनाया गया है। युवाओं, महिलाओं, छात्रों, लाभार्थियों और सामाजिक संगठनों को जोड़ने की योजना के साथ सभी जिलों में गतिविधियां होंगी। जिला प्रभारी मंत्रियों की मौजूदगी से स्थानीय स्तर पर अभियान को गति देने की कोशिश होगी। अब असली परीक्षा इसकी जमीन पर होने वाली गतिविधियों की होगी। लोगों की भागीदारी कितनी बढ़ती है और 11 कार्यक्रम किस तरह लागू होते हैं, इससे अभियान की प्रभावशीलता सामने आएगी। सेवा संकल्प अभियान के जरिए सरकार विकसित भारत 2047 के संकल्प को जनभागीदारी से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। अभियान के कार्यक्रमों और गतिविधियों में प्रशासनिक निर्णयों के अनुसार बदलाव संभव है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
September 11, 2026: 7:20 PM
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