WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 11 Sep 2026 · 7:36 PM

CBFC बैठक में बड़ा सवाल, फिल्मों की समीक्षा करने वालों पर उठी नजर

प्रतीकात्मक फोटो

मुंबई, महाराष्ट्र। CBFC बैठक छह साल के लंबे अंतराल के बाद हुई तो फिल्मों के सर्टिफिकेशन सिस्टम और रिवाइजिंग कमेटियों की कार्यप्रणाली पर कई सवाल सामने आए। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की 149वीं बैठक 29 अगस्त को वर्चुअल तरीके से हुई। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, सदस्यों ने हाल के वर्षों में फिल्मों की समीक्षा करने वाली रिवाइजिंग कमेटियों की अध्यक्षता लगातार करने वाले लोगों की सूची मांगी। बैठक में हालिया फिल्म विवादों, सर्टिफिकेशन प्रक्रिया और फिल्म इंडस्ट्री के साथ बेहतर संवाद को लेकर भी चर्चा हुई।  [1]

रिवाइजिंग कमेटी पर सवाल

CBFC बैठक में रिवाइजिंग कमेटियों की भूमिका और उनके गठन को लेकर सदस्यों ने जानकारी मांगी। सूत्रों के मुताबिक सदस्यों ने ऐसे लोगों की सूची मांगी जिन्होंने हाल के वर्षों में लगातार इन कमेटियों की अध्यक्षता की है। रिवाइजिंग कमेटी उन मामलों में अहम भूमिका निभाती है जहां फिल्मों के प्रमाणन को लेकर आगे समीक्षा की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सदस्यों की यह मांग सर्टिफिकेशन प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़ी बताई जा रही है। बैठक में कुछ फिल्मों को प्रमाणपत्र देने पर सहमति नहीं बनने से फिल्म इंडस्ट्री में पैदा हुई नाराजगी और उससे जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि पिछले छह वर्षों में बोर्ड और उसके सदस्यों के बीच नियमित संवाद नहीं हुआ था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 12 सदस्यों वाला बोर्ड इससे पहले 31 अगस्त 2019 को मिला था। बोर्ड का आखिरी पुनर्गठन 1 अगस्त 2017 को हुआ था और सदस्यों का कार्यकाल 3 साल का होता है। 2017 के बाद बोर्ड के किसी सदस्य को आधिकारिक तौर पर दोबारा नियुक्त नहीं किया गया। ऐसे में लंबे अंतराल के बाद हुई बैठक में पुराने कामकाज और मौजूदा सर्टिफिकेशन व्यवस्था पर चर्चा होना स्वाभाविक था।

नए नियमों पर भी मंथन

CBFC बैठक में Cinematograph Certification Rules 2024 के प्रावधानों पर भी चर्चा हुई। नए नियमों के तहत बोर्ड की बैठक कम से कम हर 3 महीने में एक बार होनी चाहिए। इसी वजह से छह साल का अंतराल अपने आप में बड़ा सवाल बनकर सामने आया। बैठक में फिल्मों के प्रमाणन से जुड़े दूसरे बदलावों पर भी सदस्यों को जानकारी दी गई। खास तौर पर उम्र के आधार पर सर्टिफिकेशन की नई व्यवस्था को लेकर स्पष्टता की मांग उठी। पहले मौजूद UA श्रेणी को अब UA 7+, UA 13+ और UA 16+ जैसी श्रेणियों में बांटा गया है। इससे दर्शकों और फिल्म निर्माताओं के लिए उम्र आधारित वर्गीकरण को ज्यादा स्पष्ट करने की कोशिश की गई है।

बोर्ड को संस्था के कामकाज से जुड़े महत्वपूर्ण और मुश्किल फैसलों पर विचार करना होता है। बैठक में देश के अलग अलग हिस्सों के फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों के साथ किए गए आउटरीच कार्यक्रमों की जानकारी भी सदस्यों को दी गई। सदस्यों ने इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की समस्याओं पर अपना फीडबैक साझा किया। इसके साथ ही इन समस्याओं से जुड़े नीतिगत मुद्दों पर भी चर्चा हुई। CBFC प्रबंधन को सलाह दी गई कि ऐसे मामलों को सरकार के सामने उठाया जाए। इससे संकेत मिलता है कि बोर्ड अब इंडस्ट्री और प्रमाणन व्यवस्था के बीच संवाद को मजबूत करने पर भी जोर देना चाहता है।

इंडस्ट्री की नाराजगी अहम

CBFC बैठक के दौरान फिल्म प्रमाणन को लेकर बनी असहमति और उससे फिल्म इंडस्ट्री में पैदा हुई नाराजगी भी चर्चा का हिस्सा रही। पिछले कुछ समय में कई फिल्मों के प्रमाणन और समीक्षा प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आए हैं। ऐसे मामलों में फिल्म निर्माता अक्सर प्रक्रिया में देरी और निर्णयों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। नई व्यवस्था में उम्र आधारित श्रेणियां जोड़ने के बावजूद यह सवाल बना हुआ है कि रिवाइजिंग कमेटियों का गठन और उनकी अध्यक्षता कितनी पारदर्शी तरीके से होती है। सदस्यों की ओर से सूची मांगना इसी चिंता की ओर इशारा करता है और आने वाले समय में यह मुद्दा और महत्वपूर्ण हो सकता है।

अगला सवाल अब नियमितता और जवाबदेही का है। नए नियम बोर्ड की बैठक हर 3 महीने में कम से कम एक बार कराने की बात कहते हैं। ऐसे में 6 साल बाद हुई बैठक ने पुराने अंतराल को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। साथ ही रिवाइजिंग कमेटियों की भूमिका, नए UA वर्गीकरण और इंडस्ट्री की शिकायतों पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी। CBFC बैठक ने कम से कम यह संकेत दिया है कि प्रमाणन प्रक्रिया, पारदर्शिता और फिल्म इंडस्ट्री के साथ संवाद को लेकर बोर्ड के भीतर अब खुलकर चर्चा हो रही है। आगे की कार्रवाई ही बताएगी कि इन चर्चाओं का असर व्यवस्था पर कितना पड़ता है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। प्रमाणन प्रक्रिया और रिवाइजिंग कमेटियों से जुड़े प्रशासनिक निर्णयों में समय के साथ बदलाव संभव है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 11, 2026: 7:36 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —