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Rex TV India
Latest News टेक्नोलॉजी Digital Newsletter 12 Sep 2026 · 12:00 PM

फर्जी गवाह गढ़े, ChatGPT की करतूत से वकील पर 5000 डॉलर जुर्माना

प्रतीकात्मक फोटो

सांता फे, न्यू मैक्सिको। फर्जी गवाह गढ़े जाने का हैरान करने वाला मामला अमेरिका के न्यू मैक्सिको से सामने आया है। हत्या के दोषी की अपील में बचाव पक्ष के वकील स्टीफन एरन्स ने ऐसा कानूनी दस्तावेज दाखिल कर दिया जिसमें ऐसे गवाहों की गवाही शामिल थी जो वास्तव में मौजूद ही नहीं थे। दस्तावेज तैयार करने में उन्होंने ChatGPT की मदद ली थी। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, न्यू मैक्सिको सुप्रीम कोर्ट ने इसे गंभीर लापरवाही माना और एरन्स को अवमानना का दोषी ठहराते हुए 5000 डॉलर का जुर्माना लगाया। अदालत ने उनके खिलाफ आगे अनुशासनात्मक जांच की प्रक्रिया भी शुरू करने की बात कही।  [1]

AI ने गढ़ी गवाही

मामला ऑस्कर रेने सैंडोवाल की हत्या की सजा के खिलाफ अपील से जुड़ा है। सैंडोवाल को पिछले साल हत्या के मामले में दोषी ठहराकर उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। एरन्स ने अपील के लिए मुकदमे की कंप्यूटर से तैयार प्रतिलिपि और दूसरे दस्तावेज ChatGPT में डाले थे। उनका मानना था कि इससे उन्हें मुकदमे का पूरी तरह सटीक सार मिल जाएगा। लेकिन तैयार दस्तावेज में कई ऐसे बयान शामिल हो गए जिनका वास्तविक रिकॉर्ड में कोई आधार नहीं था। अदालत ने कहा कि दस्तावेज में पूरी तरह काल्पनिक गवाहों की झूठी गवाही मौजूद थी और कुछ पुलिस गवाही भी गढ़ी गई थी।

अदालत के मुताबिक दस्तावेज में शूटर के कपड़ों और उसके हुलिए से जुड़ी ऐसी बातें भी शामिल थीं जो मुकदमे में कही ही नहीं गई थीं। एरन्स ने सुनवाई के दौरान माना कि उन्होंने तैयार सामग्री की स्वतंत्र रूप से पर्याप्त जांच नहीं की। उन्होंने कहा कि उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI इस तरह तथ्य गढ़ सकती है। अदालत ने इस सफाई पर कड़ी नाराजगी जताई और सवाल उठाया कि एआई की ऐसी गलतियों के बारे में लगातार सामने आ रही खबरों के बावजूद उन्होंने दस्तावेज की पुष्टि क्यों नहीं की। फर्जी गवाह गढ़े जाने की इस घटना ने कानूनी काम में एआई पर आंख बंद करके भरोसा करने का खतरा दिखा दिया।

कोर्ट ने लगाया जुर्माना

न्यू मैक्सिको सुप्रीम कोर्ट ने एरन्स पर 5000 डॉलर का जुर्माना लगाया और उन्हें अदालत की अवमानना का दोषी माना। अदालत ने यह भी कहा कि उनके रवैये में पछतावे और अपने मुवक्किल के हित को लेकर पर्याप्त गंभीरता नजर नहीं आई। मामला अब वकीलों की अनुशासनात्मक संस्था के पास भी भेजा जा सकता है। सैंडोवाल की अपील अब दूसरे वकील को सौंप दी गई है और मामला लंबित है। अदालत ने पहले दाखिल किए गए दस्तावेजों को रिकॉर्ड से हटाने का आदेश भी दिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब अमेरिका की कई अदालतों में एआई से तैयार कानूनी दस्तावेजों में गलत तथ्य सामने आने के मामले बढ़ रहे हैं।

फर्जी गवाह गढ़े जाने वाला यह मामला इसलिए ज्यादा गंभीर है क्योंकि यहां केवल गलत कानूनी संदर्भ या किसी फैसले का गलत हवाला सामने नहीं आया बल्कि आपराधिक अपील में काल्पनिक गवाही तक दस्तावेज का हिस्सा बन गई। एरन्स ने अपनी गलती पर अफसोस जताते हुए इसे दूसरे पेशेवरों के लिए सीख बताया है। इस घटना से साफ है कि एआई किसी वकील या दूसरे पेशेवर की तथ्य जांच की जिम्मेदारी खत्म नहीं करती। खासकर अदालत से जुड़े मामलों में हर बयान, गवाही और कानूनी तथ्य की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। फर्जी गवाह गढ़े जाने की इस घटना ने एआई के इस्तेमाल को लेकर नई कानूनी बहस भी तेज कर दी है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। अदालत में एआई से तैयार सामग्री के इस्तेमाल के कानूनी परिणाम मामले और संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार अलग हो सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 12, 2026: 12:00 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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