जालंधर, पंजाब। आंगनवाड़ी में राशन संकट ने जिले की पोषण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जालंधर के 11 ब्लॉकों में चल रहे 1634 आंगनवाड़ी केंद्रों में पिछले करीब 3 महीने से नियमित राशन की आपूर्ति नहीं हुई है। इन केंद्रों पर 3 से 6 साल के बच्चों को दलिया, खिचड़ी, पंजीरी और मुरमुरे जैसे पोषण आहार दिए जाने हैं, लेकिन आपूर्ति रुकने के बाद कई कार्यकर्ता अपने स्तर पर बिस्किट, टॉफी और नमकीन का इंतजाम कर रही हैं। कुछ कार्यकर्ता अपनी जेब से खर्च कर रही हैं तो कुछ बच्चों के लिए घर से अतिरिक्त टिफिन ला रही हैं। [1]
आंगनवाड़ी केंद्रों पर पहले मार्कफेड के जरिए खाद्य सामग्री पहुंचाई जाती थी। खराब गुणवत्ता की शिकायतों के बाद अप्रैल में इसका टेंडर निलंबित कर दिया गया। इसके बाद नियमित राशन की आपूर्ति बाधित हो गई। कार्यकर्ताओं के मुताबिक जुलाई से कई केंद्रों को कोई राशन नहीं मिला है। लम्मा पिंड चौक के पास एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि उनके केंद्र में करीब 15 से 16 बच्चे आते हैं और उन्हें खाली हाथ भेजना मुश्किल है। इसलिए वह अपनी तरफ से बिस्किट की व्यवस्था कर रही हैं। उन्हें डर है कि भोजन नहीं मिलने पर अभिभावक बच्चों को केंद्र भेजना बंद कर सकते हैं।
आंगनवाड़ी में राशन संकट का असर उन लाभार्थियों पर भी पड़ रहा है जिन्हें घर ले जाने वाला राशन मिलना चाहिए। गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और 6 महीने से 3 साल तक के बच्चों के लिए टेक होम राशन की व्यवस्था है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि आपूर्ति नहीं होने के कारण इन लाभार्थियों को भी खाली लौटाना पड़ रहा है और उन्हें राशन आने का भरोसा दिया जा रहा है। विभाग के अनुसार गेहूं और चावल का आवंटन पूरा हो चुका है और इसी महीने केंद्रों तक आपूर्ति पहुंचने की उम्मीद है। गर्म भोजन तैयार करने के लिए जरूरी राशि भी ब्लॉक स्तर पर जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।
पंजाब के सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग ने 20 मई को जिलों को प्री मिक्स पैकेट की जगह ताजा गर्म भोजन तैयार कराने का निर्देश दिया था। इसके तहत बच्चों के लिए मीठा और नमकीन दलिया, खिचड़ी, खीर और हलवा जैसे भोजन का मेन्यू तय किया गया। केंद्रों को गेहूं और फोर्टिफाइड चावल उपलब्ध कराने तथा चीनी, दूध, दाल, नमक और मसालों जैसी सामग्री खरीदने के लिए कार्यकर्ताओं को राशि देने की व्यवस्था भी बताई गई थी। लेकिन जालंधर में कार्यकर्ताओं का कहना है कि निर्देश के 3 महीने से ज्यादा समय बाद भी राशन और जरूरी राशि की व्यवस्था पूरी तरह जमीन पर नहीं उतर पाई है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी गुलबहार सिंह ने कहा है कि गेहूं और चावल का आवंटन पूरा हो चुका है और आपूर्ति इसी महीने आंगनवाड़ी केंद्रों तक पहुंचने की उम्मीद है। वहीं गर्म भोजन के लिए राशि ब्लॉक स्तर पर जारी की गई है और उसे कार्यकर्ताओं तक पहुंचाने की प्रक्रिया चल रही है। अगस्त में सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने भी टेक होम राशन के टेंडर जल्द आवंटित होने और अगस्त से अक्टूबर की अवधि का राशन उपलब्ध कराने की बात कही थी। अब आंगनवाड़ी में राशन संकट के बीच नजर इस बात पर है कि केंद्रों में नियमित पोषण आहार कब तक बहाल होता है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। राशन आपूर्ति और आंगनवाड़ी सेवाओं से जुड़ी स्थिति प्रशासन की ओर से जारी होने वाले नए निर्देशों और आपूर्ति के अनुसार बदल सकती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
September 13, 2026: 11:54 AM
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