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Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 14 Sep 2026 · 3:11 PM

गणपति आगमन पर सजे घर और सोसायटी, ढोल-ताशे संग लौटा उत्सव का रंग

गणपति आगमन

पुणे, महाराष्ट्र। गणपति आगमन के साथ शहर में गणेशोत्सव की रौनक छा गई है। घरों के छोटे छोटे पूजा स्थलों से लेकर हाउसिंग सोसायटियों तक बप्पा के स्वागत की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, कई परिवारों ने रविवार को ही गणपति की प्रतिमा घर पहुंचा ली, जबकि कुछ परिवार सोमवार को बप्पा का स्वागत कर रहे हैं। कई लोगों ने भीड़ और ट्रैफिक से बचने के लिए एक दिन पहले प्रतिमा लाने का फैसला किया।  [1]

घरों में उमंग

कई परिवारों के लिए गणपति आगमन सिर्फ पूजा का अवसर नहीं बल्कि पुरानी पारिवारिक परंपराओं को फिर से जीने का मौका है। कुछ परिवार प्रतिमा स्थापना और पूजा के बाद पुणे के प्रसिद्ध मंदिरों में दर्शन करने निकल रहे हैं। पांच मानाचे गणपति के दर्शन भी कई परिवारों की पुरानी परंपरा का हिस्सा हैं। शहर में परिवार और पड़ोसी एक दूसरे के घर जा रहे हैं और मिलकर त्योहार मना रहे हैं। यही वजह है कि इस बार भी गणेशोत्सव में धार्मिक आस्था के साथ अपनापन साफ दिखाई दे रहा है।

गणेशोत्सव का रंग अब हाउसिंग सोसायटियों में भी गहराता जा रहा है। कल्याणीनगर की एक सोसायटी में इस बार चार धाम की थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम और नाटक तैयार किया गया है। इसमें 2 साल के बच्चे से लेकर 72 साल तक के लोग हिस्सा ले रहे हैं। प्रतिमा को ढोल ताशे के साथ सोसायटी में लाया जाएगा और क्लब हाउस में स्थापित किया जाएगा। अलग अलग इमारतों के निवासी मिलकर आरती और प्रसाद की व्यवस्था भी कर रहे हैं।

सोसायटी की धूम

उंद्री की एक सोसायटी में गणेशोत्सव ने व्यस्त जिंदगी के बीच पड़ोसियों को साथ बैठने और बातचीत करने का मौका दिया है। बच्चों के नृत्य कार्यक्रम होंगे, वरिष्ठ नागरिक गीत और कविता पेश करेंगे और शाम को अंताक्षरी के बाद आरती और प्रसाद होगा। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि सामान्य दिनों में काम और दूसरी जिम्मेदारियों के कारण मुलाकात का समय नहीं मिलता। त्योहार के दौरान अलग अलग उम्र के लोग एक साथ आते हैं और सोसायटी का माहौल परिवार जैसा हो जाता है।

गणपति आगमन के बाद उत्सव कितने दिन चलेगा, यह भी हर परिवार की अपनी परंपरा पर निर्भर है। कुछ परिवार डेढ़ दिन बाद प्रतिमा विसर्जित करते हैं, जबकि कुछ 3, 5 या 7 दिन तक बप्पा को घर में रखते हैं। कुछ परिवार पूरे उत्सव के दौरान प्रतिमा अपने साथ रखते हैं। यही अलग अलग परंपराएं पुणे के गणेशोत्सव को खास बनाती हैं। घरों में पूजा और परिवार की परंपरा के साथ सोसायटियों में सामूहिक कार्यक्रम इस त्योहार को सामाजिक मेलजोल का भी बड़ा अवसर बना रहे हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। त्योहार से जुड़ी परंपराएं, पूजा की अवधि और कार्यक्रम अलग अलग परिवारों तथा सोसायटियों के अनुसार बदल सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 14, 2026: 3:11 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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