चित्तौड़गढ़, राजस्थान। राजस्थान के निकाय चुनाव नतीजों में निकाय चुनाव में उलटफेर की तस्वीर तीन अलग शहरों से साफ दिखाई दे रही है। चित्तौड़गढ़ नगर परिषद में भाजपा ने 32 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया जबकि कांग्रेस को 24 सीटें मिलीं। बारां नगर परिषद में आम आदमी पार्टी ने 32 सीटों के साथ सबसे मजबूत प्रदर्शन किया और कांग्रेस 17 तथा भाजपा 9 सीटों पर रही। झुंझुनूं में कांग्रेस 30 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी जबकि भाजपा और निर्दलीयों को 15-15 सीटें मिलीं। [1]
चित्तौड़गढ़ नगर परिषद के नतीजों में भाजपा ने 60 में से 32 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार किया। कांग्रेस को 24 सीटें मिलीं और 4 वार्ड निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गए। यानी भाजपा को बोर्ड बनाने के लिए किसी दूसरे दल के समर्थन की जरूरत नहीं दिखाई दे रही है। चुनावी मुकाबले में कांग्रेस ने भी कई वार्डों में कड़ी टक्कर दी लेकिन अंतिम तस्वीर भाजपा के पक्ष में रही। यह परिणाम स्थानीय स्तर पर भाजपा के संगठन और चुनावी रणनीति के लिए मजबूत संकेत माना जा रहा है।
चित्तौड़गढ़ में भाजपा की जीत ने कांग्रेस के लिए भी सवाल खड़े किए हैं। 24 सीटों के साथ पार्टी मजबूत विपक्ष जरूर बनी है लेकिन बहुमत से काफी पीछे रह गई। दूसरी तरफ निर्दलीयों की 4 सीटें यह बताती हैं कि कुछ वार्डों में मतदाताओं ने पार्टी के बजाय स्थानीय उम्मीदवारों पर भरोसा किया। अब भाजपा की प्राथमिकता बोर्ड के कामकाज को आगे बढ़ाने की होगी जबकि कांग्रेस के सामने संगठन को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर अपनी पकड़ वापस बनाने की चुनौती होगी।
बारां नगर परिषद का परिणाम इस पूरे चुनाव की सबसे चौंकाने वाली तस्वीरों में शामिल रहा। यहां आम आदमी पार्टी ने 60 में से 32 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया। कांग्रेस को 17 सीटें मिलीं जबकि भाजपा केवल 9 वार्डों तक सीमित रही। निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2 सीटों पर जीत दर्ज की। इस तरह बारां में निकाय चुनाव में उलटफेर ने दोनों प्रमुख दलों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है और आप के प्रदर्शन ने स्थानीय राजनीति में उसकी मौजूदगी को अचानक चर्चा में ला दिया है।
बारां के नतीजे इसलिए भी अहम हैं क्योंकि यहां भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबले की उम्मीद के बीच आप ने सबसे बड़ा आंकड़ा हासिल कर लिया। 32 सीटों के साथ पार्टी को बोर्ड गठन के लिए किसी बाहरी समर्थन की जरूरत नहीं होगी। यह परिणाम आप के लिए राजस्थान में स्थानीय स्तर पर विस्तार की संभावनाओं का संकेत भी माना जा सकता है। हालांकि किसी एक निकाय का प्रदर्शन पूरे प्रदेश की राजनीतिक दिशा तय नहीं करता लेकिन बारां का नतीजा दोनों पारंपरिक दलों के लिए जरूर सोचने वाला है।
झुंझुनूं नगर परिषद में कांग्रेस 30 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है। यहां भाजपा को 15 सीटें मिलीं और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी 15 वार्ड जीतकर मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। कांग्रेस बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से केवल 1 सीट दूर रही। ऐसे में झुंझुनूं में बोर्ड गठन का अगला चरण राजनीतिक रूप से दिलचस्प हो सकता है। तीनों जगहों के परिणामों को साथ रखकर देखें तो निकाय चुनाव में उलटफेर साफ नजर आता है क्योंकि अलग अलग शहरों में मतदाताओं ने अलग दलों को बढ़त दी है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। निकाय चुनाव के परिणामों में आधिकारिक घोषणा या बाद में होने वाले संशोधन के कारण बदलाव संभव है इसलिए अंतिम स्थिति के लिए संबंधित निर्वाचन प्राधिकरण के आधिकारिक आंकड़ों को प्राथमिक माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
September 14, 2026: 6:40 PM
© 2026 Rex TV India
Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com