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Rex TV India
Latest News राजस्थान Digital Newsletter 15 Sep 2026 · 10:00 PM

तक्षवी की सुरीली आवाज ने बिखेरा भक्ति रंग, सोशल मीडिया पर भी धूम

सुरीली आवाज की धनी तक्षवी

भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। तक्षवी की सुरीली आवाज ने बाबा रामदेव के पावन पर्व पर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। महज 7 साल की उम्र में काशीपुरी निवासी समाजसेवी गोविंद प्रसाद सोडाणी की सुपौत्री और जयप्रकाश तथा गरिमा सोडाणी की पुत्री तक्षवी ने पारंपरिक राजस्थानी भजनों की प्रस्तुति देकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी भक्तिमय आवाज में प्रसिद्ध भजन मारो हेलो सुनो जी रामापीर की प्रस्तुति ने माहौल को रामापीर की भक्ति से सराबोर कर दिया। इसके बाद लूणी थारा कागाया गीत की प्रस्तुति ने भी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। छोटी उम्र में राजस्थानी लोक संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से उनका जुड़ाव परिवार के साथ क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय बना है।

भक्ति में बाल सुर

तक्षवी की सुरीली आवाज में राजस्थानी लोक परंपरा की मिठास और भक्ति का भाव साफ महसूस किया जा सकता है। उनकी प्रस्तुतियां केवल गीतों का गायन नहीं, बल्कि बचपन में संस्कार और संस्कृति से जुड़ने की एक मिसाल भी बन रही हैं। इस वीडियो एल्बम की शूटिंग भीलवाड़ा स्थित पुर की डूंगरी के बाबा रामदेव जी मंदिर में की गई है। इसकी वीडियोग्राफी तुषार बूलिया ने की, जबकि संगीत निक सिंह ने दिया और निर्देशन राम माली ने किया है। वीडियो में अजय सोनी और उनकी टीम ने अभिनय किया है। तक्षवी की प्रस्तुतियों में उनकी उम्र के मुकाबले दिखने वाली सहजता और आत्मविश्वास ने दर्शकों का ध्यान खींचा है।

लोक संस्कृति से जुड़ाव

तक्षवी अब तक 15 से अधिक भक्ति और संस्कृति से जुड़े वीडियो प्रस्तुत कर चुकी हैं। इनमें संघ प्रार्थना नमस्ते सदा वत्सले, वेदसार शिवस्तव, रुद्राष्टकम, शिव तांडव और महिषासुर मर्दिनी जैसी प्रस्तुतियां शामिल हैं। इतनी कम उम्र में धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रचनाओं को स्वर देना उनकी प्रतिभा के साथ पारिवारिक संस्कारों को भी दर्शाता है। उनकी प्रस्तुतियों को यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया मंचों पर व्यापक दर्शक वर्ग देख रहा है। खास बात यह है कि उनकी संघ प्रार्थना नमस्ते सदा वत्सले को हाल ही में इंस्टाग्राम पर 60 लाख से अधिक व्यूज मिल चुके हैं। इससे उनकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

सोशल मीडिया पर धूम

तक्षवी की सुरीली आवाज अब भीलवाड़ा तक सीमित नहीं रही है, बल्कि डिजिटल मंचों के जरिए देशभर के दर्शकों तक पहुंच रही है। उनके वीडियो में भक्ति के साथ राजस्थानी लोक संस्कृति की झलक भी दिखाई देती है, जिससे नई पीढ़ी के बीच पारंपरिक गीतों और आध्यात्मिक रचनाओं को पहचान मिलने की संभावना बढ़ती है। उनकी प्रस्तुतियां यह संदेश देती हैं कि यदि बच्चों को बचपन से ही संस्कार, संगीत और संस्कृति से जोड़ा जाए तो उनकी प्रतिभा को मजबूत आधार मिल सकता है। तक्षवी के परिवार और क्षेत्र के लोगों के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इतनी कम उम्र में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनानी शुरू कर दी है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। वीडियो प्रस्तुतियों और सोशल मीडिया पर उपलब्ध आंकड़ों की जानकारी संबंधित आयोजकों और उपलब्ध विवरणों के आधार पर प्रस्तुत की गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 15, 2026: 10:00 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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