वॉशिंगटन, अमेरिका। ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान अब अमेरिका के खजाने पर भारी पड़ता दिख रहा है। अमेरिका पर 38 अरब खर्च का अनुमान सामने आया है, जबकि संघर्ष जारी रहने पर हर महीने 2 से 3 अरब डॉलर या उससे ज्यादा खर्च जुड़ सकता है। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, गैरपक्षपाती Congressional Budget Office यानी CBO ने बताया कि इस संघर्ष ने मिसाइल भंडार, ऊर्जा कीमतों और महंगाई पर भी असर डाला है। यह आकलन Operation Epic Fury से जुड़े सैन्य और आर्थिक खर्चों की जांच के बाद सामने आया है। [1]
CBO के मुताबिक कुल अनुमानित खर्च में 21.7 अरब डॉलर इस्तेमाल की गई मिसाइलों और अन्य हथियारों को बदलने पर है। इसके अलावा 10.4 अरब डॉलर अतिरिक्त उड़ान घंटों, 2.7 अरब डॉलर महंगे सैन्य ईंधन, 1.9 अरब डॉलर युद्ध में खोए उपकरणों और 1.5 अरब डॉलर अन्य परिचालन खर्चों से जुड़े हैं। अमेरिका पर 38 अरब खर्च में सबसे बड़ा हिस्सा हथियारों की भरपाई का है। रिपोर्ट के अनुसार मिसाइल रक्षा इंटरसेप्टर और क्रूज मिसाइलों को बदलना बजट पर सबसे ज्यादा दबाव डाल रहा है।
रिपोर्ट ने केवल खर्च ही नहीं, अमेरिकी हथियार भंडार को लेकर भी गंभीर तस्वीर पेश की है। CBO का अनुमान है कि जून 2025 से अब तक अमेरिका अपने कुछ मिसाइल रक्षा इंटरसेप्टर भंडार का करीब आधा से दो तिहाई हिस्सा इस्तेमाल कर चुका हो सकता है। अमेरिका पर 38 अरब खर्च के साथ यह कमी भविष्य की सैन्य तैयारियों के लिए भी चिंता बढ़ाती है। CBO ने कहा कि उत्पादन तेज करने पर भी इन भंडारों को दोबारा मजबूत करने में कम से कम 5 साल लग सकते हैं।
ईरान संघर्ष का असर सैन्य बजट तक सीमित नहीं रहा। होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर से ऊर्जा तथा शिपिंग आपूर्ति में आई रुकावटों ने कीमतों पर दबाव बढ़ाया। CBO के अनुसार ऊर्जा लागत बढ़ने से 2026 की दूसरी तिमाही में महंगाई पर असर पड़ा और 2027 की पहली तिमाही में महंगाई पहले के अनुमान से 0.5 प्रतिशत अंक अधिक रह सकती है। अमेरिका पर 38 अरब खर्च का आंकड़ा भी अंतिम नहीं माना जा रहा, क्योंकि कई संभावित खर्च इसमें शामिल नहीं हैं।
CBO ने साफ किया कि इस अनुमान में ईरानी हमलों से क्षतिग्रस्त अमेरिकी सैन्य ठिकानों की मरम्मत या पुनर्निर्माण लागत शामिल नहीं है। राजनयिक अभियानों, विदेशी सहायता और घायल सैनिकों तथा दिग्गजों की लंबी अवधि की चिकित्सा और विकलांगता लागत भी इससे बाहर है। Pentagon से पूरी जानकारी नहीं मिलने के कारण एजेंसी ने अपने निष्कर्षों में काफी अनिश्चितता की बात भी कही है। ऐसे में अमेरिका पर 38 अरब खर्च का मौजूदा आंकड़ा आगे और बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं करता।
अस्वीकरण, Disclaimer:
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। युद्ध की लागत और उसके आर्थिक प्रभावों से जुड़े अनुमान परिस्थितियों और आधिकारिक आकलनों के बदलने के साथ बदल सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
September 16, 2026: 9:45 AM
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