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Rex TV India
Latest News अंतरराष्ट्रीय Digital Newsletter 16 Sep 2026 · 9:51 AM

चीन की AI चाल से अमेरिका में डेटा सेंटरों की बहस पर बड़े सवाल उठे 

प्रतीकात्मक फोटो

वॉशिंगटन, अमेरिका। चीन की AI चाल को लेकर अमेरिकी कांग्रेस की सुनवाई में बड़ा दावा सामने आया है। गवाहों ने आरोप लगाया कि चीन बॉट नेटवर्क, सरकारी मीडिया और अमेरिका में सक्रिय समूहों के जरिए अमेरिकी AI इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटरों के खिलाफ जनमत बनाने की कोशिश कर रहा है। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह मुद्दा मंगलवार को हाउस फॉरेन अफेयर्स सबकमेटी की सुनवाई में उठा, जहां अमेरिका में विदेशी प्रभाव अभियानों की पड़ताल की गई विस्तार से।  [1]

बॉट नेटवर्क

Bitcoin Policy Institute के रिसर्च प्रमुख सैम लाइमन ने सुनवाई में कहा कि चीन ने AI और डेटा सेंटरों को लेकर अमेरिकी जनता की राय प्रभावित करने के लिए जटिल बॉट नेटवर्क और मीडिया अभियान चलाए। उनके मुताबिक X ने अगस्त में चीन से जुड़े करीब 200000 संदिग्ध फर्जी अकाउंट्स का नेटवर्क उजागर किया था। इनमें करीब 200 अकाउंट्स कथित तौर पर अमेरिकी डेटा सेंटरों के खिलाफ संदेश फैला रहे थे। इन पोस्ट में बिजली की कीमत, पावर ग्रिड पर दबाव और पर्यावरणीय लागत जैसे मुद्दे उठाए गए थे।

निवेश पर असर

लाइमन ने अमेरिकी सुनवाई में यह भी आरोप लगाया कि शंघाई के कारोबारी नेविल रॉय सिंघम से जुड़े नेटवर्क ने अमेरिका में डेटा सेंटर विरोधी संदेशों को बढ़ावा दिया। उनके बयान के अनुसार, इस गतिविधि का असर 14 राज्यों में 21 अभियानों पर पड़ा और करीब 23.6 अरब डॉलर के प्रस्तावित AI इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश में देरी या कटौती हुई। उन्होंने 10 डेटा सेंटर मोरेटोरियम, एक स्थायी रोक और 4 खारिज या छोड़ी गई परियोजनाओं का भी जिक्र किया। हालांकि ये आंकड़े गवाही में किए गए दावों पर आधारित हैं।

स्थानीय चिंता

सुनवाई में यह सावधानी भी सामने आई कि चीन की AI चाल से हर अमेरिकी डेटा सेंटर विरोधी अभियान को विदेशी प्रभाव से जोड़ना सही नहीं होगा। लाइमन ने कहा कि बिजली की मांग, पानी की खपत, जमीन के इस्तेमाल और बढ़ते यूटिलिटी खर्च को लेकर स्थानीय समुदायों की वास्तविक चिंताएं हैं। इसलिए विदेशी प्रभाव के दावे और स्थानीय विरोध को अलग अलग देखना जरूरी है। अमेरिकी डेटा सेंटरों का विस्तार पहले से ही ऊर्जा, जमीन और बिजली बिलों को लेकर बहस का विषय बना हुआ है और इस बहस के स्थानीय कारण भी हैं।

भारत पर असर

चीन की AI चाल के दावे के बीच भारत के लिए भी यह बहस अहम है। IANS के मुताबिक भारत AI और डेटा सेंटर क्षमता तेजी से बढ़ा रहा है और हाई एंड चिप्स तक पहुंच के लिए अमेरिका समेत तकनीकी साझेदारों के साथ काम कर रहा है। ऐसे में Washington और Beijing के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा से जुड़े फैसले चिप्स, डेटा सेंटर और टेक्नोलॉजी नियंत्रण की वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकते हैं। अमेरिकी सुनवाई में लगाए गए आरोपों की जांच इस तस्वीर को स्पष्ट कर सकती है।

अस्वीकरण, Disclaimer:

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। विदेशी प्रभाव से जुड़े आरोप सुनवाई में गवाहों द्वारा दिए गए बयानों पर आधारित हैं और इन्हें अंतिम रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 16, 2026: 9:51 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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