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Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 16 Sep 2026 · 12:54 PM

लद्दाख में विरोध प्रदर्शन से पहले स्थानीय नेताओं में मतभेद उभरे

file photo of of Leh town (ETV Bharat)

लेह, लद्दाख। लद्दाख में सितंबर दो हजार पच्चीस की हिंसा की पहली बरसी के मद्देनजर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले स्थानीय राजनीतिक हलकों में गहरी फूट पड़ गई है। ईटीवी भारत की एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार के साथ बातचीत में कोई ठोस प्रगति न होने के कारण आगामी उन्नीस सितंबर से प्रस्तावित पदयात्रा (पैद्यात्रा) के खिलाफ कई स्थानीय आवाजें उठने लगी हैं। लेह अपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार स्थानीय स्तर पर निर्वाचित यूटी निकाय के गठन तक 'अपरिवर्तनीय निर्णयों' को रोकने का आश्वासन नहीं देती है, तो उन्नीस से चौबीस सितंबर तक एक सप्ताह का विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।  [1]

विरोध और समर्थन

पूर्व लेह विधायक और लेह बौद्ध एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष त्सेरिंग संपफेल तथा लेह हिल डेवलपमेंट काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष रिगजिन स्पालबर ने नई दिल्ली के साथ जारी वार्ताओं के बीच लेह में पदयात्रा या विरोध प्रदर्शन का खुलकर विरोध किया है। उनका कहना है कि इस तरह के कदमों से बातचीत की सामूहिक ताकत कमजोर होगी। एक संयुक्त बयान में उन्होंने अपील की है कि लद्दाख के इस ऐतिहासिक मोड़ पर एकता, आपसी विश्वास और संयम बनाए रखा जाए तथा एमएचए के साथ हुए समझौतों का पालन किया जाए।

दूसरी ओर, एलएबी अध्यक्ष चेरिंग दोरजे लाक्रूक ने इन असंतुष्ट आवाजों को सरकार का 'मुखपत्र' करार देते हुए खारिज कर दिया और कहा कि वे भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारे रुख में कोई बदलाव नहीं आया है और सरकार को भूमि व जनता को प्रभावित करने वाले निर्णयों पर रोक लगानी चाहिए। केडीए अध्यक्ष असगर अली करबलई ने भी घोषणा की कि वे तेईस सितंबर को शहीद विरोध रैली निकालेंगे और घायलों तथा पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग पर पूरी तरह कायम हैं।

मुआवजे की मांग

केडीए नेताओं ने स्पष्ट किया कि सितंबर दो हजार पच्चीस में सोनम वांगचुक के नेतृत्व वाले भूख हड़ताल के दौरान हुई हिंसा में मारे गए लोगों और घायलों को बहुत कम मुआवजा दिया गया है, जिसे कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की तर्ज पर ही लद्दाख के पीड़ितों के लिए भी एक करोड़ रुपये तक के मुआवजे और सभी मामलों को तुरंत वापस लेने की पुरजोर मांग उठाई है।

प्रशासनिक स्तर पर बढ़ते तनाव के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन क्षेत्रीय मांगों और विरोध प्रदर्शनों से किस प्रकार निपटती है। स्थानीय नेतृत्व के इन आपसी मतभेदों और कड़े रुख के कारण क्षेत्र का राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो चुका है, जिससे आने वाले दिनों में प्रशासन पर दबाव और अधिक बढ़ने की पूरी संभावना है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। राजनीतिक प्रदर्शनों और क्षेत्रीय नीतियों से जुड़े इस मामले में समय और परिस्थितियों के अनुसार नए तथ्य सामने आ सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 16, 2026: 12:54 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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