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Rex TV India
Latest News मोटिवेशनल Digital Newsletter 16 Sep 2026 · 5:06 PM

बिहार के कर्मचारी ने अनाथ बच्चों के पालन-पोषण के लिए बेची अपनी संपत्ति

संजीव कुमार सिन्हा परिवार के साथ

बिहार, नालंदा। समाज सेवा की एक अनूठी मिसाल पेश करते हुए नालंदा जिले के एक सरकारी राजस्व कर्मचारी ने मानवता की भलाई के लिए त्याग का एक बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। संजीव कुमार सिन्हा नामक इस कर्मचारी ने बेसहारा, जरूरतमंद और अनाथ बच्चों के पालन-पोषण तथा उनकी अच्छी शिक्षा-दीक्षा का खर्च उठाने के लिए राजगीर स्थित अपनी लगभग चालीस लाख रुपये मूल्य की संपत्ति बेच डाली है। खास बात यह है कि इतने वर्षों की सरकारी सेवा के बाद भी वे खुद एक किराए के मकान में जीवन गुजार रहे हैं, ताकि वे अपना पूरा जीवन और संसाधन समाज के वंचित बच्चों की सेवा में समर्पित कर सकें।  [1]

मानवता की मिसाल

संजीव कुमार सिन्हा और उनकी पत्नी अनुरीता कुमारी ने पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसे बच्चों को अपने घर में आश्रय दिया है जिन्हें उनके परिवार या समाज द्वारा छोड़ दिया गया था। इस अनोखी पहल की शुरुआत तब हुई जब उन्होंने एक नवजात शिशु को गन्ने के खेत से रेस्क्यू किया था, जिसे आज वे अपनी बेटी आकांक्षा के रूप में पाल-पोस रहे हैं। इसके अलावा, एक अन्य दिव्यांग बच्ची अंजू कुमारी को भी उन्होंने अपने परिवार का हिस्सा बनाया है, जिसे कथित तौर पर उसके माता-पिता ने छोड़ दिया था। 

इन बच्चों की परवरिश और उच्च शिक्षा का खर्च उठाने के लिए इस दंपत्ति ने अपने जीवन की गाढ़ी कमाई के साथ-साथ पैतृक संपत्तियों को भी बेच दिया। वर्तमान में वे इन अनाथ बच्चों को अच्छी अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में पढ़ा रहे हैं और उनके भविष्य को संवारने में जुटे हुए हैं। उनके इस निस्वार्थ भाव और समर्पण ने स्थानीय लोगों के बीच गहरी छाप छोड़ी है, जो आज के समय में समाज के लिए एक प्रेरणास्त्रोत बन चुका है।

सामाजिक सरोकार

इस परिवार का मानना है कि माता-पिता का रिश्ता खून के रिश्तों से कहीं ऊपर होता है और सच्चा प्रेम इन बेसहारा बच्चों को एक नई पहचान दे सकता है। उनके घर में पले-बढ़े अनाथ बच्चों और उनके अपने जैविक बच्चों के बीच किसी भी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं किया जाता है, और सभी मिलकर एक खुशहाल परिवार की तरह रहते हैं। वे किसी भी तरह के जाति या धर्म के भेदभाव में विश्वास नहीं रखते हैं और 'सबका मालिक एक है' के सिद्धांत पर अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

प्रशासनिक सेवा में रहते हुए भी समाज के प्रति इस तरह की निष्ठा निभाना हर किसी के बस की बात नहीं होती है। संजीव कुमार सिन्हा के इस कदम ने यह साबित कर दिया है कि यदि मन में सच्चा सेवाभाव हो, तो साधन और संपत्ति की कमी कभी आड़े नहीं आती है। समाज के तमाम जागरूक लोग और संगठन उनकी इस दरियादिली की भूरी-भूरी प्रशंसा कर रहे हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक कार्यों से जुड़े इस मामले में समय और परिस्थितियों के अनुसार नए तथ्य सामने आ सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 16, 2026: 5:06 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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