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Rex TV India
Latest News राजस्थान Digital Newsletter 17 Sep 2026 · 12:26 PM

महापौर चुनाव: पहले बहुमत पाने की और अब बहुमत बचाने की चुनौती 

प्रतीकात्मक फोटो

जयपुर, राजस्थान। जयपुर नगर निगम चुनाव के हालिया परिणामों में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 78 सीटों पर कब्जा जमा लिया है और बोर्ड गठन के लिए जरूरी बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, जिसकी विस्तृत जानकारी अमर उजाला की एक रिपोर्ट के अनुसार सामने आई है। इसके बावजूद राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि क्या यह जादुई आंकड़ा मेयर की कुर्सी हासिल करने के लिए पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं। भीतरखाने चल रही राजनीतिक उठापटक और विरोधियों की चालों को देखते हुए पार्टी नेतृत्व के माथे पर शिकन साफ देखी जा सकती है। इस स्थिति से निपटने के लिए भाजपा के वरिष्ठ रणनीतिकार अब हर संभव कदम उठा रहे हैं ताकि विपक्षी दलों द्वारा किसी भी तरह की जोड़तोड़ या सेंधमारी की संभावना को पूरी तरह से विफल किया जा सके।  [1]

दल बदल की आशंका

चुनाव परिणाम सामने आने के बाद से ही शहर के राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और सभी दल अपनी ताकत बढ़ाने की जुगत में लगे हैं। निर्दलीय पार्षदों और असंतुष्ट चेहरों को अपने पाले में करने के लिए भीतरखाने लॉबिंग का दौर शुरू हो चुका है, जिससे राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ गई हैं।

पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखना और बागी तेवर दिखाने वाले संभावित पार्षदों को साधना इस वक्त नेतृत्व के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया है। विपक्षी खेमा भी शांत नहीं बैठा है और वह परिणामों के अंतर को कम बताते हुए सत्ता की चाबी अपने हाथ में लेने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है।

विपक्षी गतिविधियां

ऐसे संवेदनशील समय में पार्षदों के टूटने का डर हर राजनीतिक दल को सताता रहता है और विरोधी खेमे की तरफ से होने वाली संभावित गतिविधियों से निपटने के लिए गुप्त रणनीतियां बनाई जा रही हैं। पार्टी हाईकमान यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि चुनाव के दौरान उनका बहुमत पूरी तरह से सुरक्षित रहे और किसी भी प्रकार की सेंधमारी न हो सके।

अपनी जीत को पक्का करने और किसी भी अप्रत्याशित सियासी उलटफेर से बचने के लिए भाजपा ने अपने सभी विजेता पार्षदों को सुरक्षित ठिकानों पर भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी के चाणक्य माने जाने वाले नेता खुद व्यक्तिगत रूप से हर एक पार्षद के संपर्क में हैं ताकि आंतरिक असंतोष को समय रहते दबाया जा सके।

रणनीतिक घेराबंदी

अध्यक्ष पद के चुनाव में क्रॉस वोटिंग के खतरे को टालने के लिए पार्टी हाईकमान पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है और हर एक गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब तक मेयर पद का चुनाव आधिकारिक रूप से संपन्न नहीं हो जाता, तब तक किसी भी दल के लिए चैन की सांस लेना मुश्क़िल साबित होगा।

इस पूरी प्रक्रिया में बहुमत का यह जादुई आंकड़ा ही जीत की असली चाबी साबित होगा और पार्टी अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान में डटी हुई है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियों में और अधिक तेजी देखने को मिलेगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। राजनीतिक उठापटक और निकाय चुनावों से जुड़े इस मामले में समय और परिस्थितियों के अनुसार नए तथ्य सामने आ सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 17, 2026: 12:26 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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