कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। दशलक्षण महापर्व के अवसर पर विज्ञान नगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन पूरी तरह भक्तिभाव के साथ किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत प्रश्न मंच का आयोजन वीतराग महिला मंडल द्वारा करवाया गया, जिसमें धर्म एवं जैन दर्शन से जुड़े प्रश्नों के माध्यम से श्रद्धालुओं और बच्चों का ज्ञानवर्धन किया गया। महामंत्री अनिल काला ने प्रेस विज्ञप्ति की एक रिपोर्ट के अनुसार बताया कि धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला में आज मुख्यमंत्री सड़क पूर्णियाजन राजमल विजय कुमार पाटौदी परिवार की ओर से किया गया। वहीं पारसनाथ भगवान पर शांतिधारा सिद्धार्थ जैन द्वारा पूरी श्रद्धा से की गई।
दशलक्षण महापर्व के अंतर्गत आरजव धर्म के महत्व पर विशेष प्रकाश डालते हुए बताया गया कि किसी को ठगना, छलना, मन में कपट रखना तथा दिखाना कुछ और और होना कुछ और यह सब मायाचारी के बहुत बड़े लक्षण हैं। मन में कुटिल भाव रखते हुए ऊपर से अच्छा बनने का प्रयास करना ही मायाचारी कहलाता है। जैन धर्म में हमेशा से मायाचारी को त्यागकर जीवन में सरलता और निष्कपट भाव अपनाने का बहुत सुंदर संदेश दिया गया है, जिसे सभी को अपने जीवन में उतारना चाहिए। इस पावन अवसर पर मंदिर में मौजूद सभी भक्तों ने धर्म की इन बातों को बहुत ध्यान से सुना और अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
वहीं आगामी कार्यक्रम के तहत कल सम्यक पाठशाला के नन्हें बच्चों द्वारा विज्ञान नगर मंदिर में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम में बच्चे विभिन्न प्रकार की धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दशलक्षण महापर्व के महान संदेशों को सभी के सामने प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महावीर जी अजमेरा रहेंगे, जिनके सान्निध्य में यह पूरा आयोजन संपन्न होगा। इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में धार्मिक संस्कारों का विकास होता है और वे अपनी प्राचीन संस्कृति से जुड़ते हैं, जिससे समाज में एक बहुत ही सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश जाता है और सभी लोग आनंदित होते हैं।
इन सभी धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में समाज के कई प्रतिष्ठित लोग पूरी सक्रियता के साथ शामिल हुए। कार्यक्रमों में इंद्र कुमार जैन, देवेंद्र गंगवाल, सुनील कासलीवाल, आशीष जैसवाल, अरविंद ठौरा, विपीन जैन, अमित चीकू, मुकेश खटोड़, अनुज बाकलीवाल एवं अनिल काला सहित समाज के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर पर्व के इस पवित्र माहौल में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और जैन धर्म के सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार में अपना बहुमूल्य योगदान दिया। इस दौरान मंदिर परिसर का पूरा वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय और ऊर्जावान बना रहा, जिसे देखकर वहां मौजूद हर एक श्रद्धालु का मन बेहद प्रसन्न हो गया।
दशलक्षण महापर्व के दौरान आयोजित इन सभी कार्यक्रमों ने जैन समाज के लोगों को एकसूत्र में पिरोने का बहुत बड़ा काम किया है। इस तरह के आयोजनों से आपसी भाईचारा बढ़ता है और धर्म के प्रति आस्था भी और अधिक मजबूत होती है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इन आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी श्रद्धा अर्पित की। मंदिर कमेटी और सभी कार्यकर्ताओं के सहयोग से यह पूरा आयोजन बेहद सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसे लोग लंबे समय तक याद रखेंगे। इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कोटा में धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ किया जाता है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। दशलक्षण महापर्व और जैन मंदिर के इन आयोजनों से जुड़े सभी तथ्य प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पूरी तरह से प्रामाणिक हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
September 18, 2026: 8:44 PM
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