कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। मनुष्य जन्म के समय कुछ लेकर नहीं आता और मृत्यु के समय भी संसार की कोई वस्तु साथ नहीं ले जा सकता। इसके बावजूद जीवनभर पर पदार्थों को एकत्र करने की प्रवृत्ति में लगा रहता है। पर पदार्थों से प्राप्त सुख क्षणिक होता है, जबकि लोभ आत्मा को अपवित्र करने वाली प्रमुख कषाय है। चौबीस घंटे इच्छाएं मनुष्य से निरंतर कर्म करवाती रहती हैं और इन्हीं इच्छाओं के जाल में मनुष्य लोभ के कारण फंसता चला जाता है। लोभ समाप्त होते ही आत्मा की पवित्रता का मार्ग प्रशस्त होता है। विज्ञाननगर जैन मंदिर के महामंत्री अनिल ठौरा ने बताया कि कार्यक्रम में जैन सोशल ग्रुप चंबल सिटी की ओर से मुख्य शांति धारा की गई, जिसमें सभी ने धर्मलाभ लिया।
पारसनाथ भगवान पर शांति धारा का विशेष सौभाग्य राजेंद्र पाटनी को प्राप्त हुआ। इसके अलावा प्रवीण जैन, त्रिलोक जैन, जीनेश सेठी, चेतन प्रकाश बंसल, पीके हरसोरा, पारस जैन, अनिल बाकलीवाल, विजय पाटौदी, आशीष जैसवाल, महावीर जैन, अरुण पांडेया, सुनील जैन, आवा मूलचंद जैन, मनोज टौगया, मनोज जैसवाल, विनोद बाहुबली, अनिल ठौरा, इंद्र कुमार जैन, बीरधी चंद जैन, अरविंद ठौरा एवं पदम हरसोरा सहित तमाम श्रद्धालुओं ने भी अभिषेक एवं शांति धारा के इस पवित्र अनुष्ठान में पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर में गूंज रहे मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय और ऊर्जावान बन गया, जिससे वहां मौजूद हर एक श्रद्धालु का मन प्रफुल्लित हो उठा।
मंदिर अध्यक्ष राजमल पाटौदी ने बताया कि पुष्पदंत भगवान के मुख्य कल्याण दिवस के पावन अवसर पर सीताराम जैन एवं मनोरमा बाबरिया के द्वारा पूरी विधि-विधान और अटूट भक्तिभाव के साथ विशेष पूजन कराया गया। इस अवसर पर निर्माण कांड का वाचन किया गया और भगवान को निर्माण मोदक अर्पित किए गए। मोदक चढ़ाने का परम सौभाग्य श्री अनिल एवं सुनीता ठौरा को प्राप्त हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने भगवान के चरणों में अपनी हाजिरी लगाई और अपने जीवन को धन्य बनाया। इस तरह के आयोजनों से समाज में धार्मिकता और आपसी सौहार्द की भावना का प्रसार होता है, जो आज के समय में बेहद आवश्यक है।
सायंकाल के समय समेदशिखर की बहुत ही सुंदर भाव-वंदना कराई गई। इसके बाद सामायिक एवं पूरी तन्मयता के साथ भक्तिभाव से महाआरती का आयोजन किया गया। रात्रि के समय समंती पाठशाला के छोटे-छोटे बच्चों ने बहुत ही आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों की इन मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी समाजबंधुओं का मन मोह लिया और हर किसी ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस सुंदर कार्यक्रम की भरपूर सराहना की। बच्चों की कला ने सभी बड़ों को मंत्रमुग्ध कर दिया और यह साबित कर दिया कि हमारे संस्कार आज भी युवा पीढ़ी और बच्चों में पूरी तरह सुरक्षित और जीवंत हैं।
इस संपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में श्री महावीर अजमेरा तथा विशेष अतिथि के रूप में राजमल पाटौदी, चैतन्य बंसल, राजेंद्र पाटनी, सुनील कासलीवाल, विजय पाटनी एवं कन्हैया लाल जैन ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। समाचार एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन सभी धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में समाजबंधुओं ने बढ़-चढ़कर उत्साहपूर्वक भाग लिया और धर्मलाभ प्राप्त किया। इस प्रकार के आयोजनों से समाज में एकता, प्रेम और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की प्रेरणा मिलती है, जो भविष्य के लिए एक बहुत ही सकारात्मक कदम है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। धार्मिक अनुष्ठान और मंदिर कार्यक्रमों से जुड़े सभी तथ्य सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुरूप हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
September 19, 2026: 8:17 PM
© 2026 Rex TV India
Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com