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Rex TV India
Latest News राजस्थान Digital Newsletter 21 Sep 2026 · 7:45 PM

वार्ता विफल! सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसानों का महापड़ाव शुरू 

किसानो का महापड़ाव जारी

अनूपगढ़, राजस्थान। क्षेत्र में सिंचाई पानी के गंभीर संकट और फसलों की बर्बादी के खिलाफ किसानों का गुस्सा लगातार फूट रहा है। इंदिरा गांधी नहर परियोजना की अनूपगढ़ शाखा पर निर्भर किसानों की मांग है कि उनकी फसलों को बचाने के लिए तुरंत पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाए। इसी मांग को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहे आंदोलन के तहत किसानों ने एडीएम कार्यालय के बाहर कड़ा पहरा डालते हुए महापड़ाव डाला है। इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। किसानों और प्रशासन के बीच तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए स्थानीय पुलिस के आला अधिकारी लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।  [1]

वार्ता विफल

किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला कलेक्टर अमित यादव और खेत बचाओ संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के बीच एडीएम कार्यालय में करीब डेढ़ घंटे तक उच्चस्तरीय वार्ता आयोजित की गई। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मनमानी और हठधर्मिता के कारण उनकी फसलें सूखकर तबाह हो रही हैं। किसानों ने स्पष्ट रूप से मांग की कि मुख्य अभियंता प्रदीप रस्तोगी और अतिरिक्त मुख्य अभियंता सुनील कटारिया को उनके पदों से तुरंत हटाया जाए। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा संतोषजनक जवाब और ठोस आश्वासन न मिलने के कारण यह महत्वपूर्ण वार्ता पूरी तरह विफल साबित हुई।

आंदोलन तेज

वार्ता बेनतीजा रहने के बाद किसानों का आक्रोश और अधिक भड़क गया है तथा उन्होंने अपने आंदोलन को और अधिक आक्रामक बनाने का खुला ऐलान कर दिया है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे प्रशासनिक कामकाज को पूरी तरह ठप कर देंगे। आंदोलनरत किसानों का कहना है कि जब तक सिंचाई पानी के स्थाई रेगुलेशन और मुआवजा राशि का स्पष्ट प्रावधान नहीं किया जाता, तब तक उनका यह महापड़ाव इसी प्रकार जारी रहेगा। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार किसानों से समझाइश करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

अगली रणनीति

किसानों ने एकजुट होकर यह निर्णय लिया है कि वे अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं और आर-पार की लड़ाई का मन बना चुके हैं। क्षेत्र के राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी किसानों के इस महापड़ाव को अपना समर्थन देना शुरू कर दिया है। प्रशासन के लिए यह स्थिति एक बड़ी चुनौती बन चुकी है क्योंकि किसानों का रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। आगामी दिनों में इस किसान महापड़ाव के और अधिक उग्र होने की पूरी संभावना है, जिस पर शासन और प्रशासन की विशेष नजर टिकी हुई है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। किसान महापड़ाव और प्रशासनिक वार्ता से जुड़ी जानकारी पाठकों की जागरूकता के लिए दी गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 21, 2026: 7:45 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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