लखनऊ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने देहरादून से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर स्टॉक ट्रेडिंग फ्रॉड के जरिए लोगों से करोड़ों रुपये ठगने का गंभीर आरोप है। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह मामला लखनऊ के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। PTI की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी विवेक कुमार सिंह और उसके साथी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी विज्ञापन प्रसारित करते थे। इन विज्ञापनों में निवेशकों को शेयर बाजार और आईपीओ निवेश के जरिए भारी मुनाफे का लालच दिया जाता था। [1]
सोशल मीडिया विज्ञापनों के माध्यम से आकर्षित लोगों को विशेष व्हाट्सएप ग्रुप्स में जोड़ा जाता था। इन ग्रुप्स में निवेशकों को स्टॉक ट्रेडिंग फ्रॉड से संबंधित फर्जी प्रशिक्षण सामग्री और झूठे मुनाफे के स्क्रीनशॉट भेजे जाते थे। आरोपियों द्वारा निवेशकों को एक विशेष मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करने के निर्देश दिए जाते थे। इस एप्लीकेशन के डैशबोर्ड पर निवेशकों को उनकी जमा राशि पर भारी मुनाफा दिखाया जाता था, जो पूरी तरह फर्जी होता था। अधिक रिटर्न की उम्मीद में निवेशक लगातार बड़ी रकम विभिन्न बैंक खातों में जमा करते रहते थे।
ठगी से जुटाई गई राशि को विभिन्न फर्जी कंपनियों के खातों के जरिए ट्रांसफर किया जाता था। इसके बाद इस राशि को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेशों में बैठे सहयोगियों तक पहुंचाया जाता था। उत्तर प्रदेश एसटीएफ की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर हजारों शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश तेजी से की जा रही है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर मिलने वाले ऐसे लुभावने निवेश प्रस्तावों और स्टॉक ट्रेडिंग फ्रॉड से पूरी तरह सतर्क रहें।
इस तरह के वित्तीय मामलों में आम नागरिकों को बहुत अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। किसी भी अनजान एप्लीकेशन को डाउनलोड करने से पहले उसकी पूरी वैधानिकता की जांच कर लेनी चाहिए। शेयर बाजार में निवेश करने के लिए हमेशा सेबी द्वारा अधिकृत पंजीकृत ब्रोकरों का ही उपयोग करना चाहिए। यदि किसी भी व्यक्ति को ऐसे किसी संदिग्ध नेटवर्क या धोखाधड़ी की गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो उसे तुरंत संबंधित साइबर क्राइम सेल को सूचित करना चाहिए। सतर्कता और समय पर दी गई सूचना ही इस प्रकार के बड़े वित्तीय अपराधों को रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम साबित होती है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में जांच एजेंसियों के आधिकारिक अपडेट सर्वोपरि हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Author:अजय त्यागी
September 23, 2026: 9:14 AM
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