WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News उत्तराखंड Digital Newsletter 26 Sep 2026 · 7:03 PM

खराब मौसम के कारण चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा स्थगित

प्रतीकात्मक फोटो

देहरादून, भारत। पहाड़ी राज्यों के मौसम और जनजीवन से जुड़ी इस वक्त एक बेहद अहम और बड़ी खबर सामने आ रही है। ईटीवी भारत की एक रिपोर्ट के अनुसार, खराब मौसम और लगातार हो रही भारी बारिश के कारण प्रसिद्ध चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब की यात्रा को पूरी तरह से स्थगित कर दिया गया है। मौसम विभाग द्वारा जारी की गई चेतावनियों के बाद प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है, ताकि पहाड़ी रास्तों पर सफर कर रहे किसी भी श्रद्धालु की जान जोखिम में न पड़े और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत बनी रहे।  [1]

मौसम का कहर

प्राप्त विस्तृत जानकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड के ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार मूसलाधार बारिश और बर्फीले तूफानों का दौर जारी है। इस खतरनाक मौसम की वजह से पहाड़ों से बड़े पैमाने पर पत्थरों के खिसकने और रास्तों के धंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है। चारधाम यात्रा के विभिन्न पड़ावों और पैदल मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन ने एहतियातन सभी ट्रेकिंग गतिविधियों पर रोक लगा दी है ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से समय रहते प्रभावी रूप से निपटा जा सके।

प्रशासनिक निर्देश

राज्य सरकार और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फिलहाल सुरक्षित स्थानों पर ही ठहरें। विभिन्न जिलों के प्रशासनिक अमले को पूरी तरह से मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि फंसे हुए यात्रियों को तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। चारधाम यात्रा मार्ग पर जगह-जगह पुलिस बल और आपदा प्रबंधन की टीमों को तैनात कर दिया गया है, जो आने-जाने वाले लोगों पर कड़ी नजर रख रही हैं। अधिकारियों का यह स्पष्ट कहना है कि जब तक मौसम पूरी तरह साफ नहीं हो जाता, तब तक किसी भी नए जत्थे को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

हेमकुंड साहिब

सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब जाने वाले रास्ते पर भी मौसम की बेरुखी का भारी असर देखने को मिल रहा है और वहां भी यात्रा रोक दी गई है। गोविंदघाट और घांघरिया के बीच स्थित पैदल मार्गों पर बर्फबारी और बारिश के कारण चलना बेहद खतरनाक हो गया है, जिसे ध्यान में रखते हुए प्रबंधन समिति ने यह फैसला लिया है। हेमकुंड साहिब की यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित ठिकानों पर रोक लिया गया है और उन्हें मौसम में सुधार होने तक धैर्य रखने की सलाह दी जा रही है। सुरक्षा बल लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं ताकि स्थिति सामान्य होते ही राहत कार्य शुरू किए जा सकें।

यात्रियों की परेशानी

इस अचानक लगे प्रतिबंध के कारण उत्तराखंड के विभिन्न पड़ावों और ऋषिकेश जैसे मुख्य पंजीकरण केंद्रों पर हजारों तीर्थयात्री फंसे हुए नजर आ रहे हैं। चारधाम यात्रा के बीच में रुक जाने से देश भर से आए श्रद्धालुओं को होटलों और विश्राम गृहों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, स्थानीय प्रशासन और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा इन रुके हुए यात्रियों के लिए भोजन और रहने की उचित व्यवस्था करने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। तीर्थयात्रियों का यह कहना है कि वे मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि वे बिना किसी जोखिम के अपने पवित्र दर्शन के संकल्प को पूरा कर सकें।

मौसम पूर्वानुमान

मौसम विभाग के ताजा अनुमानों के अनुसार, आने वाले अगले कुछ दिनों तक पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी का यह दौर इसी प्रकार लगातार जारी रहने की संभावना है। चारधाम यात्रा के मार्गों पर विजिबिलिटी बेहद कम हो चुकी है और तेज हवाएं चलने के कारण तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। वैज्ञानिकों और मौसम विशेषज्ञों का यह मानना है कि सितंबर के इस आखिरी सप्ताह में इस तरह का खराब मौसम पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति को और अधिक संवेदनशील बना देता है। प्रशासन लगातार सैटेलाइट और रडार के जरिए मौसम की हर गतिविधि पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है ताकि सही समय पर उचित कदम उठाए जा सकें।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। किसी भी परिस्थिति में सम्बंधित मंत्रालय/विभाग की सूचना को अंतिम माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 26, 2026: 7:03 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —