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Rex TV India
Latest News दिल्ली Digital Newsletter 28 Sep 2026 · 12:09 PM

ललित कला अकादमी करेगी देश भर के 20 प्रतिभावान कलाकारों का सम्मान

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली, भारत। देश के कला जगत से जुड़ी एक बेहद उत्साहजनक खबर सामने आ रही है, जो समकालीन भारतीय दृश्य कला की उत्कृष्ट परंपरा को रेखांकित करती है। संस्कृति मंत्रालय और ललित कला अकादमी (National Academy of Art) द्वारा आयोजित की जाने वाली इस प्रतिष्ठित वार्षिक प्रदर्शनी में इस बार देश भर के कलाकारों से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया देखने को मिली है। अकादमी को विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हजारों की संख्या में कलाकृतियां प्राप्त हुई थीं, जिनमें से 20 चुनिंदा सर्वश्रेष्ठ कृतियों का चयन किया गया है।  [1]

चयन प्रक्रिया और भागीदारी

विस्तृत जानकारियों के मुताबिक, इस राष्ट्रीय प्रदर्शनी के लिए कुल 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 2,495 कलाकारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था, जिनकी कुल 6,175 कलाकृतियां प्राप्त हुई थीं। इन सभी प्रविष्टियों की गहन और पारदर्शी समीक्षा के लिए अकादमी द्वारा प्रथम-स्तरीय जूरी का गठन किया गया था, जिसने कठोर चयन प्रक्रिया के बाद प्रदर्शनी में प्रदर्शन के लिए कुल 270 उत्कृष्ट कलाकृतियों को अंतिम रूप से चुना। इसके पश्चात, द्वितीय-स्तरीय जूरी ने इन चुनिंदा कृतियों में से सर्वश्रेष्ठ 20 कलाकृतियों और उनके रचनाकारों को मुख्य पुरस्कार के लिए चुना है।

विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार

ललित कला अकादमी द्वारा घोषित की गई इस प्रतिष्ठित सूची में मूर्तिकला, चित्रकला, प्रिंटमेकिंग, रेखांकन और अन्य नवीन माध्यमों से जुड़े कलाकार शामिल हैं। पुरस्कार पाने वाले प्रमुख रचनाकारों में मूर्तिकला श्रेणी के तहत चंद्र शेखर साईं (टेराकोटा), निधि चोपड़ा (सिरेमिक) और निमाई सिंह सरंगबम (टीक वुड) ने अपनी अनूठी कला का लोहा मनवाया है। इसके अलावा, चित्रकला (पेंटिंग) विधा में गोपाल चंद्र नस्कर, किशोर कुमार नरखडियावाला, मृणाल डे, प्रवीण कुमार, राजेंद्र प्रसाद, रमेश विठल थोरात, संजय कुमार, संजय कुमार साहनी, संजीत कुमार गोगोई, सिद्धार्थ शाहजीराव शिंगाड़े और विजेंद्र शर्मा की कृतियों को भी इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया है।

अन्य कला विधाओं के विजेता

चित्रकला और मूर्तिकला के साथ-साथ रेखांकन (ड्राइंग), प्रिंटमेकिंग और मिश्रित माध्यमों (मिश्रित मीडिया) में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को भी सम्मानित किया गया है। इनमें रेखांकन श्रेणी में पंकज कुमार शर्मा, प्रिंटमेकिंग में प्रीतम मधुकर देउसकर, तथा अन्य विधाओं में सांता देव, उषारंजन मंडल और पूजा राजपूत के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन सभी कलाकारों की कृतियां समकालीन भारतीय समाज, प्रकृति, पर्यावरण, संस्कृति और मानवीय भावनाओं के गहरे पहलुओं को बेहद खूबसूरती और सटिकता के साथ दर्शाती हैं।

कला अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन

ललित कला अकादमी के अधिकारियों का यह मानना है कि यह राष्ट्रीय प्रदर्शनी केवल कलाकारों की प्रतिभा को सम्मानित करने का मंच नहीं है, बल्कि यह देश की क्रिएटिव इकोनॉमी (सृजनात्मक अर्थव्यवस्था) को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाती है। इस तरह के आयोजनों से कलाकारों, कला प्रेमियों, संग्राहकों (कलेक्टर्स) और प्रमुख कला संस्थानों को एक साझा मंच मिलता है, जिससे कलाकारों को वैश्विक स्तर पर दृश्यता और नए व्यावसायिक अवसर प्राप्त होते हैं। अकादमी ने सभी विजेताओं और भाग लेने वाले कलाकारों को बधाई देते हुए कला जगत के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 28, 2026: 12:09 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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