कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। कोटा जिले के सांगोद विधानसभा क्षेत्र में एनएसयूआई कोटा देहात की प्रथम मासिक बैठक का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें संगठन के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष रिद्धम शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस महत्वपूर्ण बैठक में कोटा विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह पानाहेड़ा सहित विभिन्न महाविद्यालयों के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और सक्रिय एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक के दौरान संगठन के विस्तार पर जोर देने के साथ-साथ विद्यार्थियों से जुड़ी विभिन्न शैक्षणिक और मूलभूत समस्याओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया, जिससे छात्रहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा सके।
बैठक संपन्न होने के तुरंत बाद एनएसयूआई देहात जिलाध्यक्ष रिद्धम शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राजकीय महाविद्यालय सांगोद पहुँचकर गंभीर समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। महाविद्यालय में नियमित शिक्षकों की नियुक्ति करने, विज्ञान संकाय शुरू करने, नए विषयों की स्वीकृति देने तथा छात्र सुविधाओं के विस्तार की प्रमुख माँगों को लेकर प्रशासन को एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि इस महाविद्यालय में सांगोद क्षेत्र के दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों से सैकड़ों विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन आते हैं, लेकिन स्थायी स्टाफ और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी के कारण उन्हें लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
छात्र संगठन ने विद्या संबल योजना के स्थान पर महाविद्यालय में पूरी तरह से नियमित एवं स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति किए जाने को अपनी सबसे बड़ी और प्रमुख माँग बताया। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि अस्थायी शिक्षकों की व्यवस्था होने के कारण कक्षाओं के अध्यापन कार्य में निरंतरता बुरी तरह प्रभावित होती है, इसलिए विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए नियमित प्रोफेसरों के पद तुरंत भरे जाएं। इसके अलावा, राजकीय महाविद्यालय सांगोद में विज्ञान संकाय यानी बीएससी की तत्काल शुरुआत करने की पुरजोर मांग की गई ताकि स्थानीय विद्यार्थियों को विज्ञान विषयों की पढ़ाई के लिए कोटा या अन्य दूरदराज के बड़े शहरों में जाने के लिए मजबूर न होना पड़े।

ज्ञापन में कला संकाय के अंतर्गत स्नातक स्तर पर इतिहास, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, अंग्रेजी साहित्य, दर्शनशास्त्र और मनोविज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय शुरू करने की मांग रखी गई। वहीं दूसरी ओर, स्नातकोत्तर यानी एमए स्तर पर भूगोल, गृह विज्ञान, हिंदी साहित्य, लोक प्रशासन, संस्कृत साहित्य, उर्दू साहित्य तथा चित्रकला जैसे उपयोगी विषयों की स्वीकृति दिए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों और विशेषकर छात्राओं के लिए महाविद्यालय आने-जाने हेतु निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई, ताकि मूल आईडी दिखाने पर बसों में आवागमन सुगम हो सके।
बैठक के अंत में एनएसयूआई देहात जिलाध्यक्ष रिद्धम शर्मा ने आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि संगठन जल्द ही ‘कैंपस यात्रा’ का शुभारंभ करेगा। इस यात्रा के माध्यम से क्षेत्र के विभिन्न महाविद्यालयों में प्रत्यक्ष रूप से पहुँचकर विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया जाएगा और उनकी समस्याओं की जानकारी एकत्रित कर उन्हें संबंधित प्रशासन के समक्ष उठाया जाएगा। बैठक में कार्यकर्ताओं ने आगामी दिनों में इस कैंपस यात्रा को व्यापक रूप देने और छात्रहित के संघर्ष को और अधिक तेज करने को लेकर पूरी प्रतिबद्धता के साथ चर्चा की, जिससे छात्र समुदाय को अधिक से अधिक राहत दिलाई जा सके।
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Author:अजय त्यागी
September 28, 2026: 9:51 PM
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