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Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 29 Sep 2026 · 12:08 PM

अस्पताल में ऑपरेशन के बाद पेट में छूटा सर्जिकल स्पंज, देना होगा मुआवजा

प्रतीकात्मक फोटो

चंबा, हिमाचल प्रदेश। चंबा जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने चिकित्सा जगत को झकझोर देने वाले एक गंभीर मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए मल्होत्रा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के खिलाफ ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। आयोग ने पथरी के ऑपरेशन के दौरान मरीज के पेट के अंदर सर्जिकल स्पंज छोड़ने की घोर लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लिया है। इस गंभीर चिकित्सीय चूक के कारण मरीज को एक साल तक असहनीय शारीरिक और मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ा था। उपभोक्ता आयोग ने इस मामले में अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टरों को दोषी मानते हुए कुल 5.12 लाख रुपये का मुआवजा पीड़ित मरीज को अदा करने का सख्त निर्देश दिया है, जिससे चिकित्सा क्षेत्र में नियमों की अनदेखी करने वालों में हड़कंप मच गया है।  [1]

लापरवाही का खुलासा

पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब चंबा के एक मरीज ने पथरी के इलाज और उसके ऑपरेशन के लिए मल्होत्रा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का रुख किया था। अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा यह दावा किया गया था कि ऑपरेशन पूरी तरह से सफल रहा है और मरीज को कुछ दिनों बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालांकि, घर लौटने के बाद से ही मरीज के पेट में लगातार तेज दर्द, संक्रमण और बेचैनी बनी रही। मरीज ने जब कई अन्य डॉक्टरों से जांच करवाई और अल्ट्रासाउंड तथा अन्य आधुनिक मेडिकल टेस्ट हुए, तब जाकर इस राज से पर्दा उठा कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही के कारण पेट के भीतर ही एक सर्जिकल स्पंज छूटा रह गया था। एक साल तक इस गंभीर आंतरिक संक्रमण और दर्द को झेलने के बाद पीड़ित ने न्याय के लिए उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया, जहाँ चिकित्सीय लापरवाही का यह सनसनीखेज मामला साबित हुआ।

आयोग का सख्त निर्देश

चंबा उपभोक्ता आयोग की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और मेडिकल रिकॉर्ड्स व साक्ष्यों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद यह पाया कि अस्पताल और ऑपरेशन करने वाले चिकित्सकों ने अपने पेशेवर कर्तव्य के दौरान भारी लापरवाही बरती है। आयोग ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि सर्जरी जैसे संवेदनशील और जीवन से जुड़े मामलों में इस तरह की बुनियादी और खतरनाक चूक को किसी भी सूरत में माफ नहीं किया जा सकता। इसके चलते आयोग ने अस्पताल प्रबंधन को आदेश दिया कि वह मानसिक प्रताड़ना, शारीरिक कष्ट और इलाज के खर्च के हर्जाने के रूप में कुल 5.12 लाख रुपये की राशि जल्द से जल्द पीड़ित मरीज को भुगतान करे। आयोग के इस कड़े फैसले से यह संदेश गया है कि मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों और लापरवाह डॉक्टरों को कानून के शिकंजे से राहत नहीं मिलने वाली है।

चिकित्सीय जवाबदेही

सुनवाई के दौरान अस्पताल और संबंधित पक्षों की तरफ से अपने बचाव में कई दलीलें दी गईं, लेकिन आयोग के सामने पेश किए गए पुख्ता मेडिकल सबूतों और दस्तावेजों के आगे उनकी एक नहीं चली। फोरेंसिक और चिकित्सीय रिपोर्ट्स ने यह साबित कर दिया कि मरीज के शरीर में संक्रमण का एकमात्र कारण पेट के अंदर भूला हुआ वह सर्जिकल स्पंज ही था। कानूनी जानकारों का मानना है कि इस तरह के फैसले देश भर के निजी और सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले सर्जनों और मेडिकल स्टाफ को अधिक सतर्क और जिम्मेदार बनने के लिए मजबूर करते हैं। ऑपरेशन थियेटर के भीतर बरती जाने वाली जरा सी भी असावधानी किसी की जान के लिए कितनी घातक साबित हो सकती है, यह मामला इसका एक बड़ा उदाहरण है।

कानूनी और सामाजिक असर

इस ऐतिहासिक फैसले के बाद से स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल लापरवाही के मामलों को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छिड़ गई है। चंबा जिला उपभोक्ता आयोग के इस कड़े आदेश ने यह साबित कर दिया है कि आम नागरिक और मरीज यदि अपने अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ें, तो न्याय प्रणाली उन्हें पूरा संबल देती है। आयोग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि तय समय सीमा के भीतर मुआवजे की राशि पीड़ित तक पहुंचे, ताकि उसे न्याय मिल सके। इस प्रकार के कड़े न्यायिक रुख से न केवल अस्पतालों की मनमानी पर लगाम लगेगी, बल्कि भविष्य में होने वाली ऐसी गंभीर मेडिकल गलतियों से बचने के लिए डॉक्टर ऑपरेशन के दौरान पूरी सावधानी बरतने को विवश होंगे।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह रिपोर्ट चंबा जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के हालिया फैसले और प्रमाणित समाचार स्रोतों से प्राप्त सार्वजनिक जानकारियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य पाठकों तक न्यायव्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण और निष्पक्ष तथ्यों को पहुंचाना है। इस प्रकरण से जुड़े किसी भी न्यायिक आदेश या तकनीकी विवरण में भविष्य में होने वाले बदलावों के लिए संबंधित न्यायालय का निर्णय ही अंतिम और सर्वमान्य होगा। इस रिपोर्ट के आधार पर किसी भी प्रकार के कानूनी या अन्य निष्कर्ष निकालने के लिए प्रकाशक या लेखक उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 29, 2026: 12:08 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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