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Rex TV India
Latest News प्रादेशिक Digital Newsletter 29 Sep 2026 · 4:22 PM

बस्तर में भीषण बाढ़ से मची तबाही, छतों पर चढ़े ग्रामीण

बस्तर का एक बाढ़ प्रभावित इलाका

सुकमा/बस्तर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में प्रकृति का भयंकर रूप देखने को मिला है, जहाँ लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और नदियों के उफान पर आने से आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। बस्तर के कई दूरदराज के गांवों और निचले इलाकों में पानी तेजी से घरों के अंदर घुस गया, जिससे स्थानीय लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। अपनी जान बचाने के लिए भयभीत और बेबस ग्रामीणों को मजबूरन अपने घरों की छतों और ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। इस दिल दहला देने वाले संकट के बीच स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए प्रभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और राहत सामग्री पहुँचाने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।  [1]

बाढ़ की विभीषिका

क्षेत्र में पिछले कई दिनों से जारी लगातार बारिश के कारण न केवल नदियां और नाले खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं, बल्कि कई इलाकों में छोटे पुल और रास्ते भी पूरी तरह से डूब चुके हैं। बस्तर के सुकमा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बनी हुई है, जहाँ बाढ़ के पानी ने मुख्य मार्गों का संपर्क काट दिया है और चारों तरफ केवल पानी ही पानी नजर आ रहा है। घरों में पानी भर जाने के कारण लोगों का जरूरी सामान, अनाज और मवेशी भी पानी में डूब गए हैं। इस आपदा के कारण बेघर हुए सैकड़ों ग्रामीणों को सुरक्षित राहत शिविरों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया लगातार जारी है, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके और पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके।

प्रशासनिक राहत कार्य

इस भयानक प्राकृतिक आपदा की सूचना मिलते ही राज्य सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है। मुख्यमंत्री और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति पर कड़ी नजर रखते हुए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर दिया है। बराबारी और तेज बहाव के बीच बचाव दल रबर की नावों की मदद से पानी में फंसे लोगों तक पहुँच रहे हैं और बुजुर्गों तथा बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल रहे हैं। प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित स्थानों पर भोजन, पीने के पानी और दवाइयों की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर एक फंसे हुए नागरिक तक समय रहते मदद पहुंचाई जा सके और इस आपदा से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

ग्रामीणों का संघर्ष

इस विकट परिस्थिति में बस्तर के ग्रामीणों का अदम्य साहस और संघर्ष देखने को मिल रहा है, जिन्होंने बेहद कठिन हालातों में भी एक-दूसरे की मदद करते हुए अपनी जान बचाई है। लगातार बढ़ते जलस्तर और चारों तरफ पानी के सैलाब के बीच घंटों छतों पर बैठकर मदद का इंतजार कर रहे परिवारों का दर्द हर किसी को झकझोर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में इस तरह की भयंकर बाढ़ का सामना कभी नहीं किया था, जिसने पल भर में उनका सब कुछ उजाड़ दिया। राहत शिविरों में रह रहे पीड़ितों के चेहरों पर अपने आशियाने उजड़ने का गम साफ झलक रहा है, लेकिन प्रशासन द्वारा दिए जा रहे सहयोग से उन्हें इस मुश्किल घड़ी से उबरने की थोड़ी उम्मीद बंध रही है।

राहत और बचाव 

बस्तर के कई इलाके घने जंगलों और दुर्गम भौगोलिक स्थिति वाले हैं, जिसके कारण बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों तक भारी बचाव उपकरणों और राहत सामग्री को पहुँचाना प्रशासनिक टीमों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। इसके बावजूद मौसम विभाग की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अगले कुछ दिनों के लिए हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। चिकित्सा दलों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि बाढ़ के बाद फैलने वाली जलजनित बीमारियों और संक्रमण से लोगों को बचाया जा सके। इस संकट की घड़ी में पूरा राज्य बस्तर के साथ खड़ा है और हरसंभव मदद पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि इस आपदा से प्रभावित लोगों का जीवन जल्द से जल्द सामान्य हो सके।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी September 29, 2026: 4:22 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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