अहमदाबाद, गुजरात। महिला काव्य मंच द्वारा शुक्रवार को आईआईएम अहमदाबाद के फैकल्टी क्लब में भव्य अंतरराष्ट्रीय काव्य सम्मेलन आयोजित किया गया। आचार्य नरेश नाज द्वारा स्थापित संस्था के मन से मंच तक कार्यक्रम में गुजरात प्रांतीय अध्यक्ष कुमुद वर्मा आयोजक रहीं। सम्मेलन की अध्यक्षता मकाम ट्रस्ट की अध्यक्ष नियति गुप्ता ने की। मंच पर वैश्विक उपाध्यक्ष शालू गुप्ता, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रचना निगम, मालविका रायमेधि दास मेधा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरला विजय सिंह सरल, राष्ट्रीय महासचिव डॉ कमल प्रभा कपानी और महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी वडोदरा की कला संकाय डीन डॉ कल्पना गवली प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। मां सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन से शुभारंभ हुआ।
महिला काव्य मंच के सम्मेलन की विशेषता महिला केंद्रित संचालन रहा। आयोजन से लेकर संचालन और भोजन व्यवस्था तक पूरी जिम्मेदारी महिलाओं ने संभाली। दिल्ली, उत्तराखंड, केरल, ओडिशा, असम, राजस्थान, तमिलनाडु, गुजरात, आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अरुणाचल प्रदेश सहित 13 राज्यों की कवयित्रियों ने भाग लिया। इससे कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्वरूप मिला। सम्मेलन में कवयित्रियों ने अपने साहित्यिक विचार और रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की। आयोजन का उद्देश्य महिला प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने और साहित्यिक गतिविधियों में उनकी सहभागिता को सामने लाना रहा। कार्यक्रम में मौजूद प्रतिभागियों और अतिथियों ने विभिन्न सत्रों में सक्रिय भागीदारी की।
महिला काव्य मंच के इस आयोजन में मंचासीन अतिथियों ने 5 महत्वपूर्ण कृतियों का विमोचन किया। इनमें मधु प्रसाद की क्यों नहीं रुकते तनिक बसंत, ममता सिंह की अधिकृत मन, ज्योति अमीन की यलो स्टोन पार्क, डॉ पुष्पलता शर्मा का हाइकु संग्रह चंद पुष्प और डॉ रचना निगम द्वारा संपादित पत्रिका नारी अस्मिता शामिल हैं। सम्मेलन के अंतिम सत्र में 3 प्रतिष्ठित पुरस्कारों की घोषणा भी की गई। संस्थापक सम्मान 2025 राष्ट्रीय महासचिव प्रो डॉ कमल प्रभा कपानी को प्रदान किया गया। सर्वोत्तम प्रदेश इकाई अवार्ड 2025 संयुक्त रूप से मणिपुर और गुजरात इकाई को दिया गया।
काव्य गोष्ठी में महिला काव्य मंच से जुड़ी तृप्ति अग्रवाल, रेखा जोशी, डॉ पी लता, कागो मादो, सुनीता अग्रवाल, सरला विजय सिंह सरल, ममता सिंह और डॉ पुष्पलता शर्मा सहित 50 से अधिक कवयित्रियों ने काव्य पाठ किया। विभिन्न राज्यों से पहुंची कवयित्रियों की सहभागिता से सम्मेलन में साहित्यिक विविधता देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान मंचासीन अतिथियों और प्रतिभागियों की मौजूदगी में काव्य पाठ का क्रम चला। आयोजन में पुस्तकों के विमोचन और पुरस्कार घोषणाओं के साथ साहित्यिक गतिविधियों को भी स्थान मिला। सम्मेलन में महिला प्रतिभाओं की भागीदारी और रचनात्मक प्रस्तुतियों पर विशेष ध्यान रहा।
महिला काव्य मंच के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन राष्ट्रीय महासचिव मंजू महिमा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम में 13 राज्यों की कवयित्रियों की भागीदारी, 5 पुस्तकों का विमोचन और 3 पुरस्कारों की घोषणा प्रमुख हिस्से रहे। आयोजकों के अनुसार सम्मेलन में महिलाओं ने आयोजन की विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं और काव्य पाठ में 50 से अधिक कवयित्रियों ने भाग लिया। मंचासीन अतिथियों की उपस्थिति में मां सरस्वती वंदना, दीप प्रज्वलन, पुस्तक विमोचन, पुरस्कार घोषणा और काव्य पाठ के सत्र आयोजित हुए। कार्यक्रम ने महिला काव्य मंच की साहित्यिक गतिविधियों और महिला कवयित्रियों की सहभागिता को एक साझा मंच प्रदान किया।
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Author:अजय त्यागी
October 3, 2026: 11:13 PM
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